रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा है कि केजी डी6 ब्लॉक की निगरानी समिति ने एमए तेलक्षेत्र की संशोधित विकास योजना को मंजूरी दे दी है लेकिन समिति में शामिल सरकारी प्रतिनिधि के इसपर हस्ताक्षर नहीं करने की वजह से यह पिछले तीन माह से अटकी पड़ी है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने दूसरी तिमाही के परिणाम जारी करत हुये निवेशकों के समक्ष रखे गये प्रस्तुतीकरण और प्रेस वक्तव्य में कहा है केजी डी6 ब्लॉक के एमए क्षेत्र में गैस उत्पादन बढ़ाने के लिये संशोधित क्षेत्र विकास योजना फरवरी 2012 में सौंपी गई थी, जिसे इसकी प्रबंधन समिति ने अगस्त में मंजूरी दे दी।
किसी भी तेल एवं गैस क्षेत्र के मामले में प्रबंधन समिति निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था होती है। हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय के प्रमुख की अध्यक्षता वाली इस समिति में तेल मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं। इसमें रिलायंस की भागीदार ब्रिटेन की बीपी और कनाडा की नीको रिसोर्सेज के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
रिलायंस ने कहा है कि एमक्षेत्र के संशोधित क्षेत्र विकास योजना को मंजूरी देने वाले दस्तावेज पर अभी सरकारी प्रतिनिधि ने हस्ताक्षर नहीं किये हैं। इसमें कहा गया है कि संशोधित योजना में क्षेत्र में अतिरिक्त गैस कुओं की खुदाई करने के अलावा दो तेल कुओं को गैस में परिवर्तित करना शामिल है ताकि गैस उत्पादन बढ़ाया जा सके।
रिलायंस केजी..डी6 में 60 प्रतिशत हिस्सेदार के साथ संचालक कंपनी है और जबकि बीपी की इसमें 30 प्रतिशत और नीको की 10 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
भाषा