बिजनेस स?टैंडर?ड - प्रतिफल के लिहाज से उपयुक्त नहीं हैं बीमा योजनाएं
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प्रतिफल के लिहाज से उपयुक्त नहीं हैं बीमा योजनाएं
योगिनी जोगलेकर /  March 17, 2013

कितना देती है? यह टैगलाइन मारुति कारों के विज्ञापन में आती है। हालांकि इसमें माइलेज का जिक्र किया गया है, लेकिन आज भी भारत में बीमा उत्पाद खरीदने वाले लोगों के दिमाग में यह सवाल अधिक आता है। हम अभी भी सिर्फ जीवन बीमा कवर की पेशकश करने वाले बीमा की जरूरत महसूस नहीं करते हैं। इस रुझान की वजह से बीमा एजेंट अक्सर कुछ बचत की पेशकश वाली योजनाओं को बेचने की कोशिश करते हैं, लेकिन वे हमेशा ग्राहकों की जरूरतों के अनुकूल नहीं होती हैं। एजेंट अधिक कमीशन के लालच में ऐसा करते हैं और कंपनी के लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास करते हैं।

अन्स्र्ट एंड यंग के पार्टनर अश्विन पारेख कहते हैं, 'हालांकि रिटर्न ऑफ प्रीमियम (आरओपी) के साथ टर्म प्लान जैसे उत्पादों की वजह से एजेंटों के लिए इन उत्पादों को बेचना आसान हो जाता है, क्योंकि ग्राहक इन्हें खरीदने को इच्छुक रहते हैं।Ó

ये उत्पाद ऐसे लोगों के वर्ग की जरूरतें पूरी करते हैं जो अपनी पॉलिसी की परिपक्वता पर कुछ खास प्रतिफल की उम्मीद रखते हैं। परिपक्वता पर निश्चित रूप से प्रतिफल नहीं देने वाले टर्म-प्लान के विपरीत आरओपी टर्म प्लान आपको पूरा प्रीमियम वापस दे देते हैं। एक्जियॉन रेलिगेयर और अवीवा लाइफ इंश्योरेंस आरओपी के साथ टर्म प्लान शुरू करने वालों में प्रमुख रूप से शामिल हैं। हालांकि ये किसी सामान्य टर्म प्लान की तरह काम करते हैं, लेकिन आरओपी को बढ़त के रूप में देखा जाता है। टर्म विद रिटर्न ऑफ प्रीमियम (टीआरओपी) योजनाएं औसतन समान बीमा कंपनी द्वारा पेश किए जाने वाले किसी टर्म प्लान के मुकाबले दो से चार गुना अधिक महंगी (बीमित रकम और उम्र के आधार पर) हैं।

अवीवा आरओपी प्लान को हासिल करने के लिए 30 वर्षीय व्यक्ति (20 लाख रुपये की बीमित रकम के लिए) को 14,072 रुपये खर्च करने की जरूरत होगी जबकि प्योर टर्म प्लान के लिए उसे महज 4,242 रुपये चुकाने होंगे। इसी तरह, 20 वर्ष की पॉलिसी अवधि के साथ 30 लाख रुपये की बीमित रकम के लिए आप आईसीआईसीआई के आईकेयर (ऑनलाइन टर्म प्लान) को 4,753 रुपये में ले सकते हैं जबकि आरओपी (ऑनलाइन) के लिए आपको 30,799 रुपये से भी अधिक का सालाना प्रीमियम चुकाना होगा। बीमा कवर के तहत किसी बचत योजना के लिए आपको अधिक प्रीमियम चुकाना होता है। इसी तरह आरओपी टर्म प्लान का इस्तेमाल कुछ हद तक जोखिम (मृत्यु) कवर करने और बाकी का बचत के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

कई बीमा कंपनियों की योजना है कि सिर्फ प्रीमियम वापस दिया जाए जबकि कुछ इसे ब्याज के साथ देती हैं। आपको यह जानने की जरूरत है कि संबद्घ उत्पाद पर कितने ब्याज का आश्वासन दिया जा रहा है। उदाहरण के लिए, अवीवा का आरओपी प्लान प्रीमियम के साथ साथ ब्याज देता है जबकि एचडीएफसी लाइफ का आरओपी उत्पाद सिर्फ प्रीमियम वापस देता है। इसलिए सिर्फ प्रीमियम लौटाने वाली बीमा कंपनियां अधिक प्रीमियम वसूल सकती हैं।

प्रीमियम का एक हिस्सा आरओपी टर्म योजनाओं में निवेश किया जाता है। लीडर7 फाइनैंशियल एडवायजरी सर्विसेज के संस्थापक सुरेश सदगोपन कहते हैं, 'प्रीमियम अधिक है और निवेश पर एक दायरे के तहत बीमा कंपनियां औसतन 7 से 8 फीसदी प्रतिफल अर्जित कर सकती हैं। यह प्रतिफल पर्याप्त नहीं माना जा सकता।Ó वित्तीय योजनाकारों का मानना है कि आपको किसी के निवेश को उलझाना नहीं चाहिए। इसलिए प्योर प्रोटेक्शन प्लान का चयन करना और बाकी का निवेश जरूरतों के अनुकूल वित्तीय निवेश योजनाओं में करना श्रेष्ठï है। उदाहरण के लिए, यदि आप किसी बैंक के सावधि जमा में 8 फीसदी सालाना प्रतिफल के साथ 20 वर्ष के लिए 3 लाख रुपये जमा करते हैं तो आपको 20 वर्ष बाद 14.35 लाख रुपये मिलेंगे। यह पेशकश सिर्फ आपके द्वारा चुकाए गए प्रीमियम की प्राप्ति की तुलना में अधिक आकर्षक और लाभदायक है। हालांकि किसी आरओपी प्लान के लिए चुकाया जाने वाला प्रीमियम आपको मानसिक रूप से संतुष्टिï प्रदान कर सकता है, लेकिन भविष्य के लिहाज से यह आपके लिए फायदेमंद नहीं हो सकता।

इस निवेश योजना को अधिक आकर्षक बनाने के लिए कुछ एजेंट इसे एंडोमेंट प्लान के रूप में बेचने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि एचडीएफसी लाइफ के विपणन प्रमुख संजय त्रिपाठी का कहना है कि एंडोमेंट उत्पादों की परिपक्वता रकम में बीमित रकम के साथ साथ बोनस शामिल है जबकि आरओपी प्लान में सिर्फ ब्याज के साथ प्रीमियम की रकम लौटाई जाती है। इसलिए परिपक्वता के समय मिलने वाली रकम अन्य किसी पारंपरिक प्लान की तुलना में कम होगी।

पारंपरिक योजनाओं के लिए लागू होने वाले सरेंडर वैल्यू नियम आरओपी टर्म प्लान के लिए भी लागू हैं। कुछ मामलों में इसमें पहले साल का प्रीमियम शामिल है जबकि कुछ अन्य मामलों में यह शामिल नहीं है। उदाहरण के लिए, यदि आप तीसरे वर्ष से प्रीमियम भुगतान बंद कर देते हैं तो ज्यादातर बीमा कंपनियां औसतन रूप से 30 फीसदी की गारंटीड सरेंडर वैल्यू (जीएसवी) की पेशकश कविश्लेषकों का कहना है कि एंडोमेंट और मनी बैक की तुलना में कम सरेंडर वैल्यू की वजह से इस पॉलिसी पर ऋण लेना कठिन है। इसमें सिर्फ चुकाए गए प्रीमियम को लौटाया जाता है जबकि एंडोमेंट और मनी बैक में न सिर्फ प्रीमियम वैल्यू बल्कि बीमित राशि भी शामिल होती है।

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