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मेहता होंगे एचयूएल के एमडी
बीएस संवाददाता / मुंबई July 26, 2013

देश की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर ने प्रबंध निदेशक और सीईओ पद पर रहे नितिन परांजपे को पदोन्नत कर वैश्विक कारोबार संभालने के लिए भेज दिया है। करीब 25,810 करोड़ रुपये वाली एचयूएल उन कंपनियों में से एक होगी, जो देसी प्रतिभा को विदेशी कारोबार में भेज रही है।

50 वर्षीय परांजपे दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी उपभोक्ता कंपनी के अध्यक्ष (पर्सनल केयर) होंगे और वह यूनिलीवर लीडरशिप एग्जिक्यूटिव (यूएलई) का हिस्सा होंगे। यूएलई एंग्लो डच कंपनी की 12 सदस्यीय कार्यकारी टीम है, जिसमें अग्रणी प्रबंधक शामिल हैं। पिछले एक दशक में वे एचयूएल के तीसरे ऐसे अधिकारी हैं, जिन्हें यूएलई में शामिल किया जाएगा। इससे पहले हरीश मनवानी और मानविंदर सिंह बंगा साल 2005 में वैश्विक कार्यकारी टीम के सदस्य बने थे और तब उन्हें पदोन्नत कर क्रमश: एशिया अफ्रीका का अध्यक्ष और अध्यक्ष (फूड्स) बनाया गया था। बंगा धीरे-धीरे अध्यक्ष वैश्विक खाद्य, होम व पर्सनल केयर बने और 33 साल के बाद इन्होंने कंपनी छोड़ दी थी। मनवानी को साल 2011 में सीओओ बनाया गया और यह पद पहली बार कंपनी ने बनाया था। अक्टूबर में परांजपे की जगह संजीव मेहता लेंगे, जो फिलहाल उत्तर अफ्रीका, पश्चिम एशिया के अध्यक्ष हैं।

एक बयान में मनवानी ने कहा, यह बदलाव हमारी तरफ से नेतृत्व के विकास की प्रतिबद्धता आदि को प्रतिबिंबित करते हैं। नितिन ने भारतीय कारोबार में अहम भूमिका निभाई है और संजीव इस कारोबार को और आगे बढ़ाएंगे।

साल 2008 में भारतीय कारोबार का प्रमुख नियुक्त किए जाने के बाद परांजपे ने एचयूएल को अपना ध्यान पावर ब्रांड स्ट्रैटिजी यानी राष्ट्रीय स्तर के 30 ब्रांडों से हटाने में मदद मिली। यह कदम उन इलाकों को ध्यान में रखकर उठाया गया था, जहां इसकी जगह खाली हो गई थी यानी ग्रामीण इलाके। ऐसे में क्षेत्रीय उत्पादों हमाम, रेक्सोना, ब्रीज, सनलाइट और ब्रुक बॉन्ड आदि पर ध्यान केंद्रित किया गया।

पिछले पांच सालों में एचयूएल ने कई वैश्विक उत्पाद उतारे हैं। यही वजह है कि इसकी पैरेंट कंपनी ने पिछले साल रॉयल्टी 1.4 फीसदी से बढ़ाकर 3.15 फीसदी कर दिया, जो मार्च 2018 तक लागू रहेगा। इसके समानांतर परांजपे ने ग्रामीण इलाकों में वितरण नेटवर्कबढ़ाकर तिगुना कर दिया क्योंकि उपभोक्ता कंपनियां उन इलाकों की ओर दौड़ रही थीं।

क्षेत्रीय-राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान केंद्रित किए जाने से एचयूएल को अपने टर्नओवर में पिछले पांच सालों में 5200 करोड़ रुपये जोडऩे में मदद मिली और इसका शुद्ध लाभ इस अवधि में 2496 करोड़ रुपये से बढ़कर 3797 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

53 वर्षीय मेहता पिछले 20 साल से कंपनी के साथ हैं और अब उन्हें विकास के लिए नए इलाकों की पहचान करनी होगी। साल 2012-13 की सालाना रिपोर्ट में कंपनी ने कहा है कि वह सौंंदर्य, खाद्य और आधुनिक कारोबार पर ध्यान केंद्रित करना पसंद करेगी क्योंकि इसे ज्यादा बढ़त हासिल करनी है। इस दिशा में कंपनी पहले ही कदम बढ़ा चुकी है।

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