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ओलंपिक में भारत के शामिल होने पर संशय बरकरार
एजेंसियां /  April 03, 2013

सरकार और खेल प्रशासकों के बीच विवादास्पद खेल संहिता को लेकर जारी तनातनी के कारण आईओसी के साथ महत्त्वपूर्ण संयुक्त बैठक स्थगित हो गई जिससे भारत का ओलंपिक आंदोलन में दोबारा प्रवेश का इंतजार बढ़ गया। यह बैठक उस मुद्दे को निपटाने का तरीका ढूंढने के लिए की जा रही थी जिसके कारण ओलंपिक से भारत पर प्रतिबंध लग गया था।

बैठक लुसाने में आईओसी मुख्यालय में 15 और 16 अप्रैल को होनी थी, लेकिन इसे स्थगित करना पड़ा क्योंकि आईओसी द्वारा मान्यता प्राप्त आईओए के प्रतिनिधि वी के मल्होत्रा और रणधीर सिंह एवं खेल मंत्रालय के बीच खेल संहिता पर सर्वसम्मति नहीं बन सकी है। बुधवार को खेल मंत्री जितेंद्र सिंह को लिखे पत्र में आईओए के कार्यवाहक मल्होत्रा ने कहा कि आईओसी अधिकारियों के साथ बैठक का तब तक कोई मतलब नहीं होगा, जब तक सरकार खेल संहिता पर अपना पक्ष स्पष्ट नहीं करती है जिससे ओलंपिक चार्टर का उल्लघंन होता है।

उन्होंने पत्र में लिखा, 'आईओसी ने मुझे आईओए के अन्य वरिष्ठï सदस्यों के साथ इस मौजूदा संकट, जिसके कारण आईओसी ने आईओए को निलंबित कर दिया था, का निपटारा करने के मद्देनजर चर्चा के लिए अपने मुख्यालय आमंत्रित किया था। आईओसी ने यह कदम इसलिए उठाया था क्योंकि सरकारी खेल संहिता का पालन उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार आईओए चुनावों में किया गया था।Ó मल्होत्रा ने लिखा, 'आईओसी ने यह भी इच्छा व्यक्त की थी कि सरकार को भी लुसाने में बैठक में हिस्सा लेना चाहिए। इसलिए सरकार के लिए जनवरी 2012 में अधिसूचित खेल संहिता पर अपना पक्ष स्पष्ट करना जरूरी है।Ó खेल मंत्रालय का खेल विधेयक को दोबारा मसौदा तैयार करने के लिए समिति नियुक्त करने का कदम भी मल्होत्रा को पसंद नहीं आया। उन्होंने कहा, 'सरकार को खेल विधेयक का मसौदा दोबारा तैयार करने के लिए समिति गठित करने के बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट करने की जरूरत है, जिसमें पहले के दिशानिर्देश भी शामिल हैं जो उसने आईओए और सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों पर लागू किए थे।'

मल्होत्रा ने पत्र में लिखा, 'हम इस कदम का विरोध करते हैं क्योंकि इसका उद्देश्य फिर ओलंपिक चार्टर का उल्लंघन है और निश्चित रूप से इससे हल निकलने के बजाय और समस्याएं खड़ी होंगी।Ó आईओसी ने आईओए को प्रतिबंधित कर दिया था क्योंकि सरकार ने उम्र और कार्यकाल दिशानिर्देश लागू करने की कोशिश की थी जिससे ओलंपिक चार्टर का उल्लंघन हुआ था। मल्होत्रा ने कहा, 'इस मुद्दे को सुलझाए बिना आईओसी अधिकारियों से बैठक करने का कोई मतलब नहीं है। आईओसी अधिकारियों से मिलने से पहले हमारा आपस में एकमत होना जरूरी है।'

Keyword: IOC, Goverment, Sports,
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