बिजनेस स्टैंडर्ड - अपराध की कहानियों से सफलता का फॉर्मूला
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अपराध की कहानियों से सफलता का फॉर्मूला
उर्वी मलवाणिया / मुंबई August 13, 2014

ऐसा नहीं है कि देश के समाचार चैनल ही अपराध जगत की घटनाओं की सुर्खियां पेश करते हैं। देश के हिंदी सामान्य मनोरंजक चैनल (जीईसी) भी काफी हद तक इन घटनाओं को विस्तार से पेश कर रहे हैं। साथ ही अपराध की घटनाओं पर आधारित ऐसे टीवी शो के जरिये उन्हें सफलता का एक मजबूत फॉर्मूला भी मिल गया है। मल्टी स्क्रीन मीडिया, वायोकॉम18 और स्टार इंडिया जैसे नेटवर्क अलग-अलग तरह से अपराध जगत की घटनाओं पर आधारित कार्यक्रम पेश कर रहे हैं। साथ ही ऐसे कार्यक्रमों जरिये ज्यादातर समय उन्हें सफलता हाथ लगी है।

फिलहाल एमटीवी, सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन(सोनी), लाइफ ओके और चैनल(वी) क्राइम आधारित शो पेश कर रहे हैं। हर चैनल इन कार्यक्रम को अलग ढंग पेश कर रहे हैं, लेकिन इस पर सभी सहमत हैं कि भारत जैसे बाजार में ऐसा कंटेंट महत्वपूर्ण होता है जिससे कि दर्शक अपने आप को जोड़ सके। स्टार इंडिया का जीईसी ब्रांड का दूसरा चैनल लाइफ ओके इस समय अलग-अलग फॉर्मेट के तीन क्राइम शो पेश कर रहा है, हालांकि तीनों शो को प्रस्तुत करने का ढंग अलग है। चैनल की ताजातरीन पेशकश 'लौट आओ तृषा' एक रोमांचक (थ्रिलर) शो है जो कि 18 साल एक लड़की के गायब होने केबाद के घटनाक्रम को पेश करता है। यह शो स्पेनिश टीवी सीरीज 'दोनेदे एस्ता एलिसा' का भारतीय रूपांतरण है। इसके अतिरिक्त, इस चैनल पर 'सावधान इंडिया' शो भी पेश किया जा रहा है जो कि एक डाक्यू-ड्रामा (वास्तविक घटनाओं का नाटकीय रूपांतरण) है। वहीं एक अन्य शो 'शपथ' भी प्रस्तुत किया जा रहा है जो कि एक जांच अधिकारी और शातिर अपराधी की कहानी है जो कि लोकप्रिय क्राइम शैली है।

शहरी झुकाव वाला चैनल सोनी काफी पहले से काल्पनिक और सत्य घटनाओं पर आधारित डाक्यूड्रामा वाले अपराध शो पेश कर रहा है। सोनी पर प्रसारित होने वाले शो 'सीआईडी' ने भारतीय टीवी की दुनिया में बेंचमार्क स्थापित किया है। यह शो पिछले 15 सालों से लगातार प्रसारित हो रहा है साथ ही चैनल पर इसकी रेटिंग भी बेहतर रही है। वहीं सोनी पर प्रसारित होने वाले डॉक्यूड्रामा 'क्राइम पेट्रोल' का मुकाबला 'सावधान इंडिया' से है। सोनी के वरिष्ठï कार्यकारी उपाध्यक्ष और कारोबार प्रमुख नचिकेता पंतवैद्य का कहना है, 'मै उन्हें अपराध आधारित शो नहीं कहूंगा। मै उन्हे रोमांचक शो की तरह देखता हूं जहां कि अपराध एक अनिवार्य तत्व है। वहीं दूसरा तत्व है उससे दर्शकों का संबंध। चाहे वह 'सीआईडी' की टीम हो या फिर दर्शकों को 'क्राइम पेट्रोल' में पसंद आने वाला एंकर (अनूप सोनी) हो, सबसे महत्त्वपूर्ण है एकरूपता और जो आप देख रहे हैं उससे संबंध स्थापित हो सके। साथ ही यह संबध उन पात्रों और कलाकारों का दर्शकों के साथ भी बन सके।' पंतवैद्य का कहना है कि अपराध आधारित कार्यक्रमों केलिए एक अच्छी शेल्फ-लाइफ होनी चाहिए। साथ ही दोबारा देखते पर भी रोचकता बनी रहनी चाहिए। हालांकि, ऐसे कार्यक्रमों को एक लंबे समय तक प्रासंगिक बनाए रखना बड़ी चुनौती है।

लाइफ ओके के महाप्रबंधक अजित ठाकुर का कहना है, 'भारत में स्टोरी लाइन और पात्रों की एक महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। मीडिया के क्षेत्र में खासकर टेलीविजन पर मौजूदा परिदृश्य से जुड़ी कहानियों का होना जरूरी होता है। मौजूदा समय में ऐसा कंटेंट चाहिए जिसे बेहतर ढंग से पेश कर सकें। जो कि हम सावधान इंडिया जरिए प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहे हैं।' ठाकुर का कहना है कि अपराध आधारित कार्यक्रम दो तरह की जरूरतों को पूरा करते हैं। पहला तो यह कि जब से हम अपराध की खबरें देख रहे हैं उसी तरह की इनकी थीम होती है। साथ ही इससे अपराधों के प्रति हमारे आस-पास जागरूकता भी बढ़ती है। इसी समय जबकि खबरें सिर्फ दर्शकों को सूचनाएं दे रही हैं, ऐसे में जीईसी एक कदम बढ़ा सकते हैं और ज्यादा व्यापक जानकारियों के साथ शो को पेश किया जा सकता है। उनके मुताबिक, 'सावधान इंडिया जैसे शो में हमारे दर्शक अपने आप को इससे जोड़ पाते हैं और इसक जरिये सशक्त भी होते हैं। इसमें सिर्फ अपराध ही नहीं दिखाया जाता बल्की यह भी बताया जाता है कि जब आप इन परिस्थितियों में फंसे तो उनका सामान कैसे करें। इसके लिए विशेषज्ञों की सलाह भी ली जाती है। मुझे लगता है कि यह दर्शक के सामान्य जीवन में एक अतिरिक्त सूचना की तरह है।'

लाइफ ओके के मोबाइल ऐप्लीकेशन भी लॉन्च किया है जिसकेजरिये वह ऐसी शहरों के बारे में जानकारी देता है जहां कि अपराध की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसके सहायक चैनल चैनल (वी) ने भी एक ऐप लॉन्च किया है जिसके वी विद यू नाम दिया गया है। इसमें कुछ दोस्त और परिचित आपस में एक दूसरे के संपर्क में रहते हैं और किसी परेशानी के समय यह ऐप एक मेसेज और यूजर की लोकेशन सेंड कर देता है। यहीं युवाओं से संबंधित कार्यक्रम पेश करने वाले मनोरंजन चैनल भी ऐसे कुछ शो पेश कर रहे हैं जो युवाओं के साथ होने वाले अपराध के बारे में जागरूकता फैला रहे हैं। साथ ही ऐसे शो हिट भी हो रहे हैं। चैनल (वी) इस समय जहां 'गुमराह' शो पेश कर रहा है वहीं एमटीवी पर इस तरह का एक शो 'वेडेड' प्रस्तुत किया जा रहा है।

एमटीवी इंडिया के प्रमुख (मार्केटिंग, मीडिया और इनसाइट्स) सुमेली चटर्जी का कहना है, 'सत्य घटनाएं, अपराध आधारित कार्यक्रमों की यूएसपी है और दर्शक उन कहानियों से अपने आप को जोड़ सकता है। ऐसे में एमटीवी विडेड2 जैसे शो केवल सूचना के लिहाज से ही महत्त्वपूर्ण नहीं है बल्कि इन शो में सायबर एक्सपर्ट जैसे विशेषज्ञों के टिप्स व सलाह के दर्शकों को लाभ भी हो रहा है। वहीं विज्ञापन की दृष्टि से देखें तो अपराध आधारित शो, ब्रांड एकीकरण के लिए अच्छे अवसर उपलब्ध कराते हैं।' हालांकि, सोनी ने हाल ही में एक ओर क्राइम शो एनकांउटर शुरू किया है। जिसका प्रस्तोता अभिनेता मनोज वाजपेयी थे जो आंशिक तौर पर असफल साबित हुआ और फिलहाल इसका प्रसारण बंद है। पंतवैद्य का कहना है कि टीवी में स्लॉट की भूमिका भी महत्त्वपूर्ण होती है। उनका कहना है कि, 'बाकी दिनों की तुलना में रविवार को प्रस्तुत होने वाला शो ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करता है। हालांकि, स्लॉट के अलाव पात्रों की भी काफी हद तक अहम भूमिका होती है।'

Keyword: TV, crime, serial,,
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