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सरकार ने बदली फ्रीक्वेन्सी, ब्रॉडकास्टर नाखुश
उर्वी मलवाणिया / मुंबई August 06, 2014

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने रेडियो स्टेशनों को सूचित किया है कि उन्हें केवल आकाशवाणी (एआईआर) के समाचारों के प्रसारण की अनुमति होगी। प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया की खबरों को निजी एफएम चैनलों पर प्रसारण की अनुमति नहीं होगी। जैसा कि सरकार आने वाले दिनों में छोटे शहरों के लिए लाइसेंस निविदा आमंत्रित करने की तैयारी कर रही है। सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री प्रकाश जावडेकर ने पहले कहा था कि निजी एफएम चैनलों को एआईआर बुलेटिन के अलावा खबरों का प्रसारण क्यों नहीं करना चाहिए, उन्हें इसका कोई कारण दिखाई नहीं देता है। इसके बाद निजी रेडियो स्टेशनों पर न्यूज प्रसारण से संबंधित नियमों में ढील दिए जाने को लेकर उम्मीदें बढ़ गई थी।

रेडिया मिर्ची का परिचालन करने वाली कंपनी एंटरटेनमेंट नेटवर्क के मुख्य कार्यकारी प्रशांत पांडे ने कहा, 'एआईआर पर प्रसारित होने वाले समाचार बुलेटिनों में बहुत वैल्यू एडिशन नहीं होता है। निजी एफएम चैनलों का कंटेट और कार्यप्रणाली एआईआर से अलग है और इसमें समानता नहीं है। साथ ही जब कि एफएम स्टेशन, न्यूज चैनलों और प्रकाशनों से संबंधित हैं तो फिर उन्हे उसी बात(खबरों) को क्यों दोहराना चाहिए जो कि सरकारी ब्रॉडकास्टर कह रहे हैं?'

एंटरटेनमेंट नेटवर्क इंडिया, बेनेट कोलमन ऐंड कंपनी से जुड़ा हुआ है जबकि मॉई एफएम का स्वामित्व डीबी कॉर्प के पास है और रेड एफएम, सन समूह के द्वारा संचालित होता है। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक निजी रेडियो स्टेशन के एक अधिकारी ने कहा, 'खबरों की प्रासंगिता तभी जब कि उन्हे श्रोताओं के हिसाब से विश्लेषित किया जा सके और अगर इसकी अनुमति नहीं मिलती है तो एआईआर की खबरों को क्यों लिया जाना चाहिए? हमें एआईआर बुलेटिनों की तुलना में अपनी कंटेंट रणनीति से ज्यादा फायदा होगा।'

अंग्रेजी, हिंदी और अन्य भाषाओं के न्यूज चैलनों की वजह से दूरदर्शन की खबरों को देखने वालों की संख्या कम है। गुरुवार को निजी रेडियो स्टेशनों के अधिकारियों के साथ एक बैठक में सूचना एवं प्रसारण सचिव बिमल जुल्का ने कहा था कि, नए चैनलों को लाइसेंस देने वाली तीसरे दौर की नीलामी नवंबर में होगी। इसमें शामिल होने के लिए सितंबर में मंत्रलाय द्वारा विज्ञापन दिया जाएगा।

इस नीलामी में 294 शहरों के लिए 839 फ्रीक्वेन्सी (आवृति) की बिक्री होगी। जिनमें कोलकाता में बिक्री के लिए फ्रीक्वेनसी नहीं है, मुंबई के पास दो, वहीं चेन्नई और दिल्ली के पास एक-एक फ्रीक्वेन्सी है। इस नीलामी से निजी रेडियो कंपनियों को अपने विस्तार में मदद मिलेगी। इस उद्योग के अनुमान के मुताबिक, रेडियो विज्ञापनों के कुल राजस्व में करीब 60 फीसदी योगदान मेट्रो शहरों से आता है।

रेडियो सिटी के मुख्य अधिकारी अपूर्वा पुरोहित का कहना है, 'इस नीलामी से हमें अपने विस्तार में मदद मिलेगी। साथ ही ज्यादा स्थानीय विज्ञापनों तक हमारी पहुंच हो पाएगी। कई सारे राष्ट्रीय विज्ञापनदाता रेडियो से दूर हैं, लेकिन स्थानीय विज्ञापनदातों में इसका महत्त्व है।' उनका कहना है कि रेडियो का विज्ञापन राजस्व, प्रत्येक रेडियो स्टेशनों की आय से मिलकर आता है और वे सभी आय वृद्धि में योगदान दे सकेंगे।

Keyword: FM radio, news,,
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