बिजनेस स?टैंडर?ड - कॉरपोरेट बॉन्ड में निवेश बढ़ा सकते हैं एफआईआई
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, October 04, 2022 10:59 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

कॉरपोरेट बॉन्ड में निवेश बढ़ा सकते हैं एफआईआई
नीलाश्री बर्मन / मुंबई June 23, 2014

विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) कॉरपोरेट बॉन्ड में निवेश बढ़ाते नजर आ रहे हैं क्योंकि सरकारी बॉन्ड में उनके निवेश की सीमा करीब-करीब पूरी हो गई है। नैशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड के आंकड़ों के मुताबिक 20 जून को सरकारी बॉन्ड में उनके निवेश की सीमा पूरी हो गई हैं जबकि कॉरपोरेट बॉन्ड में उनका निवेश सिर्फ 37.62 फीसदी हो पाया है।

सरकारी बॉन्ड में निवेश की सीमा इसलिए पूरी हो गई क्योंंकि पिछले महीने मोदी सरकार के सत्त्ता संभालने के बाद भारत को लेकर एफआईआई का नजरिया सकारात्मक था। सेबी के आंकड़ों से पता चलता है कि मई में एफआईआई ने ऋण पत्रों में 20,225 करोड़ रुपये निवेश किया, जो कैलेंडर वर्ष 2014 का सर्वोच्च स्तर है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ज्यादातर निवेश सरकारी प्रतिभूतियों में हुआ है। जून में भी अब तक एफआईआई 16,000 करोड़ रुपये का निवेश कर चुके हैं।

एडलवाइस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (फिक्स्ड इनकम) अजय मंगलूनिया ने कहा, चूंकि अल्पावधि वाले सरकारी बॉन्ड में कोटा पूरा हो गया है, लिहाजा एफआईआई की दिलचस्पी कॉरपोरेट बॉन्ड में हो सकती है, खास तौर से पीएसयू के बॉन्ड में। यह मानते हुए कि सरकारी बॉन्ड में एफआईआई की सीमा शायद नहीं बढ़ाई जाएगी, ऐसे में एफआईआई के पास कॉरपोरेट बॉन्ड में निवेश के अलावा कोई और विकल्प नहीं होगा।

इस महीने आरबीआई के डिप्टी गवर्नर एच आर खान ने कहा था कि सरकारी प्रतिभूतियों में एफआईआई की सीमा बढ़ाने पर सरकार विचार नहीं कर रही है। सरकार ने एफआईआई को सरकारी प्रतिभूतियों में 30 अरब डॉलर के निवेश की अनुमति दी है और इसमें 20 अरब डॉलर सभी के लिए जबकि 10 अरब डॉलर खास निवेशकों के लिए है। 20 अरब डॉलर की सीमा करीब-करीब पूरी हो गई है।

अलमॉन्ड्ज ग्लोबल सिक्योरिटीज के प्रमुख (फिक्स्ड इनकम) अरविंद कोनर ने कहा, हालांकि सरकारी प्रतिभूतियों के बाजार में जिस तरह की नकदी देखने को मिलती है वह कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार में नहीं दिखता, इसकी वजह से एफआईआई की प्राथमिकता अल्पावधि वाले निवेश उपकरणों में हो सकती है।

चूंकि सरकारी बॉन्ड में एफआईआई की सीमा पूरी हो चुकी है और कॉरपोरेट बॉन्ड में अभी निवेश की गुंजाइश है, ऐसे में इनकी दिलचस्पी कॉरपोरेट बॉन्ड की ओर हो सकती है। लेकिन कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार में ज्यादा नकदी नहीं देखने को मिलती है। शुरुआती दौर में कॉरपोरेट बॉन्ड में एफआईआई की दिलचस्पी 5 साल में परिपक्व होने वाले बॉन्ड में होगी।

Keyword: share, market, sensex, FII, corporate,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

अच्छे शेयरों के चयन वाला बाजार

Investmentsसवाल जवाब बाजार की नजर इस सप्ताह होने वाली आरबीआई की मौद्रिक बैठक के परिणाम

बाजार हलचल

स्पे​शियल्टी में सुधार आने से सन फार्मा को मिलेगी मजबूत खुराक

आय में बढ़त से तय होगी शेयर बाजार की चाल

पीवीआर के शेयर का बढ़ेगा खुमार!

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.