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स्पेक्ट्रम के बिना नए 3जी ग्राहक बनाने पर रोक
3जी करार पर एयरटेल की याचिका पर उच्चतम न्यायालय का आदेश
बीएस संवाददाता / नई दिल्ली 04 11, 2013

उच्चतम न्यायालय ने भारती एयरटेल को 7 सर्किलों में नए ग्राहक बनाने से रोक दिया है। लेकिन इन सर्किलों में पहले से बन चुके ग्राहकों को 3जी सेवा देते रहने के मामले में उसने कंपनी पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई है।

भारती एयटेल के पास कुल 68 लाख से अधिक 3जी ग्राहक हैं। लेकिन इन 7 सर्किलों में अपने ग्राहकों की संख्या का उसने खुलासा नहीं किया। कंपनी ने रोमिंग के सिलसिले में वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर के साथ त्रिपक्षीय समझौता किया था। इस समझौते की मदद से कंपनियां उन सर्किलों में भी 3जी सेवाएं दे रही हैं, जहां उनके पास स्पेक्ट्रम नहीं है। इसके लिए वे एक दूसरे के नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही हैं।

अपने आज के आदेश में शीर्ष अदालत ने इन सर्किलों में मौजूद 3जी ग्राहकों को सेवाएं देने से एयरटेल को नहीं रोका है। ये सर्किल कोलकाता, मध्य प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, महाराष्टï्र, पूर्वी उत्तर प्रदेश और केरल हैं। अलबत्ता मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाले पीठ ने दूरसंचार विभाग से कहा कि भारती एयरटेल, आइडिया सेल्युलर और वोडाफोन इंडिया को कारण बताओ नोटिस भेजने के बाद अब वह तीनों कंपनियों के खिलाफ सख्ती न करे। विभाग ने कंपनियों से उन सर्किलों में सेवाएं बंद करने को कहा है, जहां उनके पास स्पेक्ट्रम नहीं है। इसके अलावा उसने कंपनियों पर जुर्माना भी लगाया है।

पीठ ने बीएसएनएल सहित सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर इस मसले पर चार हफ्ते में राय मांगी है। मामले की अंतिम सुनवाई 9 मई को होगी। बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर एयरटेल का शेयर 2.31 फीसदी लुढ़ककर 275.15 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि आइडिया का शेयर 2.53 फीसदी चढ़कर 111.35 रुपये पर बंद हुआ।

सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के महानिदेशक राजन मैथ्यूज ने इस मामले में कहा, 'आज के आदेश का कंपनियों पर ज्यादा असर नहीं होगा। तीनों कंपनियां हर महीने औसतन 50,000 नए 3जी ग्राहक बना रहीं हैं, जिनमें बहुत कम रोमिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं।Ó कंपनियों ने इस पर टिप्पणी से इनकार कर दिया। एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया के देश भर में करीब 1.2 करोड़ 3जी ग्राहक हैं। इनमें से भारती के पास 31 दिसंबर 2012 तक करीब 68 लाख (52 लाख सक्रिय ग्राहक) थे। आइडिया के पास करीब 28 लाख और वोडाफोन के करीब 25 लाख 3जी ग्राहक हैं। उद्योग के अनुमान के मुुताबिक विभाग के आदेश से तीनों के कुल 3जी ग्राहकों में से 30 फीसदी प्रभावित हो सकते हैं।

तीनों कंपनियां सर्किल के भीतर रोमिंग करार का इस्तेमाल कर रही हैं क्योंकि किसी के पास देश भर के लिए 3जी स्पेक्ट्रम लाइसेंस नहीं है। भारती के पास 13 सर्किल में, वोडाफोन के पास 9 और आइडिया के पास 11 सर्किल में 3जी स्पेक्ट्रम हैं। दूरसंचार विभाग एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया को यह करार खत्म करने के लिए कह चुका है। उसने लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए एयरटेल पर 350 करोड़ रुपये, वोडाफोन पर 550 करोड़ और आइडिया पर 300 करोड़ रुपये जुर्माना भी किया है।

दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने पिछले हफ्ते सरकार से कहा था कि भारती एयरटेल के खिलाफ वह दमनात्मक कार्रवाई से बचे। पिछले हफ्ते ही उच्च न्यायालय ने दूरसंचार विभाग से कंपनियों को मिले नोटिस पर रोक लगाने का अपना पुराना फैसला रद्द किया था। इसके बाद एयरटेल ने उच्चतम न्यायालय में अपील की। दिल्ली उच्च न्यायालय का फैसला रिलायंस कम्युनिकेशंस की याचिका पर आया था।

2जी मामले में अदालत पहुंच मित्तल ने किया हैरान
भारती समूह के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक सुनील भारती मित्तल ने राष्टï्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) कार्यकाल के दौरान 2002 में अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन से जुड़े एक मामले में गुरुवार की सुबह पटियाला हाउस अदालत में पहुंच कर सबको चकित कर दिया। सीबीआई की विशेष अदालत ने मित्तल को समन भेजकर 11 अप्रैल को हाजिर होने को कहा था लेकिन उन्होंने इसके खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी थी। इसके बाद शीर्ष अदालत ने निचली अदालत को निर्देश दिया था कि वह समन को 16 अप्रैल तक टाल दे। मित्तल के साथ ही एस्सार समूह के प्रवर्तक रवि कांत रुइया और पूर्व दूरसंचार सचिव श्यामल घोष भी अदालत में हाजिर हुए। हालांकि अदालत में ये महज 3 से 4 मिनट ही रहे और विशेष सीबीआई न्यायाधीश ओ पी सैनी ने सुनवाई को 16 अप्रैल तक के लिए टाल दी।
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