बिजनेस स्टैंडर्ड - गैर वित्तीय पीएसयू से करीब 30 अरब डॉलर जुटा सकती है सरकार
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, January 29, 2020 01:25 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम कंपनिया खबर

गैर वित्तीय पीएसयू से करीब 30 अरब डॉलर जुटा सकती है सरकार
कृष्ण कांत / मुंबई August 11, 2013

वित्त मंत्री गैर वित्तीय सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) के बहीखाते को नुकसान पहुंचाए बिना उससे लाभ उठाते हुए करीब 30 अरब डॉलर यानी 1,80,000 करोड़ रुपये जुटा सकते हैं। यह रकम जुलाई में शीर्ष गैर वित्तीय पीएसयू के कुल बाजार पूंजीकरण के करीब पांचवें भाग के बराबर है। यह आकलन उस धारणा पर आधारित है कि सरकारी स्वामित्व वाली ये कंपनियां कर्ज के जरिये अपनी 50 फीसदी हैसियत तक रकम जुटा सकती हैं।

रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स के निदेशक दीप नारायण मुखर्जी ने कहा, 'पीएसयू के जरिये 25 से 30 अरब डॉलर जुटाने में कोई समस्या नहींं होगी। सरकारी स्वामित्व वाली बड़ी कंपनियों के आकार और वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए कोष जुटाया जा सकता है।Ó उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती पीएसयू बैंकों में इस रकम के हस्तांतरण में होगी क्योंकि उन्हें ताजा पूंजी की बेहद जरूरत है।

इस साल मार्च के अंत तक शीर्ष 21 गैर वित्तीय केंद्रीय पीएसयू की कुल हैसियत 5,68,011 करोड़ रुपये यानी 95 अरब डॉलर थी। जबकि उनके बहीखातों में दर्ज कुल कर्ज करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये था और इसमें अधिकांश तेल विपणन कंपनियां, बिजली कंपनियां (एनटीपीसी और पावरग्रिड) और सेल शामिल थीं। अध्ययन में शामिल 21 में से 9 पीएसयू पर कोई कर्ज नहीं और उनके पास अतिरिक्त नकदी और परिसंपत्तियां उपलब्ध हैं जो करीब 1.18 लाख करोड़ रुपये यानी मौजूदा विनिमय दर पर करीब 20 अरब डॉलर के बराबर है। इनमें लगभग आधी रकम कोल इंडिया के पास उपलब्ध है। इस क्लब के अन्य सदस्यों में एनएमडीसी, ओएनजीसी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, कंटेनर कॉरपोरेशन, इंजीनियर्स इंडिया आदि शामिल हैं। जबकि गेल, एनटीपीसी, सेल, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड और पेट्रोनेट एलएनजी जैसी 7 अन्य पीएसयू के बहीखातों पर मामूली कर्ज है और उनका डेट के मुकाबले इक्विटी का अनुपात 0.5 से भी नीचे है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इन कर्जमुक्त पीएसयू के जरिये वित्त मंत्री डॉलर में कर्ज जुटा सकते हैं। इस रणनीति के तहत जिन कर्जमुक्त सरकारी कंपनियों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है उनमें कोल इंडिया, एनएमडीसी और ओएनजीसी प्रमुख हैं। अध्ययन में उन पीएसयू को शामिल नहीं किया गया है जो बीएसई-200 में शामिल नहीं हैं।

हालांकि विश्लेषकों को डर है कि इन कंपनियों के जरिये कोष जुटाने की खबर शेयर बाजार में आने के बाद उनके शेयरों में गिरावट दर्ज की जा सकती हैं। पीएसयू कंपनियों के कमजोर वित्तीय प्रदर्शन और बहीखातों के मद्देनजर उनके शेयरों में पहले ही काफी गिरावट दर्ज की जा चुकी है। एमके ग्लोबल फाइनैंशियल सर्विसेज के सह प्रमुख धनंजय सिन्हा ने कहा, 'इसलिए पीएसयू बॉन्ड के जरिये सरकार जो भी हासिल करेगी उससे कहीं अधिक बाजार पूंजीकरण को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा कर्ज का ब्याज उनके मुनाफे को खा जाएगा और इस प्रकार सरकार की लाभांश आय घट जाएगी।Ó

Keyword: Private Bank, Non Banking, एनएमडीसी, ओएनजीसी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, कंटेनर कॉरप,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या नई शर्तों से एयर इंडिया के लिए आकर्षित होंगे खरीदार?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.