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सत्यमेव जयते का हुआ क्या असर
उर्वी मलवाणिया / मुंबई September 18, 2014

इस साल अप्रैल में लोकसभा चुनाव के कारण प्रसारण बाधित होने के बाद सत्यमेव जयते का प्रसारण एक बार फिर शुरू हो गया है। स्टार प्लस पर प्रसारित होने वाला यह कार्यक्रम कई सामाजिक मुद्दों को उठाकर दर्शकों के दिल में जगह बना चुका है। समाज में जागरूकता फैलाने वाला कार्यक्रम सत्यमेव जयते का दूसरा संस्करण मार्च में स्टार इंडिया के सीईओ उदय शंकर की एक पहल के कारण बंद हो गया था। वह अप्रैल में इसका प्रसारण नहीं चाहते थे, जब देश 'सबसे अहम लोकतांत्रिक कवायद' से गुजरने जा रहा था।

स्टार इंडिया की कार्यकारी उपाध्यक्ष (विपणन एवं संचार) गायत्री यादव कहती हैं, 'बीते ढाई साल में सत्यमेव जयते ने एक सकारात्मक बदलाव के साथ टीवी की भूमिका को बदलकर रख दिया है। इससे व्यवहार, धारणाओं, मान्यताओं में खासा बदलाव देखने को मिला है। हमारा मानना है कि इस प्रभाव को साझा करने की जरूरत है।' फिलहाल महज समस्याओं पर ही नहीं बल्कि प्रभाव पर बात करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, 'असर की बात करने पर दर्शकों की निराशा पर विराम लगता है और जाहिर होता है कि बदलाव भी संभव है, जिससे उनकी जिंदगी और समाज को आकार मिलता है।'

इस साल पूर्व में कार्यक्रम ने जमीनी स्तर पर अपनी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया था। स्टार प्लस ने विभिन्न शहरों में 'फिक्र प्वाइंट्स' शुरू किए हैं, जिनका उद्देश्य दिल्ली में लोगों को रिक्शा चालकों को मीटर से भुगतान करने और मुंबई आदि में टिकट लेकर लोकल ट्रेन का सफर आदि के लिए प्रेरित करना है। इस बार स्टार इंडिया के विभिन्न चैनलों के दर्शक कार्यक्रम के मेजबान अभिनेता आमिर खान को टीवीसी पर भी देख रहे हैं, जहां वह बीते दो सप्ताह से कार्यक्रम की पूर्व में आई कडिय़ों की सफलता की कहानी सुना रहे हैं।

इसके प्रभाव वाली झलक उसकी टैगलाइन 'मुमकिन है' में भी नजर आती है। यादव कहती हैं कि वास्तविक नतीजों से जुड़ी बातों के बाद दर्शकों का कार्यक्रम से जुड़ाव बढ़ सकता है। वह कहती हैं, 'यह कार्यक्रम को दर्शकों द्वारा दिए गए समय, ऊर्जा और भावनाओं के प्रति उनके आभार का एक तरीका हो सकता है। इससे कार्यक्रम के लिए उनकी प्रतिबद्धता को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।'

सत्यमेव जयते के दूसरे सीजन की पहली किस्त में जहां एक प्रोमो में यह बताया जाता था कि सोशल मीडिया, स्मार्टफोन का इस्तेमाल किस तरह से बदलाव में बड़ी भूमिका निभा सकता है, वहीं इस साल भी इसकी बड़ी भूमिका नजर आएगी। दर्शकों को डिजिटल माध्यम से सीधे मेजबान के साथ संवाद करने का मौका मिलेगा। इस विस्तार को 'एसएमजे लाइव' का नाम दिया गया है, जो एक घंटे के रिकॉर्ड किए गए शो के प्रसारण के बाद होगा। इसके माध्यम से खान देश भर के लोगों से संवाद करेंगे।

यादव कहती हैं, 'ऐसा दर्शकों से मिले फीडबैक के आधार पर किया गया है। हमारे दर्शकों ने इच्छा जाहिर की थी कि उनकी बात भी सुनी जाए। इसके लिए डिजिटल एक अच्छा माध्यम होगा, जहां लोग सवाल पूछ सकते हैं और सोशल मीडिया के माध्यम से अपने अपने विचार साझा कर सकते हैं। साथ ही उनका स्टार प्लस पर भी सीधा प्रसारण किया जाएगा। एसएमजे लाइव दर्शकों को कार्यक्रम से जोडऩे के लिए बढ़ाया गया एक और कदम है।'

एक प्रतिस्पर्धी चैनल के विपणन अधिकारी कहते हैं कि इस तरह के कार्यक्रम में दर्शकों के साथ जुड़ाव के लिए उठाए गए कदम अहम साबित होते हैं। उन्होंने कहा, 'जब कार्यक्रम का विषय गंभीर हो तो संवाद खासा अहम हो जाता है। इसके अलावा सीधे संवाद के माध्यम के आमिर खान की मौजूदगी को अच्छी तरह से भुनाया जा सकता है।' जहां सोनी के अमिताभ बच्चन की मेजबानी वाले कौन बनेगा करोड़पति में दर्शकों के लिए फोन-इन जैकपॉट राउंड चलाया था, वहीं कलर्स पर बीते साल प्रसारित बिग बॉस में 'कॉलर्स ऑफ द डे' राउंड की व्यवस्था की गई थी, जहां एक दर्शक सलमान खान से बात करता था और एक प्रतिभागी से सवाल पूछता था।

शुरुआत से सत्यमेव जयते की डिजिटल मीडिया पर उपस्थिति खासी मजबूत रही थी। स्टार प्लस ने ट्विटर पर 'फ्लॉक टू अनलॉक' की शुरुआत की थी। मार्च में हुए आगाज के बाद से एयरटेल इस कार्यक्रम का प्रमुख प्रायोजक बना हुआ है, जबकि ऐक्सिस बैंक 'पावर्ड बाइ' प्रायोजक बना हुआ है। सत्यमेव आगे भी नीता अंबानी के रिलायंस फाउंडेशन के साथ अपनी भागीदारी को कायम रखेगा।

मीडिया प्लानर एयरटेल के लिए प्रायोजन की लागत 18-20 करोड़ रुपये और ऐक्सिस बैंक के लिए 13-15 करोड़ रुपये होने का अनुमान जाहिर करते हैं, वहीं विज्ञापन की दरें 9-11 लाख रुपये प्रति 10 सेकंड होने की संभावना है। हालांकि पिछली कुछ कडिय़ों में इस कार्यक्रम की रेटिंग में मामूली कमी दर्ज की गई थी। विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसा मुख्य रूप से प्रारूप में भारी भरकम विषयों को शामिल करने के कारण हुआ है, जो बीते दो सत्रों से दोहराए जाते रहे हैं। मीडिया प्लानरों के मुताबिक पहले सीजन में 14 कडिय़ों की औसत टीवीआर 2.45 रही थी। मार्च में हुए दूसरे सीजन के प्रसारण के दौरान प्रति कड़ी 60-64 लाख दर्शकों ने इसे देखा था, जो इसकी पहली कड़ी को मिले दर्शकों से कुछ कम थे।

हालांकि दोनों सीजन की तुलना नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इस दौरान टीएएम ने गणना के मानकों में बदलाव कर दिया था। वहीं प्राइम टाइम में आने वाले बिग बॉस को 2013 में सात दिनों में 55 लाख दर्शक, जबकि इस साल आए केबीसी को 38 लाख दर्शक मिले थे। स्टार प्लस को उम्मीद है कि ताजा प्रयासों से इसकी सफलता में और इजाफा होगा।

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