प्रसाद ने कटाक्ष किया, यह आश्चर्यजनक है कि संप्रग में किसी के मंत्री बनने के बाद ही उसके भाई या संबंधी की उद्यमशीलता अचानक जाग जाती है।
उन्होंने कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल से इस बात का स्पष्टीकरण देने को कहा कि उनके मनोज जायसवाल से क्या संबंध हैं। प्रसाद ने कहा, मनोज जायसवाल को 20, 000 करोड़ रूपयों का बड़ा रिण दिया गया। हम यह जानना चाहेंगे कि क्या 2008 में वह मनोज जायसवाल मामले में मध्यस्थ बने थे। अगर हां, तो किस हैसियत से? वह तो तब गृह राज्य मंत्री थे। अगर वह मनोज से अजनबी थे तो उनके मध्यस्थ कैसे बन गए। ?
गौरतलब है कि मनोज जायसवाल अभिजीत ग्रुप में शामिल हैं जिससे दर्डा बंधुओं के भी संबंध हैं।