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संदेशे तो अब भी आते हैं मगर नई तकनीक से
अभीक सेन /  September 19, 2013

अपनी सबसे अच्छी सहेली से फोन पर बात करते हुए मेरी पत्नी ने अचानक पूछा, 'क्या तुमने व्हाट्सऐप या वीचैट डाउनलोड किया है? अब मैं तुम्हें बीबीएम नहीं कर सकूंगी लेकिन हमें एक दूसरे से बातचीत करने के लिए कुछ तो चाहिए।Ó दरअसल उनकी सहेली ने हाल में अपना ब्लैकबेरी फोन बदलकर महंगा ऐंड्रॉयड मोबाइल खरीदा है और मेरी पत्नी यह सुनिश्चित करना चाहती थी कि वह सहेली उसकी व्हाट्सऐप/वीचैट सूची में जरूर रहे, जिससे वे एक दूसरे को मुफ्त में संदेश भेज सकें। आखिर मोबाइल पर संदेश भेजने वाली सबसे पुरानी सेवा एसएमएस (शॉर्ट मेसेज सर्विस) को क्या हुआ? एक ऐसा भी वक्त था, जब पूरा देश फोन बिल कम रखने के लिए महंगी कॉल के बजाय इस सेवा का जमकर इस्तेमाल करता था। जल्द संदेश भेजने का एक और किफायती जरिया था ईमेल बशर्ते, जिसे आप ईमेल भेज रहे हैं उसके पास इंटरनेट की नियमित सुविधा हो (जो उन दिनों दुर्लभ हुआ करती थी)।

एसएमएस सेवा के सुनहरे दिन अब करीब करीब बीत चुके हैं। कम से कम भारत में आने के लिए लगी इंस्टैंट मेसेजिंग सेवा कंपनियों की कतार देखते हुए तो ऐसा ही लगता है।

इस चलन की शुरुआत शायद ब्लैकबेरी ने अपनी बीबीएम सेवा से की थी, जो कंपनी के ही मोबाइल फोन पर उपलब्ध थी। भारत में ब्लैकबेरी की बिक्री बढ़ाने में इस फीचर ने अहम भूमिका निभाई थी। अपने सबसे सस्ते मोबाइल फोन की कीमत 10,000 रुपये के आसपास रखने से भी ब्लैकबेरी को इस बाजार को हथियाने में काफी मदद मिली। ब्लैकबेरी की बीबीएम सेवा का इस्तेमाल करने वालों को इसकी यही विशेषता काफी रास आती थी। और इस सेवा की सबसे खास बात थी कि यह मुफ्त थी जबकि एसएमएस करने के पैसे लगते थे! अब यह अलग बात है कि ब्लैकबेरी स्कीम लेते ही आपको डेटा शुल्क चुकाना पड़ता था लेकिन उसके अलावा और कुछ नहीं देना पड़ता था।

अगर आपके स्मार्टफोन पर चैट ऐप्लिकेशंस मसलन जीटॉक, याहू या एमएसएन मेसेंजर उपलब्ध हैं और आपने असीमित डेटा प्लान नहीं ले रखा है तो इस बात की संभावना काफी बढ़ जाती है कि इन सेवाओं का अक्सर इस्तेमाल करने पर आपको भारी भरकम मोबाइल बिल चुकाना पड़े।

ब्लैकबेरी के बीबीएम के बाद आई इंस्टैंट मेसेजिंग ऐप्स की बाढ़ और इस कारोबार में कदम रखने वाली सबसे पहली कंपनियां थीं व्हॉट्सऐप व निंबज। व्हाट्सऐप के आसान इंटरफेस ने ज्यादातर लोगों को काफी लुभाया और बेहद कम समय में यह सबसे लोकप्रिय इंस्टैंट मैसेज सेवा बनकर उभरी। सभी ऑपरेटिंग सिस्टम के अनुकूल होने से इसे काफी लाभ हुआ और फिर क्या था सभी कंपनियों के मोबाइल फोन पर लोग व्हाट्सऐप के जरिये बातें करने लगे।

बाजार में सस्ते मोबाइल फोन आने से इंस्टैंट मेसेजिंग की सुविधा भी महंगे हैंडसेट तक सीमित नहीं रही और अब यह लगभग सभी फोनों में उपलब्ध है। 3जी सेवा के बढ़ते प्रसार ने भी इंस्टैंट मेसेजिंग की लोकप्रियता में इजाफा किया है।

एसएमएस अब महज त्योहारों और विशेष अवसरों पर शुभकामनाएं देने का ही जरिया बनकर रह गया है और इसी दिन दूरसंचार कंपनियां इस सेवा से चांदी काटती हैं क्योंकि त्योहारों के दिन विशेष एसएमएस सबस्क्राइबर पैक लागू नहीं होते हैं। ऐसे मौकों पर ब्लैकबेरी रखने वाले हम जैसे लोग बीबीएम का इस्तेमाल करते थे बशर्ते सामने वाले के पास भी ब्लैकबेरी हो। लेकिन सभी प्लेटफॉर्म पर काम करने वाला व्हाट्सऐप आने के बाद शुभकामनाएं भेजने के लिए हमने इसका इस्तेमाल शुरू कर दिया।

इसके बाद हमारा वास्ताचीन में बेहद लोकप्रिय सेवा वीचैट से पड़ा। शुरुआत में इस सेवा को ऐंड्रॉयड और आईओएस प्लेटफॉर्म के लिए ही पेश किया गया था और इसका कूल फैक्टर आपके फोन को नए दोस्त तलाश करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा था। कई लोगों ने इसे व्हाट्ऐप की नकल कहकर खारिज किया लेकिन जिन्होंने हिम्मत जुटाकर इस सेवा का इस्तेमाल शुरू किया उन्होंने पाया कि इस ऐप में दोस्तों के साथ चैट करने के अलावा और भी कई सारे फीचर हैं। वीचैट के जरिये आप इंस्टैंट वीडियो और वॉयस मेसेज भी भेज सकते हैं। इसके बाद कंपनी ने वीचैट को सभी ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए पेश किया, जिसमें फीचरफोन भी शामिल थे और व्हाट्सऐप के जबरदस्त प्रशंसकों ने इस मजेदार सेवा को डाउनलोड करने में जरा भी देर नहीं लगाई। कंपनी ने बेहद आकर्षक दिखने वाले फुटबॉल खिलाड़ी लियोनल मैसी को लेकर एक विज्ञापन भी बनाया, जिससे भी लोगों को इस सेवा से जुडऩे में मदद मिली।

निंबज ने भी गेमिंग और एक मैसेजिंग सेवा के साथ जल्द वापसी की। कई स्मार्टफोन में ये सुविधाएं पहले से होती हैं। विंडोज 8 फोन तो कई ऐसी सेवाओं को मोबाइल पर लेकर आया, जो हमारे डेस्कटॉप या लैपटॉप पर ही होती थीं। स्काइप और वाइबर ऐसी दो लोकप्रिय वॉयस ऑवर इंटरनेट प्रोटोकॉल सेवाएं हैं, जिनका इस्तेमाल लोग पहले आईओएस और ऐंड्रॉयड पर कॉल करने के लिए करते थे लेकिन अब ये विंडोज 8 फोन पर उपलब्ध हैं। अब तक ज्यादातर इंस्टैंट मेसेंजर कंपनियों ने सभी फीचरफोन के प्लेटफॉर्म के लिए संस्करण पेश कर दिए थे और निंबज ने तो जावा आधारित सस्ते स्मार्टफोन के लिए भी सेवाओं के संस्करण पेश किए।
इसके बाद ब्लैकबेरी के नवीनतम मॉडल ब्लैकबेरी 10 में भी स्काइप आया और साथ ही बीबीएम पर वीडियो चैट भी।

आलम यह है कि अब तो दूरसंचार कंपनियां भी इस कतार में शामिल हो गई हैं। कुछ दूरसंचार कंपनियां इंस्टैंट मेसेजिंग पैक की पेशकश कर रही हैं। मसलन एयरटेल का परिचालन करने वाली भारती एयरटेल ने 'हाइकÓ का अपना संस्करण पेश करने के लिए जापान की सॉफ्टबैंक के साथ हाथ मिलाया है। माना जा रहा है इसे काफी कस्टमाइज कर पेश किया जाएगा।

तो क्या फोन में आने वाले बिल्ट इन मेसेंजर्स मसलन ब्लैकबेरी की बीबीएम सेवा, ऐपल की आईमैसेजिंग और सैमसंग की चैटऑन का आकर्षण कम हो रहा है? काफी हद तक ऐसा लग रहा है। जाहिर है कि एक ही कंपनी के हैंडसेट इस्तेमाल करने वाले इन बिल्ट इन इंस्टैंट मेसेजिंग सेवाओं का लाभ उठाते हैं और स्मार्टफोन के शानदार पोर्टफोलियो के साथ सैमसंग इस श्रेणी में सबसे आगे है। लेकिन अब स्मार्टफोन में पहले से मौजूद मेसेंजर ऐप के इस्तेमाल को प्राथमिकता नहीं दी जाती है।

शायद इसी से सीख लेते हुए ब्लैकबेरी ने घोषणा की है कि उसका बीबीएम अब आईओएस और ऐंड्रॉयड उपकरणों पर भी उपलब्ध होगा। ब्लैकबेरी का यह कदम स्मार्टफोन बनाने वाली अन्य कंपनियों के लिए प्रयोग साबित होगा। अगर ऐंड्रॉयड और आईओएस पर आने का बीबीएम का प्रयोग सफल रहता है तो यह पुराने मेसेंजरों के लिए अच्छी खबर होगी।  इसी महीने जापान की लोकप्रिय मेसेंजर सेवा लाइन ने भी भारतीय कारोबार में कदम रख दिया है और यह भी विभिन्न प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। शायद यह 20 साल पहले अस्तित्व में आए एसएमएस के ताबूत में आखिरी कील साबित हो।

लेकिन ऐसा नहीं है कि एसएमएस के चाहने वाले समाप्त हो गए हैं। मेरे जैसे कुछ लोग अब भी इस पुरानी सेवा का काम में नियमित तौर पर इस्तेमाल करते हैं खासतौर पर अपने बॉस से छुट्टïी मांगने के लिए!

Keyword: technology, एसएमएस,
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