बिजनेस स्टैंडर्ड - सीएसई: अस्तित्व के लिए गठबंधन पर जोर
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, October 26, 2020 10:39 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

सीएसई: अस्तित्व के लिए गठबंधन पर जोर
नम्रता आचार्य / कोलकाता June 08, 2014

करीब 1830 में कोलकाता की मौजूदा लायन्स रेंज  में एक नीम का पेड़ हुआ करता था जिसकी छाया में सटोरिया गतिविधियां चला करती थीं। 1928 में कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज (सीएसई) बनने के साथ अनौपचारिक ब्रोकिंग ने औपचारिक कारोबारी प्लेटफॉर्म की शक्ल ले ली। तब से लगभग छह दशकों से यहां कारोबारी गतिविधियां जारी हैं। 2001 में एक घोटाला भी सामने आया लेकिन उसके बाद भी सीएसई में गतिवििधयां जारी रहीं। 

हालत 2014 में भी अच्छी नहीं कही जा सकती, क्योंकि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी)ने सीएसई बंद करने की धमकी दी है। लायंस रेंज में गतिविधियां दोबारा पटरी पर लाने के लिए प्रयास, हालांकि, जारी हैं। अंतिम प्रयास के तौर पर सीएसई अपना अस्तित्व बरकरार रखने के लिए देश के सभी क्षेत्रीय स्टॉक एक्सचेंजों से तालमेल करने की भरपूर कोशिश कर रहा है। सीएसई के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी बी माधव रेड्डी का कहना है कि इसके पीछे मकसद सीएसई को एक मात्र नैशनल एक्सचेंज के रूप में पेश करना है, जिसका ध्यान क्षेत्रीय लघु एवं मझोले उद्यमों पर केंद्रित होगा। इस बीच, सीएसई क्लियरिंग कॉर्पोरेशन में हिस्सेदारी खरीदने के लिए तत्पर है, क्योंकि इससे पहले इसने आईसीसीएल (बीएसई का क्लियरिंग कॉर्पोरेशन) के साथ गठबंधन करने का इसका प्रयास सफल नहीं रहा था। सूत्रों के अनुसार सेबी ने समय सीमा के साथ सीएसई के उत्थान की रूप-रेखा मांगी है।

क्षेत्रीय एक्सचेंजों मध्य प्रदेश स्टॉक एक्सचेंज, द काउंटर एक्सचेंज ऑफ इंडिया (ओटीसीईआई) आदि के साथ समझौता करने के बाद सीएसई ने अब उत्तर प्रदेश और जयपुर स्टॉक एक्सचेंज के साथ समझौता करने के प्रस्ताव दिए हैं। रेड्डी ने कहा, 'हम चार क्षेत्रीय स्टॉक एक्सचेंजों के साथ समझौता कर चुके हैं। अब हमने उत्तर प्रदेश और जयपुर स्टॉक एक्सचेंजों के साथ तालमेल के भी प्रस्ताव दिए हैं। समझौते के मसौदे को अंतिम रूप दिया जा रहा है और दोनों एक्सचेंज अपने संबंधित बोर्ड एक्सचेंजों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।'

मध्य प्रदेश स्टॉक एक्सचेंज के साथ तालमेल के तहत सीएसई इसके ब्रोकरों, कंपनियों और कर्मचारियों को अपने साथ लाना चाहता है। इसके आलवा सीएसई इंदौर में भी एक कार्यालय खोलना चाहता है। सीएसई लुधियाना और बेंगलूर स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध कंपनियों का स्थानांतरण अपने यहां करना चाहता है।  हालांकि सीएसई स्वयं को सभी क्षेत्रीय स्टॉक एक्सचेंजों का महा गठबंधन दिखाने में सफल रहता है तो भी कई बड़ी चुनौतियां हैं।

Keyword: share, market, sensex, CSE,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

सेबी के नए आईसीए दिशा-निर्देशों की राह में क्रियान्वयन की चुनौतियां

Investmentsसूचीबद्घ डिबेंचर के धारकों को अंतर-लेनदार समझौते (आईसीए) में सक्षम बनाने

बाजार हलचल

मूल्य निर्धारण परिदृश्य में नंबर दो पर बरकरार भारती एयरटेल

रैलिस के विकास परिदृश्य पर आशान्वित हैं विश्लेषक

डॉ. रेड्डीज की तेजी बरकरार रहने के आसार

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.