बिजनेस स?टैंडर?ड - एफआईआई निवेश पिछले साल के 19 अरब डॉलर के पार जाएगा?
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, October 04, 2022 09:56 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

एफआईआई निवेश पिछले साल के 19 अरब डॉलर के पार जाएगा?
स्नेहा पडियत / मुंबई September 14, 2014

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरें बढ़ाए जाने की आशंका ने इस बात की चिंता बढ़ा दी है कि विदेशी निवेशकों की तरफ से भारतीय बाजार में निवेश धीमा पड़ सकता है। इस साल अब तक विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 14 अरब डॉलर का निवेश किया है। उभरते हुए प्रमुख बाजारों में यह सबसे ज्यादा है। इस बीच, भारतीय बेंचमार्क सूचकांक साल 2014 में अब तक करीब 30 फीसदी चढ़ा है। बाजार के विशेषज्ञों ने कहा कि बाजार में तेजी टिके रहने के लिए विदेशी निवेशकों के प्रवाह में मजबूत जरूरी है। साथ ही विदेशी निवेशकों को पिछले साल के 19 अरब डॉलर के निवेश को पार करने के लिए तीन महीने में 5 अरब डॉलर का निवेश करना होगा।

बाजार को चिंता है कि भारत में एफआईआई का प्रवाह प्रभावित हो सकता है क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अपना राहत पैकेज क्यूई-3 में कमी ला रहा है। फेडरल रिजर्व की अगले हफ्ते बैठक होगी, जिसमें क्यूई-3 में 10 अरब डॉलर मासिक की कमी लाने की घोषणा हो सकती है। जिसके बाद इस साल अक्टूबर में इसकी समाप्ति हो सकती है। हालांकि वास्तविक चिंता यह है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ा सकता है, जिस वजह से उभरते बाजारों में प्रवाह पर असर पड़ सकता है। बाजार इस पर दांव लगा रहा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व फिर 2015 की पहली छमाही या इसके बाद सामने आ सकता है।

ऑस्ट्रेलिया के एएमपी कैपिटल के प्रमुख रणनीतिकार शेन ओलिवर ने कहा कि आर्थिक आंकड़ों पर ज्यादा ध्यान देने से शायद ही जून तिमाही में दरों में पहली बढ़ोतरी के समय में बदलाव आ सकता है, जिस वजह से बाजार में उतारचढ़ाव हो सकता है। उन्होंंने कहा, मौजूदा समय में फेडरल रिजर्व का कहना है कि वह क्यूई-3 की समाप्ति और दरों में पहली बढ़ोतरी के बीच ठीक-ठाक वक्त रखेगा, जो छह माह या ज्यादा हो सकता है। पिछले कैलेंडर वर्ष में अगस्त तक एफआईआई ने 12 अरब डॉलर का निवेश किया ता। हालांकि अगस्त के बाद एफआईआई की खरीद ने जोर पकड़ा था जब सेंसेक्स करीब 18,000 के आसपास था। तब से बाजार करीब 50 फीसदी चढ़ चुका है और सेंसेक्स 27,000 के ऊपर है।

भारतीय बाजार में एफआईआई का प्रवाह इस साल (पिछले साल की तरह) दक्षिण कोरिया, ताइवान व इंडोनेशिया जैसे सबसे ज्यादा उभरते बाजारों के मुकाबले ज्यादा रहा है। विश्लेषकों ने कहा, यह ट्रेंड जारी रह सकता है अगर अमेरिका में मौद्रिक नीति की वापसी होती है। डॉयचे इक्विटीज इंडिया प्राइवेट के प्रबंध निदेशक व शोध प्रमुख अभय लैजावाला ने कहा, चूंकि हम अमेरिकी मौद्रिक नीति में अनुमान से ज्यादा तेजी से सामान्यीकरण की ओर बढ़ रहे हैं, ऐसे में हम उभरते बाजारों में हम निवेशकों में काफी ज्यादा विभेद देख सकते हैं।

अगर अमेरिकी बाजार से निवेश धीमा पड़ता है तो भी भारतीय बाजार में यूरोप व जापान जैसे क्षेत्रों से निवेश आएगा, जहां मौद्रिक नीति अभी भी कमजोर है। चोकसी सिक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक देवेन चोकसी ने कहा, यूरोप, जापान व अब चीन के निवेशकों ने भारत में निवेश में दिलचस्पी दिखाई है। ऐसे में भारतीय बाजार में काफी ज्यादा रकम आएगी। साथ ही विशेषज्ञों का मानना है कि म्युचुअल फंड व बीमा जैसे देसी संस्थान भी बाजार को समर्थन प्रदान करेंगे, अगर विदेशी प्रवाह में नरमी आती है।

Keyword: share, market, sensex, FII, invest,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

अच्छे शेयरों के चयन वाला बाजार

Investmentsसवाल जवाब बाजार की नजर इस सप्ताह होने वाली आरबीआई की मौद्रिक बैठक के परिणाम

बाजार हलचल

स्पे​शियल्टी में सुधार आने से सन फार्मा को मिलेगी मजबूत खुराक

आय में बढ़त से तय होगी शेयर बाजार की चाल

पीवीआर के शेयर का बढ़ेगा खुमार!

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.