बिजनेस स?टैंडर?ड - विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहन के संकेत
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विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहन के संकेत
भाषा / दावोस January 23, 2015

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आगामी बजट में कर की दरें नहीं बढ़ाने तथा विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहन देने का संकेत देते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था की 8-9 प्रतिशत वृद्धि के लिए कुछ 'बुनियादी बदलाव' करने होंगे। यहां विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) द्वारा आयोजित वार्षिक सम्मेलन में वैश्विक निवेशकों जोरदार तरीके से भारत की ओर आकर्षित करते हुए वित्त मंत्री ने स्थिर कर व्यवस्था का भी वादा किया जिसमें किसी अनुचित मांग का नोटिस नहीं जाएगा और न ही पिछली तिथि से कोई नया कर लगाया जाएगा। 'भारत का अगला दशक' पर आयोजित सत्र में उन्होंने कहा, 'विनिर्माण को प्रोत्साहन देने की बात है तो यह मुद्दा हमारे एजेंडे में है। हालांकि पिछले बजट में हमारे पास कुछ ही दिन थे, हमने सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई), राष्ट्रीय निवेश तथा विनिर्माण क्षेत्र (निम्ज) तथा अन्य के लिए प्रावधन किया क्योंकि हम चाहते हैं कि क्षेत्र में तेजी आए और हमारे एजेंडे में इसे उच्च प्राथमिता मिली हुई है।'

विनिवेश, लाभांश तथा स्पेक्ट्रम बिक्री समेत सरकार के राजस्व के विभिन्न स्रोत का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि देश में आर्थिक गतिविधियों के जोर पकडऩे पर सरकार की राजस्व जुटाने की क्षमता भी बढ़ेगी। उन्होंने कल देर रात संवाददाताओं से कहा, 'मैं कर की दर बढ़ाने के पक्ष में नहीं हूं क्योंकि यह अनुत्पादक हो सकता है।' जेटली ने उम्मीद जताई कि भारत ऐसी जगह के करीब है जब निवेश बढ़ेगा क्योंकि बड़ी संख्या में निवेशक हैं जो देश में आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'वे केवल निर्णय लेने की प्रक्रिया तथा नीतियों में स्थिरता में विश्वसनीयता को लेकर आश्वस्त होना चाहते हैं।' जेटली ने आज के सत्र में कहा कि सुधारों की एक शृंखला आगे बढ़ाने की जरूरत है क्योंकि पिछले 10 साल अनावश्यक बहस में चले गए। उन्होंने कहा, 'अब हमारे पास अवसर आ गया है। धीरे-धीरे हम (भाजपा) उच्च सदन (राज्य सभा) में अच्छी संख्या की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सुधारों के समर्थक (समूह) हर जगह जीते हैं।'

जेटली ने कहा कि तेल कीमतों में गिरावट एक अन्य कारक है जो भारत के पक्ष में है। साथ ही भारत के साथ प्रतिस्पर्धा कर रही दुनिया में कई अर्थव्यवस्थाएं अच्छा नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा, 'वास्तव में यह हमारे लिए संभव है कि हम उच्च वृद्धि दर की पुरानी क्षमता पर वापस जाएं। जहां तक कर का संबंध है, वैश्विक समुदाय तथा भारतीय करदाता स्थिर कर व्यवस्था का भरोसा चाहते हैं।' वित्त मंत्री ने कहा, 'मैं अनुचित मांग और पूर्व की तारीख से कर में बदलाव नहीं कर सकता। इस प्रकार की कर मांग ऐसी है कि जिससे हमें मिलता तो कुछ नहीं और केवल हमारा नाम खराब होता है। उन्होंने कहा, 'जो संदेश मैं दे रहा हूं कि वह यह है कि हमारी कर व्यवस्था स्थिर होगी।' यह पूछे जाने पर कि क्या अगले महीने पेश होने वाला बजट बड़े सुधारों वाला (बिग बैंग) होगा, उन्होंने कहा कि वह टेलीविजन स्टूडियो में उपयोग होने वाले इस प्रकार के मुहावरों में वह नहीं पड़ते। सरकार ने जो भी कदम उठाए हैं, उसे जोड़कर देखा जाए तो यह 'बिग बैंग' से बड़ा होगा।

सरकार नहीं बढ़ाना चाहती कर बोझ

वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन ने कहा है कि सरकार भारत में कारोबार के नियम कायदे आसान बनाने में लगी हुई है। साथ ही यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कराधान के कारण निवेशकों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़े। विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान अलग से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह काम किया जा रहा है । उन्होंने कहा 'विदेशी निवेशकों के लिए पूरा कराधान एक मुद्दा जरूर बना हुआ है। इस समस्या के समाधान के लिए जो कुछ किया जा सकता है, सरकार उसमें लगी हुई है।' उन्होंने कहा कि कारोबार को आसान बनाने के मामले में भूमि एवं श्रम कानून जैसे कई और मुद्दे हैं। उन मोर्चो पर सुधार किया जा रहा है।

नीतिगत दरें घटा सकता है आरबीआई : कोछड़

आईसीआईसीआई बैंक की प्रमुख चंदा कोछड़ का मानना है कि अगर भारत में मुद्रास्फीति आने वाले महीनों में नरम बनी रही तो भारतीय रिजर्व बैंक नीतिगत ब्याज दर में और कटौती कर सकता है। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक अब नीतिगत रूख बदल चुका है और भविष्य के उसके कदम इस बदले हुए रूख के अनुसार ही रहेंगे, इसलिए उम्मीद है कि आने वाले महीनों में ब्याज दर में और कमी की जा सकती है।

ऊर्जा में शीर्ष स्थान का लक्ष्य

वित्तीय समावेशी योजना 'जनधन' के तहत बैंक खाते खोलने का विश्व रिकार्ड बनाने के बाद सरकार को इस तरह के और रिकॉर्ड बनाने के लिए महत्वाकांक्षी बिजली क्षेत्र के कार्यक्रम से उम्मीदें हैं। सरकार ने भारत को अक्षय ऊर्जा क्षेत्र के लिए विश्व का सबसे बड़ा स्थान बनाने का लक्ष्य रखा है।बिजली एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 'हम समग्र रूप से भारत की सफलता के बारे में दुनिया को बता रहे हैं और भारत में सभी क्षेत्रों में निवेश को लेकर फिर से उत्साह का माहौल तैयार कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि भारत अक्षय ऊर्जा के लिहाज से नए धरातल पर पहुंचने के कगार पर है।

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