बिजनेस स्टैंडर्ड - जेट-एतिहाद सौदा अब सेबी के पास
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Sunday, October 17, 2021 12:53 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम कंपनिया खबर

जेट-एतिहाद सौदा अब सेबी के पास
नयनिमा बसु / नई दिल्ली July 30, 2013

विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की तरफ से 37.90 करोड़ डॉलर के विवादास्पद सौदे को मंजूरी मिलने (जिसके तहत अबू धाबी की एतिहाद एयरवेज जेट एयरवेज में 24 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगी) से मामला खत्म नहीं हुआ है क्योंकि बोर्ड ने यह मामला सेबी के सुपुर्द कर दिया है जबकि अंतिम फैसला कैबिनेट को लेना है। इसके अलावा भारत-यूएई के बीच द्विपक्षीय हवाई सेवा समझौते (बीएएसए) को लेकर भी सवाल मौजूद हैं।

सौदे को सैद्धांतिक मंजूरी देने के बाद एफआईपीबी की अगुआई करने वाले आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम ने कहा कि इस सौदे को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी गई है। बोर्ड ने पिछले महीने से इस सौदे को यह कहते हुए टाल दिया था कि जेट व एतिहाद की तरफ से सौंपे गए मूल शेयरधारक समझौते (एसएचए) में यह साफ नहीं है कि अगर यह सौदा होता है तो जेट की वास्तविक मालिक कौन होगी। सरकार को डर था कि कंपनी का नियंत्रण विदेशी हाथों में जा रहा है।

एफआईपीबी की बैठक में मौजूद एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, जेट-एतिहाद की तरफ से एसएचए में संशोधन किया गया और इसमें कहा गया कि मालिकाना हक जेट के पास ही रहेगी, लेकिन प्रभावी नियंत्रण व मालिकाना हक का सवाल अभी भी बना हुआ है और यही वजह है कि एफआईपीबी ने यह मामला सेबी के सुपुर्द कर दिया है। एक बार जब मालिकाना हक और नियंत्रण की परिभाषा अधिसूचित कर दी जाएगी तब जेट को बदलाव के साथ सामने आना पड़ेगा।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि विमानन मंत्रालय की तरफ से प्रभावी नियंत्रण और मालिकाना हक की परिभाषा कंपनी अधिनियम व डीआईपीपी से अलग है।
एफआईपीबी ने जेट एतिहाद की तरफ से पेश संशोधित एसएचए के मुताबिक सौदे को मंजूरी दी है, लेकिन तब क्या होगा जब नियंत्रण व मालिकाना कह को लेकर एफडीआई नीति अधिसूचित होगी। डीआईपीपी अभी भी इस मसले पर कंपनी मामलों के मंत्रालय की राय का इंतजार कर रहा है। जब इसे टिप्पणी मिल जाएगी, एफडीआई नीति अधिसूचित कर दी जाएगी।

प्राइसवाटरहाऊसकूपर्स के कार्यकारी निदेशक धीरज माथुर ने कहा, जब सरकार नियंत्रण की परिभाषा पर एफडीआई नीति अधिसूचित करेगी तब जेट-एतिहाद सौदा बेंचमार्क के तौर पर काम करेगा। समझा जाता है कि सेबी ने जेट के प्रवर्तक नरेश गोयल (जिनके पास 51 फीसदी हिस्सेदारी है) के पास मौजूद वीटो पावर पर भी सवाल उठाया है।

वाणिज्य व उद्योग मंत्री ने पहले कहा था कि नियंत्रण की परिभाषा कंपनी अधिनियम में दी गई परिभाषा के समान नहीं होगी क्योंकि यहां प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की बात है।

Keyword: Airlines Sector, Airlines, Air Fare, विमानन कंपनियां , हवाई किराये, नागर विमानन मंत्रालय, Jet Airways, जेट एयरवेज, अबू धाबी की एत,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या सरकार को बिटकॉइन का नियमन करना चाहिए?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.