बिजनेस स्टैंडर्ड - श्रीलंका के साथ सीईपीए पर जोर
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श्रीलंका के साथ सीईपीए पर जोर
नयनिमा बसु / नई दिल्ली March 13, 2015

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज श्रीलंका को आश्वस्त किया कि वह पड़ोसी देश के साथ द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। साथ ही उन्होंने समग्र आर्थिक साझेदारी संधि (सीईपीए) की भी वकालत की है।
मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के विस्तार की जरूरत का उल्लेख करते हुए मोदी ने आज कहा कि भारत सभी आवश्यक कदम उठाएगा, जिससे श्रीलंका के सामान भारतीय बाजारों में आसानी से पहुंच सकें। शुक्रवार को श्रीलंका की संसद को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, 'भारत का कारोबारी माहौल ज्यादा खुल रहा है। इस प्रतिस्पर्धी वैश्विक दौर में श्रीलंका को पीछे नहीं रहना चाहिए। हमें एक महत्त्वाकांक्षी समग्र आर्थिक हिस्सेदारी समझौते की ओर बढऩा चाहिए।' मोदी तीन द्वीपीय देशों के इस दौरे में दो देशों, सेशेल्स व मॉरीशस की यात्रा कर दो दिवसीय दौरे पर कोलंबो पहुंचे हैं।  पिछले 28 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली श्रीलंका यात्रा है। इससे पहले 1987 में प्रधानमंत्री राजीव गांधी श्रीलंका यात्रा पर गए थे। 17 साल से एफटीए लागू होने के बावजूद अभी भी दोनों देशों के बीच होने वाला कारोबार भारत के पक्ष में है। इसकी वजह से श्रीलंका सीईपीए पर समझौता करने में असहज महसूस कर रहा है, जबकि 2008 के बाद 13 दौर की बातचीत हो चुकी है।
एफटीए जहां सिर्फ सामान तक सीमित है, वहीं सीईपीए का दायरा सामान, सेवाओं और निवेश तक विस्तृत है। श्रीलंका के साथ एफटीए मार्च 2000 से लागू है।  मोदी ने कहा, 'हम कारोबार बढ़ाने और उसे संतुलित करने के आपकी सभी चिंताओं को दूर करेंगे।'
मोदी ने कहा, 'भारत निवेश का एक प्राकृतिक स्रोत भी हो सकता है, जो आपके बुनियादी ढांचे के विकास में मददगार होगा। आज हमने अच्छी प्रगति की है। आइए हम साथ मिलकर अर्थव्यवस्था की विस्तृत क्षमता का दोहन करें।'भारत और श्रीलंका के बीच अप्रैल 2003 में संयुक्त अध्ययन समूह का भी गठन किया गया था, जिससे द्विपक्षीय कारोबार बढ़ाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों का चयन हो सके।  सीआईआई के एक अध्ययन के मुताबिक भारत के शुल्क व गैर शुल्क बाधाएं बड़ी समस्या है, जिससे श्रीलंका के निर्यातकों को जूझना पड़ता है।
मोदी की पहली श्रीलंका यात्रा के दौरान आज दोनों देशों के बीच 4 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे से मुलाकात की और द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा की। दोनों देशों के बीच वीजा, सीमाशुल्क, युवा विकास और श्रीलंका में रवींद्रनाथ ठाकुर स्मारक बनाने से जुड़े चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। मोदी ने कहा, 'हमारे सीमाशुल्क विभागों के बीच आज हुआ समझौता इसी दिशा में एक कदम है। इससे व्यापार सुगम होगा और दोनों तरफ गैर-शुल्क बाधाएं घटेंगी।' मोदी ने कहा कि भारत त्रिंकोमाली को पेट्रोलियम का बड़ा केंद्र बनाने में मदद के लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि नई दिल्ली रेलवे क्षेत्र में श्रीलंका के लिए 31.8 करोड़ डॉलर तक की नई ऋण सुविधा मुहैया कराएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक और सेंट्रल बैंक आफ श्रीलंका 1.5 अरब डालर का मुद्रा अदला-बदली समझौता करने पर सहमत हो गए हैं ताकि श्रीलंकाई रुपये में दूसरी मुद्राओं के मुकाबले घटबढ़ को स्थिर रखने में मदद मिल सकेगी। 

Keyword: srilanka, CEPA, India,
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