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कर्ज पुनर्गठन से जेट को बचत में मिलेगी मदद
बीएस संवाददाता / मुंबई October 24, 2013

एतिहाद की तरफ से इक्विटी प्रवाह, उच्च लागत वाले कर्ज को कम लागत वाले कर्ज में परिवर्तित करने और पांच ए-330 विमानों की बिक्री या इसे पट्टे पर देने से जेट एयरवेज को अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार में मदद मिलेगी। विमानन कंपनी ने गुरुवार को क्षेत्र के विश्लेषकों को यह जानकारी दी।

विमानन कंपनी का तिमाही घाटा 998 करोड़ रुपये रहा है। कंपनी ने कहा कि परिणाम पर विभिन्न चीजों का प्रभाव पड़ा है और इन चीजों में इंधन की बढ़ी लागत (94 करोड़ रुपये), रखरखाव लागत (213 करोड़ रुपये), रुपये में गिरावट (231 करोड़ रुपये), विमानों के लैंडिंग व पार्किंग शुल्क (38 करोड़ रुपये) आदि शामिल हैं। कंपनी ने कहा कि आगामी तिमाही में भी विमान इंजन के ओवरहॉल पर ज्यादा रखरखाव लागत का सामना करना पड़ेगा।

जेट एयरवेज के मुख्य वित्तीय अधिकारी रविशंकर गोपालकृष्णन ने विश्लेषकों से कहा, कंपनी ने वाह्य वाणिज्यिक उधारी के जरिए 30 करोड़ डॉलर कर्ज लेने की योजना बनाई ताकि मौजूदा उच्च लागत वाले कर्ज को इससे बदला जा सके। विमानन कंपनी पर 11,700 करोड़ रुपये से ज्यादा कर्ज है, जिसमें विमान अधिग्रहण के लिए 7300 करोड़ रुपये का कर्ज शामिल है जबकि बाकी में कार्यशील पूंजी के लिए कर्ज व अन्य अल्पावधि वाले कर्ज हैं।

उन्होंने कहा कि विमानन कंपनी कर्ज पुनर्गठन के जरिए करकीब 3 करोड़ डॉलर (183 करोड़ रुपये) बचाएगी, जो ब्याज भुगतान में कमी के जरिए होगा। कर्ज की औसत लागत भी घटकर 5 फीसदी से करीब 4-4.2 फीसदी रह जाने की संभावना है।

जेट एयरवेज एतिहाद की तरफ से 2060 करोड़ रुपये के निवेश के मामले में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की मंजूरी की भी प्रतीक्षा कर रही है। इक्विटी के अलावा एतिहाद जेट के फ्रिक्वेंट फ्लायर प्रोग्राम में 915 करोड़ रुपये का निवेश करेगी और 15 करोड़ डॉलर के ईसीबी कर्ज उगाहने में भी मदद करेगी।

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