बिजनेस स्टैंडर्ड - आरजीईएसएस को निवेशकों का सहारा
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आरजीईएसएस को निवेशकों का सहारा
सचिन मामबटा और समी मोडक / मुंबई April 03, 2013

किसान और समृद्घ निवेशकों से हाल ही में शुरू हुई राजीव गांधी इक्विटी बचत योजना (आरजीईएसएस) को सहारा मिल सकता है। उद्योग जगत के अधिकारियों ने बताया कि पर्याप्त निवेश के अभाव में फंड कंपनियों को उन निवेशकों पर भरोसा करना पड़ रहा था जो कि आरजीईएसएस में निवेश के जरिये कर छूट हासिल नहीं कर सकते हैं। इन शर्तों को पूरा करने के लिए उन्हें नियामकीय शर्तों को पूरा करना होता जिसके मुताबिक वे एनएफओ विकल्प के जरिये न्यूनतम रकम की उगाही कर सकते हैं। बिजनेस स्टैंडर्ड के अध्ययन में यह बात सामने आई है।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम आयोग (सेबी) के आदेश के मुताबिक प्रत्येक एनएफओ को कम से कम 10 करोड़ रुपये जुटाने होते हैं नहीं तो जुटाई गई रकम को वापस करना होता है। कम से कम 6 एनएफओ को आरजीईएसएस के तहत कर छूट मिली हुई है और इनकी शुरुआत म्युचुअल फंड ने की थी और इस आधार पर देखा जाए तो उन्हें कम से कम 60 करोड़ रुपये जुटाने होंगे। हालांकि डिपॉजिटरी आंकड़ों के मुताबिक आरजीईएसएस के तहत नए निवेशकों ने महज 34 करोड़ रुपये का ही निवेश किया है या फिर यह प्रति फंड 10 करोड़ रुपये से भी कम है।

आरजीईएसएस की शुरुआत वर्ष 2012 में की गई थी जिसके तहत निवेशकों को 50,000 रुपये तक निवेश करने और जिसकी सालाना कुल आय 10 लाख रुपये से कम है, उन लोगों को कर छूट दी जाती है। योग्य स्टॉक में निवेश करने वाले म्युचुअल फंड को भी आरजीईएसएस शुरू करने की अनुमति दी गई है।
डिपॉजिटरी आंकड़ों के मुताबिक इस साल अब तक 34 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं और इसमें से कुछ रकम मौजूदा म्युचुअल फंड योजनाओं, ईटीएफ और प्रत्यक्ष तरीके से भी निवेश किया गया है क्योंकि राजीव गांधी इक्विटी बचत योजना के तहत इन विकल्पों को मंजूरी दी गई है। एएमएफआई की वेबसाइट के मुताबिक करीब 10 ऐसी मौजूदा योजनाएं हैं जिनमें निवेशक अपना पैसा लगा सकते हैं और यह स्पष्टï करता है कि एनएफओ में कुल निवेश  34 करोड़ रुपये से भी कम है।

Keyword: RGESS, SEBI, NFO,
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