वकालत के अपने व्यस्त जीवन के बाद पूर्व महाधिवक्ता नरनारायण गुप्तु ने अधिकांशत
बीती रात जस्टिस चित्ततोश मुखर्जी और अपने मित्र अनुभवी फिल्मकार मृणाल सेन की उपस्थिति में एलबम की आडियो सीडी जारी करने के अवसर पर उन्होंने कहा, मैं संगीत प्रेमी हूं। मैं अपनी खुशी के लिये गाता हूॅं। 80 वर्ष की उम्र में पहला एलबम आना रवीन्द्रनाथ के संगीत और कविताओं के प्रति मेरे जूनून का ही परिणाम है।
एलबम जारी करते हुये मृणाल सेन ने कहा, उनका व्यक्तित्व बहुमुखी है। उन्हें कानून, साहित्य, अभिनय, तैराकी व संगीत में बराबर की महारत हासिल है। अगर उन्होंने कुछ पहले गायन के बारे में सोचा होता तो संगीत की दुनिया का भला होता।
इस एलबम की शुरुआत मंगलाचरण से होती है, जिसे उपनिषद से लिया गया है । इसके बाद रवीन्द्र संगीत की 12 रचनाएं और आज के समय का एक प्रसिद्ध बांग्ला गीत है। इसके अलावा इसमें पॉउल रॉबसन द्वारा गाया एक प्रसिद्ध रूसी गाना और पोलैण्ड का एक लोकगीत भी है।
भाषा
नननन