बिजनेस स्टैंडर्ड - हिंदुस्तान जिंक की नकदी पर नजर
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हिंदुस्तान जिंक की नकदी पर नजर
बीएस संवाददाता / मुंबई September 09, 2013

वेदांत समूह के लिए हिंदुस्तान जिंक (एचजेडएल) में सरकार की हिस्सेदारी का अधिग्रहण काफी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि इससे अनिल अग्रवाल की कंपनी को एचजेडएल की नकदी से कर्ज का भुगतान करने में मदद मिलेगी जो कि उसने केयर्न इंडिया के अधिग्रहण के दौरान लिया था।

बॉक्साइट की अनुपलब्धता की वजह से लांजीगढ़ अल्युमिना परियोजना का भविष्य फिलहाल अधर में लटका हुआ है और ऐसी परिस्थिति में हिंदुस्तान जिंक वेदांत इंडिया के परिचालन में काफी महत्वपूर्ण साबित होगी। विश्लेषकों के मुताबिक नई गठित इकाई सेसा स्टरलाइट के तहत भारतीय परिचालन का पुनर्गठन होने के बाद नयी कंपनी में कई बेहतर कंपनियां शामिल होंगी जहां से कंपनी को अधिक रिटर्न मिलेगा।

गोवा और कर्नाटक में खनन का मसला अगले तीन महीनों के दौरान सुलझने की उम्मीद है और इसके बाद सेसा स्टरलाइट के नकदी प्रवाह में सुधार होगा। साथ ही लौह अयस्क के निर्यात शुल्क में कमी से कंपनी को अपना नकदी प्रवाह सुधारने में मदद मिलेगी। मॉर्गन स्टैनली के मुताबिक सेसा स्टरलाइट की इंडियन जिंक परिसंपत्ति वैश्विक तौर पर लागत के लिहाज से काफी बेहतर स्थिति में है और यह काफी बेहतर वृद्घि दर के साथ आगे बढ़ रहा है।

मॉर्गन स्टैनली के एक विश्लेषक ने कहा, 'वित्त वर्ष 2013-15 के लिए हम कुल खनित धातुओं के लिए सालाना करीब 7 फीसदी चक्रीय वृद्घि दर का अनुमान जाहिर करते हैं। साथ ही इसे डॉलर के मुकाबले रुपये में आई कमजोरी से मदद मिलेगी। सेसा स्टरलाइट के लिए जिंक नकदी प्रदान करने वाला उपकरण बना रहेगा और यह सेसा स्टरलाइट के बेहतर रिटर्न अनुपात में भारी योगदान देता रहेगा।Ó

सेसा स्टरलाइट ने वेदांत से 5.9 अरब डॉलर का कर्ज अधिग्रहीत किया था और कर्ज का भुगतान करने के लिए केयर्न इंडिया के 13,000 करोड़ रुपये के बचत खाते तक कंपनी की पहुंच बनी रहेगी। हालांकि केवल यही पर्याप्त नहीं होगा और कंपनी एचजेडएल के नकदी तक पहुंच चाहती है। वेदांत के प्रबंधन के तहत हिंदुस्तान जिंक का कायापलट हो चुका है। फिलहाल हिंदुस्तान जिंक में सरकार की 29.5 फीसदी हिस्सेदारी है और समूह कंपनी के 21,000 करोड़ रुपये की नकदी और उसके निवेश का इस्तेमाल करने की स्थिति में नहीं है।

बैंकरों का कहना है कि सरकार की हिस्सेदारी खरीदने के बाद सेसा स्टरलाइट हिंदुस्तान जिंक के नकदी का इस्तेमाल करने की स्थिति में होगी और इससे वह केयर्न के कर्ज का भुगतान कर सकेगी जिसका भुगतान अगले 3 वर्षों के दौरान किया जाना है। केयर्न के अधिग्रहण के दौरान 3.5 अरब डॉलर का कर्ज लिया गया था। बैंकरों के मुताबिक एचजेडएल और सेसा स्टरलाइट के बीच विलय की प्रक्रिया को अगले वित्त वर्ष के दौरान पहली तिमाही में शुरू किया जायेगा। हालांकि विश्लेषकों को वेदांत अल्युमिनियम के तहत तीन बड़े परियोजनाओं की संभावनओं को लेकर चिंता है और इन परियोजनाओं को बॉक्साइट की अनुपलब्धता का सामना करना पड़ रहा है।

Keyword: Vedanta, HZL, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (एचजेडएल), वेदांत पीएलसी, अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीद,
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