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रुपये में मजबूती और बाजार में तेजी से एफसीसीबी को बल
देव चटर्जी / मुंबई October 05, 2014

रुपये में मजबूती और शेयर बाजार में तेजी को देखते हुए भारतीय कंपनियां एक बार फिर विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड (एफसीसीबी) के जरिये रकम जुटाने की योजना बनाने लगी हैं। पिछले दो साल के दौरान एफसीसीबी के जरिये रकम जुटाने से कंपनियां परहेज करने लगी थीं। इसलिए 2013 में भारतीय कंपनियों ने इन बॉन्डों के जरिये महज 12.9 करोड़ डॉलर ही जुटाए और 2014 में अब तक एफसीसीबी के जरिये महज 1.6 करोड़ डॉलर ही जुटाए जा सके हैं। जबकि 2007 में भारतीय कंपनियों ने एफसीसीबी के जरिये रिकॉर्ड 7.6 अरब डॉलर जुटाए थे।

निर्माण एवं अभियांत्रिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एलऐंडटी ने हाल में 1,916 रुपये प्रति शेयर परिवर्तनीय मूल्य पर एफसीसीबी बॉन्ड इश्यू जारी करने के लिए बैंकरों को नियुक्त किया है। इसके जरिये कंपनी 20 करोड़ डॉलर जुटाना चाहती है। एलऐंडटी ने स्टॉक एक्सचेंज को भेजी जानकारी में कहा है कि इस एफसीसीबी को सिंगापुर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया जाएगा। एलऐंडटी की इस घोषणा से महज दो सप्ताह पहले सेसा स्टरलाइट ने एफसीसीबी और अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट (एडीआर) के जरिये 6,000 करोड़ रुपये (1 अरब डॉलर) जुटाने के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगी थी।

बैंकरों ने कहा कि कई अन्य कंपनियां भी एफसीसीबी के जरिये रकम जुटाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। शेयर बाजार में तेजी और रुपये में मजबूती से एफसीसीबी के जरिये रकम जुटाना कंपनियों के लिए बेहतर रहता है। एस्सार समूह के अध्यक्ष (अंतरराष्टï्रीय वित्त) प्रबल बनर्जी ने कहा, 'शेयर बाजार में तेजी के बीच परिपक्वता पर बेहतर प्रतिफल और सबसे कम कूपन दर हासिल करने के लिए एफसीसीबी को बेहतर विकल्प माना जाता है। एफसीसीबी में इक्विटी और डेट दोनों समाहित होता है और इसलिए इसे एक आकर्षक और सस्ता विकल्प माना जाता हौ।'

इंडिया रेटिंग्स के वरिष्ठï निदेशक दीप मुखर्जी ने कहा, 'एफसीसीबी उन कंपनियों के लिए एक अच्छा विकल्प है जिसके पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा आय है अथवा जो इन बॉन्डों को अपने बहीखाते में ऋण और प्रावधान के रूप में शामिल करती हैं ताकि निवेश को जोखिम से हरसंभव बचाया जा सके।' उन्होंने कहा, 'लेकिन उस कंपनी के लिए यह एक खराब विकल्प हो सकता है जो मानती है कि एफसीसीबी परिवर्तित हो जाएंगे और इसके लिए कोई प्रावधान की व्यवस्था नहीं करती।' वॉकहार्ट जैसी कंपनियों के लिए एफसीसीबी नुकसानदेह साबित हुआ है क्योंकि बॉन्डधारकों के भुगतान के लिए उसे अपनी परिसंपत्तियां बेचनी पड़ी।

Keyword: share, market, sensex, FCCB,,
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