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करतुरी के एफसीसीबी का होगा पुनर्गठन
गोल्डमैन सैक्स के नेतृत्व वाला कंसोर्टियम एफसीसीबी के पुनर्गठन पर राजी
रघुवीर बदरीनाथ / बेंगलूर March 10, 2013

वैश्विक निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स के नेतृत्व में विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड (एफसीसीबी) धारकों ने अंतत: करतुरी ग्लोबल के बॉन्डों के पुनर्गठन के लिए अपनी हामी भर दी है। बॉन्डधारकों ने एक लिखित समझौते के तहत 3.9 करोड़ डॉलर के बकाये एफसीसीबी के पुनर्गठन के लिए अपनी सहमति दे दी है। समझौते में मौजूदा एफसीसीबी की परिपक्वता अवधि में विस्तार, एफसीसीबी के आंशिक भुगतान और नए एफसीसीबी के लिए आंशिक भुगतान के साथ मौजूदा एफसीसीबी का गैरनकदी विनिमय जैसे प्रावधान शामिल हैं। हलांकि इसे रिजर्व बैंक की मंजूरी मिलना अभी बाकी है।

माना जा रहा है कि गोल्डमैन सैक्स की नजर आगे चलकर अपने बॉन्डों को इक्विटी में परिवर्तित कराने पर है। हालांकि करतुरी ग्लोबल के प्रबंधन ने एफसीसीबी बॉन्डों के पुनर्गठन की पुष्टिï कर दी है। लेकिन करतुरी प्रबंधन और गोल्डमैन सैक्स दोनों ने ही बॉन्डों को इक्विटी में बदलने की योजना के बारे में टिप्पणी करने से इनकार किया। करतुरी ग्लोबल फूलों की खेती करने वाली बेंगलूर की प्रमुख कंपनी है जो इथियोपिया के कृषि क्षेत्र में तेजी से उभर रही है।

कंपनी ने अपने कारोबार के विस्तार के लिए 2007 के अंत में 5 करोड़ डॉलर के एफसीसीबी जारी किए थे। इस रकम का उपयोग केन्या की कंपनियों के अधिग्रहण में किया गया। इन बॉन्डों की परिपक्वता अवधि अक्टूबर, 2012 थी। कंपनी को उम्मीद थी कि उसके कृषि कारोबार से आय होने के साथ ही बकाये का भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन इस कारोबार से कंपनी की तिमाही आय करीब 50 लाख डॉलर रही जो उम्मीद से काफी कम थी। इस प्रकार कंपनी तय समय पर एफसीसीबी के भुगतान में असमर्थ होने पर कंपनी ने बॉन्डधारकों के सामने पुनर्गठन का प्रस्ताव रखा।

बहरहाल, एफसीसी बॉन्डों के पुनर्गठन के लिए करतुरी की पहल के साथ ही पिछली तिमाही के दौरान कंपनी में प्रवर्तकों की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय गिरावट पर निवेशकों और विश्लेषकों की भौंहें तन गई हैं। वित्त वर्ष 2013 की दूसरी तिमाही तक कंपनी में प्रवर्तकों की हिस्सेदारी 18 फीसदी से अधिक थी जो घटकर अब करीब 10 फीसदी रह गई है। इसके अलावा कंपनी के पास पट्टïे के तहत करीब 3,00,000 हेक्टेयर महंगी भूमि है जिस पर विवाद चल रहा है। ऐसे में निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।

चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी को पहली उपज से महज 50 लाख डॉलर की आय हुई। इक्रा सहित कई शीर्ष रेटिंग एजेंसियों ने कहा है कि कृषि क्षेत्र में निवेश जोखिमभरा हो सकता है क्योंकि विपरीत जलवायु होने पर उपज उम्मीद से काफी कम हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में भारी बाढ़ के कारण करतुरी को 2011 के अंत में करीब 1.5 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ था। इसके बावजूद कंपनी ने कृषि क्षेत्र में 30 करोड़ डॉलर का निवेश किया।

Keyword: Goldman Sachs, FCCB,
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