बिजनेस स?टैंडर?ड - उजियारा करेगा गलियारा
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उजियारा करेगा गलियारा
वीरेंद्र सिंह रावत / लखनऊ July 04, 2013

उत्तर प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश होने जा रहा है। प्रदेश सरकार ने पूर्वी समर्पित माल ढुलाई गलियारे (ईडीएफसी) के इर्द-गिर्द करीब 27610 हेक्टेयर क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना बनाई है। इस गलियारे का जो हिस्सा उत्तर प्रदेश से गुजरेगा, उसके आसपास 2 राष्टï्रीय निवेश एवं विनिर्माण क्षेत्र (एनआईएमजेड) और 5 औद्योगिक क्षेत्र (आईजेड) विकसित करने का प्रस्ताव राज्य सरकार ने तैयार किया है।

राष्टï्रीय निवेश एवं निर्माण क्षेत्र औरैया और झांसी में बनाए जाने की योजना है। इनमें औरैया क्षेत्र करीब 6043 हेक्टेयर और झांसी निवेश क्षेत्र 5567 हेक्टेयर क्षेत्रफल में तैयार किया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्रों में पश्चिमांचल औद्योगिक क्षेत्र और बृज औद्योगिक क्षेत्र दो-दो हजार हेक्टेयर में बनाए जाएंगे।

उनके अलावा इलाहाबाद-नैनी-बारा निवेश क्षेत्र और मुगलसराय-वाराणसी-मिर्जापुर निवेश क्षेत्र तीन-तीन हजार हेक्टेयर में बनाए जाएंगे। कानपुर लॉजिस्टिक्स केंद्र 6000 हेक्टेयर में बनाए जाने का प्रस्ताव है।

1840 किलोमीटर का प्रस्तावित गलियारा पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से होकर गुजरेगा। लेकिन इसका सबसे बड़ा फायदा उत्तर प्रदेश को ही होगा क्योंकि इसका 1049 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में आता है। प्रस्तावित गलियारे को केंद्र पहले ही अमृतसर-दिल्ली-कोलकाता औद्योगिक गलियारे का नाम दे चुका है। इस गलियारे को पश्चिमी समर्पित ढुलाई गलियारे (डब्ल्यूडीएफसी) पर दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे (डीएमआईसी) की तर्ज पर
ही विकसित करने की योजना बन रही है।

इस बीच इस परियोजना की व्यवहार्यता और संरचनात्मक तथा वित्तीय पहलुओं पर चर्चा के लिए नई दिल्ली में कल अंतर मंत्रालयी समूह (आईएमजी) की बैठक हुई। बैठक में संबंधित राज्यों को परियोजना के विकास की तस्वीर पेश करनी थी।

इसमें उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचा और औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) आलोक रंजन ने एक सिद्घांत पत्र पेश कर इस गलियारे के किनारे प्रमुख केंद्रों को लेकर बनी संभावनाओं का खाका पेश किया, जिसके तहत औद्योगिक/निवेश क्षेत्र और ट्रांस-शिपमेंट केंद्र विकसित किए जा रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश ही इकलौता राज्य था, जिसने विस्तृत सिद्घांत पत्र पेश किया। उत्तर प्रदेश के इन प्रस्तावों को अंतर मंत्रालय समूह की रिपोर्ट में जगह मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

अनुमान है कि समूह जल्द ही अगली कार्रवाई के लिए केंद्र को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना को अमली जामा पहनाने के लिए उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) को नोडल एजेंसी और उसके प्रबंध निदेशक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

Keyword: DMRC, Industrial Coridor, EDFC, NIMZ,
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