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ठंडा पड़ा रफ्तार का रोमांच!
शर्मिष्ठा मुखर्जी / नई दिल्ली October 24, 2013

जब भारत में पहली बार फॉम्र्यूला वन (एफ1) रेस आयोजित की गई थी तो अमीर-उमराव तबके ने उसे जितनी तवज्जो दी थी, उतनी ही सुर्खियां रेस ने मीडिया में बटोरी थीं और आम आदमी की भी खासी दिलचस्पी दिखी थी। लेकिन अब तस्वीर बदली नजर आ रही है। इस बार एफ 1 रेस शुक्रवार से शुरू हो रही है और तीन दिन तक चलेगी। इसके लिए टिकट तीन महीने से बेचे जा रहे हैं, लेकिन अभी 40 फीसदी टिकट ही बिक सके हैं। यानी 1 लाख दर्शकों की क्षमता वाले स्टैंड शायद आधे भी नहीं भर सकेंगे।

हालांकि दर्शकों का ठंडा रुख भांपकर इसकी आयोजक जेपी स्पोट्र्स इंटरनैशनल (जेपीएसआई) ने रेस के टिकट 30 से 43 फीसदी घटा दिए हैं। लेकिन दर्शकों में जोश जगता नहीं दिख रहा है। टिकट बिक्री के आंकड़ों की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया, 'हमने एफ 1 की लगभग 40 हजार टिकटें बेची हैं। सभी 55 प्लेटिनम इनक्लोजर के टिकट बिक चुके हैं। हम इस साल 65 हजार दर्शकों के आने की उम्मीद कर रहे हैं।Ó

इस बार सप्ताहांत (25-27 अक्टूबर) के लिए टिकटों की कीमत 2,000 रुपये और 21,000 रुपये के बीच रखी गई है, जबकि पिछली बार आयोजकों ने इसके लिए 3,500 रुपये से 30,000 रुपये तक वसूले थे। वास्तव में इस साल ग्रैंड स्टैंड के लिए टिकट की कीमत 40 फीसदी कम 21,000 रुपये रखी गई है जबकि अक्टूबर 2011 में बुद्ध इंटरनैशनल सर्किट में हुई पहली रेस में इसके लिए 35,000 रुपये वसूले गए थे। कॉरपोरेट बॉक्सों (प्लेटिनम इनक्लोजर) की बुकिंग दर भी घटकर 30 से 70 लाख रुपये प्रति इनक्लोजर रह गई है, जबकि पिछले साल इसी के लिए 35 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये वसूले गए थे।

इस बार 65,000 टिकटें बेचने का लक्ष्य रखा गया है। 2011 में जब रेस शुरू हुई थी तो 95000 टिकट बिके थे और पिछले साल 67000 टिकट खरीदे गए थे। अनुमानों के मुताबिक जेपीएसआई को 2011 में 100 करोड़ रुपये और 2012 में 85 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी।

इस उद्योग पर नजर रखने वाली इकाई फॉम्र्यूला मनी की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में एफ1 के लिए दिलचस्पी घट रही है और नियामकीय मसलों के कारण भारत के हाथ से 2014 की एफ1 रेस फिसल भी चुकी है। फिर भी दुनिया भर में इस साल एफ1 को 2 अरब डॉलर की आमदनी हो सकती है। इसकी सफलता को देखते हुए एफ1 के प्रमुख बर्नी एक्लेस्टोन संभवत: आईपीओ लाने पर विचार कर रहे हैं। जेपीएसआई को उम्मीद थी कि 2015 तक वह लागत वसूलने की हालत में आ जाएगी।

इस साल यह प्रतिस्पर्धा 2012 संस्करण के लिए राज्य सरकार को मनोरंजन कर का भुगतान नहीं करने से संबंधित विवादों और कानूनी मुश्किलों के बीच आयोजित हो रही है। उत्तर प्रदेश सरकार को कर नहीं चुकाए जाने के संबंध में दायर याचिका पर उच्चतम न्यायालय शुक्रवार को सुनवाई करेगा।

Keyword: F-1, Formula One, Rasing, फॉम्र्यूला वन (एफ1),
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