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कितना अहम है आधार?
नेहा पांडेय देवरस /  September 26, 2013

कई लोगों को अब तक उनका आधार कार्ड मिल चुका होगा और जिन लोगों को अभी तक आधार कार्ड नहीं मिला होगा उनमें से कई इसे बनवाने की कोशिश में लगे होंगे। इसकी वजह है कि सरकार से मिलने वाले सभी फायदों या बैंक खाता खुलवाने या सिम कार्ड खरीदने के वक्त अपने 'ग्राहक को जानेंÓ यानी नो योर कस्टमर (केवाईसी) की अनिवार्यता पूरी करने के लिए आधार कार्ड को सबसे अहम पहचान पत्र माना जा रहा था। लेकिन अब उच्चतम न्यायालय ने कह दिया है कि जरूरी सेवाओं के लिए आधार जरूरी नहीं है।

तो क्या इसका मतलब यह है कि जिन्होंने आधार कार्ड बनवा लिया, उन्होंने अपना वक्त जाया किया? या जिन्होंने अभी तक आधार कार्ड नहीं बनवाया है उन्हें इसे बनवाने के लिए परेशान भी नहीं होना चाहिए? आखिर आधार की क्या अहमियत है?

अन्स्र्ट ऐंड यंग के पार्टनर और नैशनल लीडर (वैश्विक वित्तीय सेवाएं) अश्विन पारेख कहते हैं, 'आधार अब वह एकल पहचान पत्र नहीं रहा, जिसमें किसी व्यक्ति के नाम और जन्म तिथि के अलावा भी उसके बारे में अतिरिक्त जानकारी है। सरकार ने भारतीय विशेष पहचान प्राधिकरण की भूमिका को बहुत हल्का कर दिया है। सरकार को आधार पर अपना रुख स्पष्टï करना चाहिए।Ó पारेख कहते हैं कि शुरुआत में यह केवाईसी का अहम स्रोत बनने वाला था लेकिन बाद में यह महज आवास का सबूत बन गया और अभी यह कुछ भी नहीं है।

उच्चतम न्यायालय के इस आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह संसद के शीतकालीन सत्र में भारतीय राष्टï्रीय पहचान प्राधिकरण विधेयक 2010 पर चर्चा कराकर उसे पारित कराएगी। इस प्राधिकरण को कानूनी समर्थन देने वाले विधेयक को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सितंबर 2010 में अनुमति दी थी और इसे पिछले साल ही दिसंबर में राज्य सभा में पेश किया गया था। इसके बाद इसे भाजपा नेता यशवंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली वित्त मामलों पर संसदीय स्थायी समिति के पास समीक्षा के लिए भेजा गया। इस परियोजना के शुरुआती दिनों में किसी भी वित्तीय संस्थान ने आधार को पहचान पत्र के तौर पर स्वीकार नहीं किया था।

यूआईडीएआई की अधिसूचना जनवरी 2009 में जारी हुई और उसी साल जुलाई में नंदन नीलेकणी को इसका चेयरमैन नियुक्त किया गया था। लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक खाता खुलवाने के लिए इसे वैध प्रमाणन के तौर पर दिसंबर 2012 में अनुमति दी। यह स्थायी खाता संख्या (पैन), पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य जैसे पहचान प्रमाणों में से ही एक है। भारतीय स्टेट बैंक के एक वरिष्ठï अधिकारी ने बताया, 'हम खाता खोलने के लिए इसे अन्य वैध प्रमाणनों की तरह ही स्वीकार करते हैं।

अगर आपके पास आधार नहीं है लेकिन अन्य फोटो पहचान पत्र मसलन पैन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र है तो हमारे लिए वह भी पर्याप्त है। जब तक आरबीआई हमें मना नहीं करता तब तक हम इसे वैध प्रमाणन के तौर पर स्वीकारते रहेंगे।' बैंक के आवेदन फॉर्म में पहचान और पते के लिए स्वीकार किए जाने वाले दस्तावेजों की सूची दी गई है। इसमें पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, सरकारी/रक्षा पहचान पत्र, नियोक्ता का पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट, वेतन रसीद/संपत्ति कर आकलन आदेश, बिजली का बिल शामिल हैं। दिलचस्प है कि इस सूची में आधार को शामिल नहीं किया गया है।

यूआईडीएआई के वरिष्ठï अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, 'आपके पास आधार है या नहीं, यह बहुत अहम या अनिवार्य नहीं है। लेकिन सरकार इसे बढ़ावा दे रही है। इस लिहाज से यह जरूरी है। हालांकि आने वाले समय में यह बहुत जरूरी होगा।Ó यूआईडीएआई परियोजना के एक पूर्व सदस्य ने इसे महज एक पहचान पत्र करार दिया। इसे जारी करने में 60 से 90 दिन का समय लगता है और इस वजह से आधार कार्ड को अनिवार्य घोषित करने में लंबा समय लगेगा। अभी तक यूआईडीएआई ने 42.96 करोड़ लोगों को आधार संख्या जारी की है।

संसदीय कार्य एवं योजना राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने कहा था, 'सरकार की ओर से दी जा रही रसोई गैस पर सब्सिडी, प्राइवेट स्कूलों, बचत खाता खुलवाने समेत अन्य सेवाओं के लाभ के लिए आधार जरूरी नहीं है।Ó मंगलवार को भी शुक्ला ने कहा, 'आधार किसी व्यक्ति का पहचान पत्र है, न कि उसकी राष्टï्रीयता साबित करता है। यह आवास प्रमाण पत्र भी है। यह अनिवार्य नहीं है।Ó

इस बीच आपको क्या करना चाहिए? यदि आपने आधार कार्ड नहींं बनवाया है तो इसे बना डालिए। भले ही इसकी अहमियत के बारे में अभी कुछ पक्का नहीं कहा जा सकता लेकिन ऐसे एक और पहचान पत्र को बनवाने में कोई हर्ज नहीं है जो भविष्य में किसी जगह आपके काम आ सकता है। वैसे फिलहाल एकदम भाग दौड़ कर कार्ड बनवाने की जरूरत नहीं है।

Keyword: UID, आधार', भारतीय विशिष्ट, यूआईडीएआई ï पहचान प्राधिकरण, नंदन नीलेकणी , इन्फोसिस,
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