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सेवा जारी रखने पर चुकाना होगा एकमुश्त शुल्क
बीएस संवाददाता / नई दिल्ली March 21, 2013

फरवरी 2012 में उच्चतम न्यायालय की तरफ से लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद भी जिन दूरसंचार सेवा प्रदाताओं ने अपना कामकाज जारी रखा उन्हें 2 फरवरी 2012 से 15 फरवरी 2013 की अवधि के लिए एकमुश्त शुल्क के तौर पर 2,764.29 करोड़ रुपये चुकाने होंगे।

माना जा रहा है कि दूरसंचार विभाग समय पर शुल्कों का भुगतान करने के लिए दूरसंचार ऑपरेटरों को नोटिस जारी करेगा। हालांकि जिन कंपनियों की सेवाएं 2 फरवरी, 2012 से 15 फरवरी, 2013 के बीच बाधित रहीं उनके लिए दूरसंचार विभाग शुल्कों की गणना अलग से करेगा। 2 फरवरी, 2012 से 15 फरवरी, 2013 की अवधि के लिए एकमुश्त शुल्कों की गणना नवंबर 2012 में हुई नीलामी के दौरान आवंटित 1,800 मेगाहट्ïर्ज और 800 मेगाहट्ïर्ज बैंड के स्पेक्ट्रम के आरक्षित मूल्यों के आधार पर की जाएगी।

हाल के विचार-विमर्श के अनुसार, माना जा रहा है कि दूरसंचार विभाग एतिसालात डीबी टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड से 605.02 करोड़ रुपये, आइडिया सेल्युलर से 162.04 करोड़ रुपये, लूप टेलीकॉम से 389.48 करोड़ रुपये, एस टेल से 17.96 करोड़ रुपये, सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसेज से 463.14 करोड़ रुपये, स्पाइस कम्युनिकेशंस से 108.90 करोड़ रुपये, टाटा टेलीसर्विसेज से 3.22 करोड़ रुपये, यूनिटेक वायरलेस (पूर्व) से 513.40 करोड़ रुपये और वीडियोकॉन टेलीकम्युनिकेशंस से 501.11 करोड़ रुपये की मांग करेगा।

सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसेज के प्रवक्ता ने कहा, 'दूरसंचार विभाग ने इस संबंध में हमसे कोई आधिकारिक बात नहीं की है।Ó जबकि आइडिया सेल्युलर और यूनिटेक वायरलेस के प्रवक्ता ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार किया। हाल के विचार-विमर्श के अनुसार, 2 फरवरी, 2012 के बाद परिचालन जारी रखने वाली दूरसंचार कंपनियों को नवंबर, 2012 में नीलामी के दौरान सरकार द्वारा तय आरक्षित मूल्य का भुगतान करना होगा।

इन कंपनियों को आरक्षित मूल्य का भुगतान 2 फरवरी, 2012 से लेकर लाइसेंस जारी रहने की अवधि तक लाइसेंस पर लागू नियमों और शर्तों के तहत करना होगा। सरकार की गणना इस अनुमान पर आधारित है कि सभी 122 निलंबित लाइसेंस के तहत 2 फरवरी, 2012 से 15 फरवरी, 2013 के बीच सेवाएं जारी थीं। इसके बाद नबंबर 2012 में आयोजित नीलामी में भाग न लेने वाले लाइसेंसधारकों को स्पेक्ट्रम आवंटित नहीं किए गए और इसलिए उनका परिचालन बंद हो गया।

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