बिजनेस स्टैंडर्ड - रेडी रेकनर दरों में बढ़ोत्तरी से डेवलपर खफा
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, March 28, 2020 01:45 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम जिंस खबर

रेडी रेकनर दरों में बढ़ोत्तरी से डेवलपर खफा
सुशील मिश्र / मुंबई January 01, 2014

मुंबई समेत पूरे राज्य में रेडी रेकनर की दरों में बढ़ोत्तरी किए जाने से राज्य के रियल्टी कारोबारी खपा हैं। महाराष्ट्र सरकार ने रेडी रेकनर दरों में 20 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी की है।  रेडी रेकनर में भारी बढ़ोत्तरी और जमीन भू अधिग्रहण बिल लागू किए जाने के कारण जमीन जायदाद की कीमतें बढ़ेंगी। इस वजह से घरों की कीमतों में करीब 10 फीसदी तक का इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है। 

नई दरें 1 जनवरी से लागू हो गई हैं। अब जो लोग घर या दुकान खरीदेंगे, उन्हें नई दर के हिसाब से स्टांप ड्यूटी व दूसरे करों का भुगतान करना पड़ेगा। वर्ली, नेपेंसी रोड, अल्टामाउंट रोड और प्रभादेïïवी में सबसे ज्यादा 20 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है।  रेडी रेकनर सरकार द्वारा घरों का न्यूनतम तय मूल्य होता है जिससे नीचे मकान की बिक्री करने की अनुमति नहीं होती है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा रेडी रेकनर दरों में बढ़ोत्तरी से डेवलपर काफी खपा हैं।

क्रेडाई के चेयरमैन ललित कुमार जैन कहते हैं कि रियल्टी की हालत को देखते हुए रेडी रेकनर बढ़ाने का यह सही समय नहीं था। महंगाई के कारण लोग परेशान हैं, इसीलिए वह घर नहीं खरीद पा रहे हैं। ऐसे में रेकनर  दरों में बढ़ोत्तरी होने से घर और महंगा होगा। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण बिल लागू होने से अब डेवलपर को जमीन के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी जिससे परियोजनाओं की लागत बढ़ेगी। लागत बढऩे का भार बिल्डर्स ग्राहकों पर डालेंगे जिसके कारण घरों की कीमतों में अगले कुछ महीनों में 10-20 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी होगी।

रेडी रेकनर दरों में 20 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी किए जाने को सरकारी लूट करार देते हुए ऑल इंडिया बिल्डर्स एसोसिएशन के महासचिव आनंद गुप्ता कहते हैं कि सरकार कीमतों को हवा देने का काम कर रही है और हमेशा घरों की कीमतें बढऩे के लिए बिल्डरों को दोषी करार देती रहती है। पिछले साल सरकार ने रेडी रेकनर दरों में 30 फीसदी तक की भारी बढ़ोत्तरी की थी और इस साल 20 फीसदी की फिर बढ़ोत्तरी की। इस तरह औसतन रूप से सरकार ने एक साल में घरों की कीमतों में 40 फीसदी का इजाफा कर दिया है। गुप्ता कहते हैं कि रेडी रेकनर दरों में बढ़ोत्तरी होने से मुंबई में औसतन 10 फीसदी तक घर महंगे हो जाएंगे।

रियल एस्टेट मामलों के जानकारों का कहना है कि कीमतें बढऩे का असर बिल्डरों की बिक्री पर भी पडऩे वाला है। लंबे समय से खरीदारों के लिए तरसते बिल्डरों के आंगन में खरीदारों का आगमन शुरू हुआ था, लेकिन सरकारी कीमतों में बढ़ोत्तरी होने से कुछ दिनों के लिए खरीदार दोबारा बिदकने शुरू हो जाएंगे। बैंकों की तरफ से ब्याज दरों में कमी करने के मिल रहे इशारे और शुरुआत से बिल्डर्स खुश थे क्योंकि बिल्डरों को उम्मीद थी ब्याज दरों में कमी की आहट से मांग में तेजी आएगी, लेकिन सरकार ने रेडी रेकनर दरों में बढ़ोत्तरी करके रियल्टी की चाल को अवरुद्घ कर दिया है।

Keyword: mumbai, real state,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या आरबीआई के बाद बैंक तेजी से घटाएंगे कर्ज की दर ?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.