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पंजाब सरकार के अग्रिम कर से व्यापारी वर्ग नाराज
जालंधर /  October 06, 2013

पंजाब सरकार द्वारा हाल ही में लगाए गए अग्रिम कर से नाराज व्यापारियों का कहना है कि यह राज्य अब उद्योग और व्यापार जगत के लिए अनुकूल नहीं रह गया है। नई कर प्रणाली को सरकार ने अगर अधिसूचित कर दिया तो यहां के बचे खुचे व्यापारी अब दूसरे राज्यों की ओर रुख करेंगे, जिससे पंजाब को राजस्व का घाटा उठाना पड़ेगा।
फेडरेशन ऑफ जालंधर इंडस्ट्रियल और ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरशरण सिंह ने कहा, 'पंजाब के व्यापारी पहले ही वैट वापसी की समस्या का सामना कर रहे हैं। इससे उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है ऐसे में प्रवेश शुल्क की जगह अगर अग्रिम कर की व्यवस्था, व्यापारियों के साथ न केवल अन्याय है बल्कि यह छोटे व्यापारियों को राज्य से उखाडऩे की एक साजिश भी है।Ó

सिंह ने कहा, 'सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह क्या चाहती है। वैट के रूप में हमारा 600 करोड़ रुपये उनके पास पड़ा हुआ है जो अभी तक वापस नहीं हुआ है। प्रदेश सरकार ने बाद में ई ट्रिप लागू कर व्यापारियों के ऊपर बोझ लाद दिया और अब अग्रिम कर की व्यवस्था ला रही है।Ó

उन्होंने बताया, 'राज्य सरकार रोज नए नए कर व्यापार जगत पर थोप रही है। इससे यह प्रदेश अब व्यापार करने के लिए अनुकूल नहीं रह गया है और सरकार ने अगर इसे बंद नहीं किया तो पंजाब से व्यपारियों को दूसरे प्रदेशों में पलायन हो जाएगा। इससे पंजाब को ही राजस्व की हानि होगी।Ó सिंह ने कहा कि पंजाब अब व्यापारियों के लिए अनुकूल जगह नहीं रह गई है। यहां व्यापार करना मुश्किल हो गया है। यह सरकार अपने वोट बैंक के लिए प्रदेश में 600 करोड़ रुपये की बिजली मुफ्त बांट रही है और वह पैसे व्यापारियों को महंगी बिजली देकर वसूल रही है।Ó

एसोसिएशन के महासचिव राज कुमार शर्मा ने कहा, 'राज्य की अकाली भाजपा गठबंधन सरकार जिस तरह उद्योग और व्यापार पर नए नए कर थोप कर व्यापारियों के लिए समस्या पैदा कर रही है इससे पहले ही अधिकतर उद्योग अन्य राज्यों में स्थानांतरित हो चुके हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो बचा खुचा व्यापार भी अन्य प्रदेशों में चला जाएगा।Ó

उन्होंने यह भी कहा, 'व्यापार के लिए यहां पहले ही बहुत मुश्किलें हैं। यहां जमीन महंगी है। बिजली की महंगाई ने तो व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। उत्तर प्रदेश अथवा बिहार से अब श्रमिक यहां नहीं आ रहे हैं। इसके अलावा सरकार ने दुनिया भर का कर थोप दिया है वैट का हमारा रिटर्न अब तक नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि सरकार इसे कतई अधिसूचित नहीं करें, नहीं तो जालंधर ही नहीं पूरे पंजाब के व्यापारी दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर होंगे और इसकी जिम्मेदारी सरकार पर होगी। इससे सरकार को नुकसान उठाना पड़ेगा।Ó

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