ब्रिटेन के बीजी समूह तथा आस्ट्रेलिया की बीएचपी बिलिटन ने मुंबई बेसिन के गहरे समुद्र के ब्लॉक मंे तेल एवं गैस उत्खनन के लिए करार किया है। इन दोनांे को ये ब्लॉक नई उत्खनन लाइसेंसिंग नीति
कुल मिलाकर 2010 मंे नेल्प-नौ के तहत तेल एवं गैस उत्खनन एवं उत्पादन के लिए कुल 34 क्षेत्रांे की पेशकश की गई थी। पिछले साल 28 मार्च को निविदा बंद होने के समय तक 33 ब्लॉकांे के लिए बोलियां मिली थीं।
इनमंे से 16 ब्लॉकांे का आवंटन ओएनजीसी और आयल इंडिया जैसी कंपनियांे को किया गया, वहीं 10 ब्लॉकांे के लिए बोलियां खारिज कर दी गईं, क्योंकि बोली लगाने वाली कंपनियांे ने उम्मीद से कम मुनाफे की पेशकश की थी। जिन 16 ब्लॉकांे का आवंटन किया गया उनमंे से 14 के लिए उत्पादन भागीदारी करार :पीएससी: हो चुका है।
मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलांे की समिति :सीसीईए: ने पिछले महीने 5 और ब्लॉकांे के आवंटन को मंजूरी दी थी और इनमंंे से चार के लिए अनुबंध पर 30 अगस्त को दस्तखत हुए।
मुंबई बेसिन के गहरे समुद्र के एमबी-डीडब्ल्यूएन-2010-1 ब्लॉक के लिए उत्पादन भागीदारी करार पर दस्तखत बीजी एक्सप्लोरेशन एंड प्रोडक्शन लि. के गठजोड़ तथा बीएचपी बिलिटन पेट्रोलियम :अंतरराष्ट्रीय उत्खनन: लि. द्वारा किए गए। इसके साथ ही नेल्प के नौवें दौर के तहत 19 ब्लॉकांे का आवंटन तथा उनके लिए पीएससी पर दस्तखत हो चुके हैं। नेल्प की आठवंे दौर की बोली के तहत 235 ब्लॉक आवंटित किए गए थे।