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एयर इंडिया ने मांगी सॉवरिन गारंटी
शर्मिष्ठा मुखर्जी / नई दिल्ली September 12, 2013

मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के मद्देनजर सरकार कर्ज भार से लदी सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी एयर इंडिया में निर्धारित पूंजी डालने में नाकाम रही है और इसकी वजह से एयर इंडिया ने बैंकों से 2,500 करोड़ रुपये की रकम जुटाने के लिए वित्त मंत्रालय से सॉवरिन गारंटी की मांग की है।

एयर इंडिया के एक वरिष्ठï अधिकारी ने बताया, 'फिलहाल चालू खाता घाटा (सीएडी) अपने उच्चतम स्तर पर है। वित्त मंत्रालय संसाधनों की कमी से जूझ रहा है और इस वजह से सरकार के लिए फिलहाल एयर इंडिया में पूंजी डालना संभव नहीं है। वित्त वर्ष 2013 और 2014 में एयर इंडिया में कुल 15,600 करोड़ रुपये की पूंजी डाली जानी है लेकिन इसमें करीब 2,500 करोड़ रुपये की कमी आ रही है।Ó  एयर इंडिया द्वारा

अधिकारी ने बताया, 'सॉवरिन गारंटी से हमें सस्ते दर पर कर्ज जुटाने में मदद मिलेगी। हम इस रकम से अपने वेंडरों और हवाई अड्डïा संचालकों के बकाये का भुगतान कर सकेंगे। मार्च 2013 तक एयर इंडिया समूह पर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) का 1539.7 करोड़ रुपये बकाया था।Ó

केंद्रीय मंत्रिमंडल एयर इंडिया के कायाकल्प योजना को अपनी मंजूरी दे चुका है और इस योजना के तहत चालू वित्त वर्ष के दौरान कंपनी को 5,000 करोड़ रुपये का कोष दिया जाना है। योजना के तहत वर्ष 2012-13 से अगले 9 वर्षों के दौरान सरकार द्वारा एयर इंडिया में 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी डाली जानी है। पिछले वित्त वर्ष के दौरान सरकार द्वारा कंपनी को 10,600 करोड़ रुपये की पूंजी मुहैया करायी जानी थी लेकिन कंपनी को महज 6,000 करोड़ रुपये ही मिले। यह दूसरी बार है जब एयर इंडिया ने सरकार से सॉवरिन गारंटी देने की मांग की है।

अक्टूबर 2012 की शुरुआत में वित्त मंत्रालय ने एयर इंडिया को बिना किसी शर्त के सॉवरिन गारंटी दी थी ताकि कंपनी 7,400 करोड़ रुपये के गैर परिवर्तनीय डिबेंचरों (एनसीडी) जारी कर सके। बॉन्ड को जारी किया जाना एयर इंडिया के 18,000 करोड़ रुपये के अल्पकालिक कर्ज को पुनर्गठित किए जाने की रणनीति थी। इसमें से हालांकि 10,600 करोड़ रुपये की रकम को दीर्घकालिक कर्ज में तब्दील कर दिया गया जिसका भुगतान 15 वर्षों के दौरान किया जाना था जबकि बाकी की रकम को बैंकों को लौटा दिया गया। चालू वित्त वर्ष के दौरान एयर इंडिया के राजस्व में 20.2 फीसदी का इजाफा होने की उम्मीद है और साथ ही कंपनी के शुद्घ घाटे में 23 फीसदी से अधिक की गिरावट आने की उम्मीद है।

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