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क्यूआईपी से खूब बरसा धन
बीएस संवाददाता / मुंबई July 01, 2014

भारतीय कंपनियां पूंजी बाजार से क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (क्यूआईपी) के जरिये खूब धन बटोर रही हैं। इस साल जून तिमाही में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में क्यूआईपी के जरिये तकरीबन 10 गुनी ज्यादा पूंजी जुटाई गई।  प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के मुताबिक जून 2014 को समाप्त तिमाही में 6 क्यूआईपी जारी किए गए और इनसे कुल मिलाकर 12,151 करोड़ रुपये इक_ïे हुए। वहीं पिछले साल की इसी अवधि में यह आंकड़ा 1,222 करोड़ रुपये रहा था और इस दौरान कुल 3 क्यूआईपी ही जारी हुए थे।

हालांकि इस साल जून तिमाही के दौरान 6 क्यूआईपी के अलावा 1 आईपीपी (इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट प्रोग्राम) जारी हुए और इनके जरिये बाजार से कुल मिलाकर 12,569 करोड़ रुपये पूंजी एकत्रित की गई। यह एक मात्र आईपीपी मुथूट फाइनैंस की ओर से आया था। कंपनी ने बाजार नियामक सेबी के न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी (एमपीएस) संबंधी मानकों को पूरा करने के लिए आईपीपी जारी किया था और इसके जरिये उसे 418 करोड़ रुपये मिले।

प्राइम डेटाबेस के प्रबंध निदेशक प्रणव हलदिया का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार इस समय उम्मीदों से लवरेज दिखाई दे रहा है और इक्विटी पूंजी में लोगों का भरोसा बढ़ा है। यही कारण है कि निवेशकों ने क्यूआईपी में खूब पैसा लगाया और कंपनियों ने इसके जरिये भारी धन बटोरा। हलदिया ने कहा, 'महत्त्वपूर्ण बात यह है कि तिमाही के दौरान जितने भी क्यूआईपी आए वे सभी के सभी 16 मई को चुनाव परिणाम जारी होने के बाद ही जारी किए गए थे। इससे स्पष्टï होता है कि पूंजी बाजार को मजबूती मिली है और निवेशकों का रुझान का जबरदस्त प्रदर्शन है।'

पिछले साल इसी अवधि में बाजार में 8 आईपीपी आए थे और इसने कुल 3,784 करोड़ रुपये जुटाए थे। ये सभी आईपीपी न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी मानकों को पूरा करने के लिए जारी किए गए थे। इस तरह जून 2013 तिमाही में क्यूआईपी और आईपीपी के जरिये कुल 5,006 करोड़ रुपये जुटाए गए थे।

इस साल कुल 6 क्यूआईपी जारी हुए और इनमें से सबसे बड़ा क्यूआईपी रिलायंस कम्युनिकेशंस का था जिसने 4,800 करोड़ रुपये इक_ïे किए। इसके अलावा आइडिया सेल्यूलर ने 3,000 करोड़ रुपये और यश बैंक ने भी क्यूआईपी के जरिये 2,942 करोड़ रुपये जुटाए।

Keyword: share, market, sensex, QIP,,
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