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रियल्टी क्षेत्र में गुणवत्ता पर रखें ध्यान
शीतल अग्रवाल और राम प्रसाद साहू /  10 20, 2013

इन्वेंट्री बढऩे, सुस्त बिक्री और धीमी अर्थव्यवस्था की वजह से अधिक जोखिम की चिंताओं की वजह से बीएसई के रियल्टी इंडेक्स को हाल में उसके 6 वर्ष के निचले स्तर पर ला दिया है। हालांकि इसमें कुछ रिकवरी आई है, लेकिन इस वित्त वर्ष में अब तक यह 29 फीसदी गिर कर 1328 पर आ चुका है। आय की कमजोर संभावना और इस क्षेत्र में सूचीबद्घ कंपनियों के प्रति निवेशकों की घटती दिलचस्पी का मतलब है कि यह सेक्टर साल के दौरान खराब प्रदर्शन करने वाले प्रमुख सूचकांकों में शुमार रहा है। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि इस क्षेत्र पर विचार करने के लिए यह अच्छा समय हो सकता है।

हालांकि यूबीएस के विश्लेषक आशीष जगनानी यह स्वीकार कर रहे हैं कि बिक्री वृद्घि 2008 के संकट के स्तर के आसपास है और आय भी कमजोर बने रहने की आशंका है। वह कहते हैं, 'कई रियल्टी शेयर अपनी शुद्घ ऐसेट वैल्यू के मुकाबले लगभग 60-65 फीसदी कम मूल्यांकन पर कारोबार कर रहे हैं।Ó इसकी अधिक संभावना इस तथ्य से जुड़़ी हुई है कि किराया परिसंपत्ति मूल्यांकन का शेयर की कीमत में लगभग 50-70 फीसदी का योगदान है।

जब मूल्यांकन पर बुक वैल्यू के आधार पर विचार किया जाए तो यह काफी आकर्षक है। यह सेक्टर अब वित्त वर्ष 2014 की अनुमानित बुक वैल्यू के 0.66 गुना के सस्ते मूल्यांकन पर कारोबार कर रहा है जो उसके 1.3 गुना के एक वर्षीय फॉर्वर्ड प्राइस/बुक वैल्यू अनुपात की तुलना में 50 फीसदी कम है। इन कारकों को ध्यान में रखते हुए विश्लेषकों का मानना है कि निवेशक रियल्टी शेयरों में निवेश पर विचार कर सकते हैं, लेकिन वे गुणवत्तायुक्त कंपनियों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। ऐम्बिट कैपिटल के मुख्य कार्याधिकारी (इंस्टीट्ïयूशनल इक्विटीज) सौरभ मुखर्जी कहते हैं, 'निवेशकों को यह याद रखना चाहिए कि हमारी जीडीपी में रियल एस्टेट का 10 फीसदी और हमारे बाजार पूंजीकरण में इसका लगभग आधा फीसदी का योगदान है।'

विश्लेषकों का कहना है कि श्रेष्ठï बिक्री प्रदर्शन, बैलेंस शीट और आकर्षक मूल्यांकन की वजह से कुछ सूचीबद्घ कंपनियों में निवेशकों की अच्छी दिलचस्पी बरकरार है और यही वजह है कि निवेशकों को रुझानों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मुखर्जी का मानना है कि शोभा डेवलपर्स, प्रेस्टीज एस्टेट, ओबेरॉय रियल्टी निवेश के लिए श्रेष्ठï हैं। बोफा-मेरिल लिंच के विश्लेषक अभिषेक किरन गुप्ता को इस त्योहारी सत्र में कीमतों में गिरावट की  उम्मीद है।

वे निवेशकों को रियल्टी क्षेत्र में गुणवत्ता वाली कंपनियों में निवेश बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं। वे निष्पादन, बिक्री-पूर्व वृद्घि, कॉरपोरेट शासन, मुक्त नकदी प्रवाह और कर्ज-पूंजी अनुपात को ध्यान में रखते हुए प्रेस्टीज एस्टेट्ïस और ओबेरॉय रियल्टी को पसंद कर रहे हैं। मॉर्गन स्टैनली के विश्लेषक विविधीकृत और गुणवत्तायुक्त भूमि बैंक के अलावा नए लॉन्च की तेज रफ्तार आदि की वजह से शोभा डेवलपर्स पर ध्यान दे रहे हैं।

ओबेरॉय रियल्टी
क्रेडिट सुइस में विश्लेषक अनंत नारायण कहते हैं, 'शीर्ष भारतीय प्रॉपर्टी कंपनियों में शुमार ओबेरॉय मजबूत बैलेंस शीट, पी/ई और उद्यम वैल्यू/एबिटा मल्टीपल के संदर्भ में आकर्षक मूल्यांकन और उचित आरओई (पूंजी पर प्रतिफल) से लैस है। इस वजह से यह हमारा पसंदीदा शेयर है।Ó उन्होंने इस शेयर के लिए 275 रुपये का कीमत लक्ष्य रखा है। मुंबई की यह कंपनी इस वित्त वर्ष में लगभग 40 लाख वर्ग फुट से जुड़ी नई परियोजनाओं के लॉन्च की योजना बना रही है। इसकी मुलुंड परियोजना (एक्जोटिका) की मंजूरी इस शेयर के लिए अल्पावधि के लिहाज से प्रमुख उत्प्रेरक होगी। मध्यावधि के परिदृश्य से गैर-मुंबई क्षेत्र में सफल प्रवेश एक अहम उपलब्धि होगी।

प्रेस्टीज एस्टेट्ïस
बेंगलूर की कंपनी प्रेस्टीज एस्टेट्ïस ने इस वित्त वर्ष में 1.4 करोड़ वर्ग फुट के नए लॉन्च की योजना बनाई है और साथ ही वह अपने लाभांश भुगतान में भी इजाफा करेगी। सितंबर 2013 तक कंपनी ने नए लॉन्च के लक्ष्य का 66 फीसदी हिस्सा पूरा कर लिया है। वित्त वर्ष 2016 तक इसकी किराया आय में मजबूती आने से आय और नकदी प्रवाह संभावना में सुधार आएगा। प्रेस्टीज के प्रबंधन का मानना है कि कंपनी वित्त वर्ष 2016 तक लगभग 500 करोड़ रुपये का सालाना किराया आय अर्जित करेगी और उसने इसका 50 प्रतिशत हिस्सा लाभांश के तौर पर वितरित किए जाने की योजना बनाई है।

शोभा डेवलपर्स
शोभा डेवलपर्स दक्षिण भारत में सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी है। कंपनी ने सफलतापूर्वक अपनी बैलेंस शीट को मजबूत बनाया है और अपने शुद्घ कर्ज-पूंजी अनुपात को वित्त वर्ष 2008 के 1.95 गुना से घटा कर वित्त वर्ष 2013 में 0.6 गुना किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2014 में 42 लाख वर्ग फुट के नए लॉन्च का अनुमान व्यक्त किया है और उसने वित्त वर्ष की पहली छमाही में इसका लगभग 47 फीसदी लक्ष्य पूरा कर लिया है। नए लॉन्च की मजबूत रफ्तार के साथ साथ शानदार बैलेंस शीट ने ज्यादातर ब्रोकरेज फर्मों को इस शेयर पर सकारात्मक रुख अपनाने के लिए प्रेरित किया है। शोभा ने कई संयुक्त विकास समझौते किए हैं और पुणे, गुडग़ांव और चेन्नई में दस्तक दी है। कंपनी ने इस वित्त वर्ष में 4 अन्य शहरों हैदराबाद, नोएडा, गाजियाबाद व कोझिकोड में भी प्रवेश करने की योजना बनाई है।

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