बिजनेस स्टैंडर्ड - धान का ढेर न कर दे 'ढेर'
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धान का ढेर न कर दे 'ढेर'
एन सुंदरेश सुब्रमण्यन / नई दिल्ली August 04, 2013

नैशनल स्पॉट एक्सचेंज ने पिछले सप्ताह सभी वायदा अनुंबधों को स्थगित करने की घोषणा की थी। लेकिन इस दौरान जिंसों की कीमतों और कृषि मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी हाजिर कीमतों में भारी अंतर होने के कारण बकाये अनुबंधों के निपटान में एक्सचेंज को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। सबसे बड़ी चुनौती धान के बड़े भंडार को लेकर हो सकती है क्योंकि इसमें सबसे अधिक नुकसान के आसार हैं।

एक्सचेंज पर कारोबार स्थगित होते समय विभिन्न अनुबंधों के तहत औसतन 2,812 रुपये प्रति क्विंटल की कीमत पर करीब 5,09,851 टन धान का भंडारण हरियाणा, पंजाब और आंध्र प्रदेश के 10 गोदामों में किया गया था। औसत कीमत पर कुल भंडार का मूल्य करीब 1,433.7 करोड़ रुपये था। लेकिन 3 अगस्त को देशभर की विभिन्न मंडियों में धान की कीमतों पर गौर करने से अलग तस्वीर सामने आती है। कृषि मंत्रालय के अधीन विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय (डीएमआई) की वेबसाइट एग्मार्केट डॉट एनआईसी डॉट इन के मुताबिक धान की कीमतें शाहजहांपुर में 980 रुपये प्रति क्विंटल और तमिलनाडु के कोविलपट्टïी में 1,700 रुपये प्रति क्विंटल थीं। ऐसे में एक्सचेंज को शाहजहांपुर में 934 करोड़ रुपये और कोविलपट्टïी में 566 करोड़ रुपये का झटका लग सकता है। यदि धान का औसत मूल्य 1,350 रुपये प्रति क्विंटल भी मान लेते हैं तब भी एक्सचेंज को 700 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।

एनएसईएल की वेबसाइट के अनुसार 26 जुलाई को एनएसईएल ने देशभर के 79 गोदामों में 34 जिंसों का कुल 14.4 करोड़ टन भंडारण किया था। इसका मूल्य 5,500 करोड़ रुपये के दावों के मुकाबले 6,200 करोड़ रुपये बताया गया। लेकिन बिजनेस स्टैंडर्ड के एक विश्लेषण से पता चलता है कि 26 जुलाई को एनएसईएल पर जारी कीमतों के अनुसार इन स्टॉकों का कुल मूल्य करीब 5,800 करोड़ रुपये होगा। यदि धान की बिक्री पर एक्सचेंज को 500 से 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान होता है तो उसे निपटान गारंटी फंड से कहीं अधिक रकम जुटाने की जरूरत होगी। लेकिन एफएमसी के चेयरमैन पहले ही आगाह कर चुके हैं कि इस फंड से रकम लेने पर तमाम बंदिशें लगी हैं। धान के बाद चीनी का सबसे अधिक 4,76,367 टन का भंडार किया गया। यह 3,246 रुपये प्रति क्विंटल की अपनी अधिकतम कीमत के कारण सबसे महंगी जिंस है। इस प्रकार 26 जुलाई तक एनएसईएल के गोदामों में चीनी के कुल भंडार की कीमत करीब 1,623 करोड़ रुपये थी। जबकि 3 अगस्त को एगमार्केट में चीनी की कीमतें 3,226 से 4,000 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में थीं।

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