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एचपीसीएल रिफाइनरी को मंजूरी
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लिए कई अहम फैसले
बीएस संवाददाता / नई दिल्ली September 20, 2013

केंद्र सरकार ने राजस्थान के बाड़मेर में एचपीसीएल की रिफाइनरी को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की आज हुई बैठक में बाड़मेर के पचपदरा क्षेत्र में लगने वाली रिफाइनरी और पेट्रो केमिकल्स परिसर के लिए 37,200 करोड़ रुपये राशि को स्वीकृति दे दी। इसके पहले सोमवार को वित्त मंत्रालय के निवेश एवं संवद्र्धन बोर्ड ने रिफाइनरी पर लगने वाली लागत को मंजूरी दी थी। इसके साथ ही राजस्थान में एचपीसीएल की रिफाइनरी की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है।

 पश्चिमी राजस्थान ऊर्जा का बड़ा केंद्र बनने जा रह है। खासकर नई रिफाइनरी की स्थापना के बाद इस दिशा में मजबूती के साथ कदम बढ़ेंगे। उल्लेखनीय है कि राजस्थान अब सौर ऊर्जा का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। यहां जोधपुर जिले में सौर ऊर्जा पार्क की स्थापना की गई है। अब बाड़मेर में रिफाइनरी लगने से पश्चिमी राजस्थान की सूरत ही बदल जाएगी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी रविवार को 90 लाख टन क्षमता के तेल शोधन संयंत्र की आधारशिला रखेंगी।

इस परियोजना में तकरीबन 38,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा जो कि आजादी के बाद प्रदेश में दूसरी सबसे बड़ी निवेश परियोजना है। फिलहाल केयर्न इंडिया द्वारा बाड़मेर में प्रतिदिन 1.75 लाख बैरल तेल का उत्पादन किया जा रहा है। इस प्रकार महाराष्ट्र में रोजाना 2.25 लाख बैरल उत्पादन के बाद राजस्थान देश का दूसरा बड़ा तैल उत्पादक राज्य बन गया है। केयर्न इंडिया थार को और विकसित करने हेतु करीब 330 अरब रुपये का निवेश करना चाहती है।
लाखों को मिलेगा रोजगार
रिफाइनरी के लगने से यहां इससे जुड़ी सहायक उद्योगों की स्थापना में मदद मिलेगी और करीब एक लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। रिफाइनरी को उद्योगों की जननी कहा जाता है। रिफाइनरी से पेट्रो कैमिकल्स, पेट्रो इंजीनियरिंग, पेट्रो मेडिसनल रिसर्च, हीटिंग ऑइल इंडस्ट्रीज पॉलिमर्स, प्लास्टिक उद्योग आदि को बल मिलेगा। आस पास के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास संभव है। राजस्थान में करीब पांच-छह दशकों से अथक प्रयासों के बाद बाड़मेर में तेल व गैस के अथाह भंडारों की खोज हुई है। राज्य में कच्चे तेल की उपलब्धता करीब 90 करोड़ टन आंकी गई है।

वर्तमान में राज्य में लगभग 90 लाख टन कच्चे तेल का उत्पादन प्रतिवर्ष किया जा रहा है जो देश के कच्चे तेल के घरेलू उत्पादन का 20 फीसदी है। भविष्य में यह उत्पादन 1.5 करोड़ टन प्रति वर्ष तक पहुंचने की संभावना है। यदि 3 लाख बैरल प्रतिदिन तेल उत्पादन होता है तो राजस्थान में देश के कुल तेल उत्पादन का 35 फीसदी उत्पादन होने लगेगा। 
केंद्रीय कर्मियों का महंगाई भत्ता 10 फीसदी बढ़ा
केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मियों के मंहगाई भत्ता 10 फीसदी बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस निर्णय से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों 30 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा। अब तक यह मूल वेतन का 80 प्रतिशत है जिसे बढ़ाकर 90 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकारी खर्च कम करने की कवायद मेंं जुटी सरकार के लिए इस फैसले से बड़ा आर्थिक बोझ बढ़ेगा। आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक मंहगाई भत्ता बढ़ाने से सरकारी खजाने पर सालाना 10,879 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। चालू वित्त वर्ष में यह अतिरिक्त खर्च 6,297 करोड़ रुपये के बराबर होगा। इससे पहले सितंबर 2010 में केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की थी।

दालों, खाद्य तेल व तिलहन की भंडार सीमा बढ़ी
मंत्रिमंडल ने कीमतों पर नियंत्रण एवं सुचार आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दालों, खाद्य तेलों व तिलहन के भंडारण की सीमा की मियाद और एक साल के लिए बढ़ाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। भंडार पर सीमा संबंधी वर्तमान आदेश की अवधि 30 सितंबर को समाप्त हो रही थी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने बताया, 'दालों, खाद्य तेलों एवं तिलहनों के संबंध में 27 सितंबर, 2012 को जारी केंद्रीय आदेश की वैधता 30 सितंबर, 2014 तक के लिए बढ़ा दी गई है।Ó उन्होंने कहा कि इस निर्णय से राज्य सरकारें आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई जारी रख सकेंगी। भंडारण सीमित करने के इन उपायों से देश के विभिन्न हिस्सों में दालों और खाद्य तेलों की कीमतों पर नियंत्रण रखने में मदद मिली है।   

Keyword: PM manmohan singh, Cabinet Decision, केंद्रीय मंत्रिमंडल, HPCL Refinary,
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