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एफटी मामले में सुनवाई टली
दिलीप कुमार झा / मुंबई March 04, 2015

बंबई उच्च न्यायालय ने आज फाइनैंशियल टेक्नोलॉजिस (एफटीआईएल) द्वारा अपने निदेशक मंडल को हटाने पर रोक लगाने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई 11 मार्च तक टाल दी। इस पर रोक तब तक जारी रहेगी। एफटीआईएल ने उसके बोर्ड को बदलने के कंपनी मामलों के मंत्रालय के प्रयास को रोकने के लिए याचिका दायर की थी। इसके लिए कंपनी मामलों के मंत्रालय ने कंपनी लॉ बोर्ड (सीएलबी) से संपर्क साधा था। न्यायमूर्ति वी एम कानाडे और एआर जोशी के पीठ ने कंपनी मामलों के मंत्रालय से अगली सुनवाई से पहले एक संक्षिप्त जवाब दायर करने को कहा है। इस बीच न्यायालय ने वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) को याचिका में एक पक्ष बनने की मंजूरी दे दी है। एफएमसी के वकील ने तर्क दिया कि यह मसला नियामक द्वारा 17 दिसंबर, 2013 को जारी आदेश से जुड़ा है, जिसमें एफटीआईएल को खुद द्वारा प्रवर्तित सहित किसी भी एक्सचेंज में हिस्सेदारी रखने के लिए अयोग्य ठहराया गया था। इसलिए उसे एक पक्ष बनाया जाए।

यह पूरा मसला उस समय शुरू हुआ, जब एफटीआईएल द्वारा प्रवर्तित हाजिर जिंस कारोबारी प्लेटफॉर्म और नैशनल स्पॉट एक्सचेंज (एनएसईएल) के 24 बकायेदारों ने 13,000 निवेशकों के भुगतान में 5,600 करोड़ रुपये का डिफॉल्ट कर दिया। अगस्त, 2013 में एक्सचेंज को कोई भी नया अनुबंध शुरू न करने का आदेश दिया गया।  तब से इस मामले की मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा, प्रवर्तन निदेशालय और अन्य कई एजेंसियों द्वारा जांच की जा रही है। विभिन्न निवेशक समूहों, डिफॉल्टरों, एनएसईएल और एफटीआईएल द्वारा बहुत से मामले दर्ज कराए गए हैं, जिसमें विभिन्न अथॉरिटीज के आदेशों को चुनौती दी गई है। 

वहीं एफएमसी ने एनएसईएल के एफटीआईएल में विलय की सिफारिश की थी। इस पर कंपनी मामलों के मंत्रालय ने सीएलबी से संपर्क किया और एफटीआईएल के बोर्ड पर कुप्रबंधन और धोखाधड़ी का आरोप लगाया। इस मामले को भी उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है। उच्च न्यायालय ने सीएलबी से अभी आदेश नहीं जारी करने को कहा है, इसलिए सीएलबी ने इस मसले पर 19 मार्च तक सुनवाई टाल दी है। 

एनएसईएल इन्वेस्टर्स एक्शन ग्रुप के संस्थापक केतन शाह ने कहा है कि एनएसईएल के निदेशक मधु पावसकर ने सोशल मीडिया पर उन पर यह आरोप लगाया है कि उन्होंने एनएसईएल के खिलाफ केस लडऩे के लिए एनएसईएल निवेशकों से 2 करोड़ रुपये लिए हैं। शाह ने पीठ के सामने कहा, 'कृपया उनसे (एनएसईएल और एफटीआईएल के वकील) से कहिए कि वह यह साबित करें कि मैंने किसी निवेशक या अन्य से 200 रुपये भी लिए हैं।' न्यायाधीश कानाडे ने शाह से एक हलफनामा दायर करने को कहा।

Keyword: FTIL, company law, court,,
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