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बिजनेस प्रतिनिधि नहीं बनना चाहते एमएफआई
नम्रता आचार्य / कोलकाता August 11, 2014

भारतीय रिजर्व बैंक ने इस साल जून में बैंकों को गैर बैंकिंग वितीय कंपनी (एनबीएफसी) और सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एफएफआई) को बिजनेस प्रतिनिधि नियुक्त करने की अनुमति दी थी। हालांकि अब तक बैंकों की गैर लाभकारी शाखा के बिजनेस प्रतिनिधि के तौर पर काम कर रहे एमएफआई परिचालन से जुड़ी तमाम कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। यही कारण है कि सूक्ष्म वित्त संस्थान बैंकों का बिजनेस प्रतिनिधि बनने से कतरा रहे हैं।

केंद्रीय बैंक के इस कदम को सरकार के नए वित्तीय समावेश कार्यक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त को देश में नए वित्तीय समावेशन कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा करने वाले हैं। इसके ठीक पहले सूक्ष्म वित्त संस्थानों के प्रतिनिधियों से जुड़े संगठन एमएफआईएन ने वित्त मंत्रालय के अधिकारियों और बैंकों के साथ बैठक के दौरान आज इस मुद्दे को उठाया।

एमएफआईएन के अध्यक्ष समित घोष के मुताबिक एमएफआई ने बिजनेस प्रतिनिधि बनने के बजाय बैंकों का एजेंट के तौर पर काम करने की इच्छा जताई है। इससे उन्हें काम काज में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी। कई सूक्ष्म वित्त संस्थानों ने बैंकों के साथ काम करने के लिए नए मॉडल का प्रयोग किया है। उदाहरण के तौर पर एक्सिस बैंक के बिजनेस प्रतिनिधि के रूप में काम करने वाले सूक्ष्म वित्त संस्थान जनलक्ष्मी फाइनैंशियल सर्विस ने डेवलपमेंट क्रेडिट बैंक (डीसीबी) के साथ एक करार कर को-ब्रांडेड प्रीपेड कार्ड शुरू किया। इसके जरिये जनलक्ष्मी फाइनैंशियल सर्विस के माध्यम से छोटे-छोटे कर्जों का वितरण किया गया।

जनलक्ष्मी के सीईओ और प्रबंध निदेशक वी एस राधाकृष्णन ने कहा, 'एक्सिस बैंक के साथ बिजनेस प्रतिनिधि का मॉडल एक मैत्रीपूर्ण समझौता था। लेकिन अपनी प्राथमिकता बदलने हुए हमने डीसीबी के साथ करार कर प्रीपेड कार्ड शुरू किया।' एमएफआईएन द्वारा इस साल फरवरी में कराए गए एक सर्वे के मुताबिक बिजनेस प्रतिनिधि के तौर पर काम करने वाले 14 में से 9 एमएफआई ने अपना काम काज बंद कर दिया।

इन 14 एमएफआई में से 9 को घाटे से जूझना पड़ा जबकि केवल 4 संस्थान ही फायदे में थे। एमएफआई का कहना है कि बैंकों का पर्याप्त सहयोग नहीं मिलने की वजह से उन्हें अपना परिचालन बंद करना पड़ा। माना जा रहा है कि नई वित्तीय समावेशन कार्यक्रम के तहत देश भर में 7.5 करोड़ नए बैंक खाते खोले जाएंगे। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम की घोषणा करने वाले हैं।

Keyword: RBI, MFI, NBFC,,
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