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रेल बजट में चुनावी आहट
वित्त वर्ष 2013-14 में यातायात से सकल प्राप्ति 14 फ ीसदी बढऩे की उम्मीद, वहीं परिचालन अनुपात 87.8 फ ीसदी रह�
बीएस संवाददाता / नई दिल्ली 02 26, 2013

रेल बजट में आज संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की गाड़ी उम्मीद के मुताबिक चुनावी पटरी पर ही दौड़ी, लेकिन रेलवे की खस्ता माली हालत सुधारने और सेवाएं बेहतर करने के लिए खास कदम नहीं उठाए गए। रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने मालभाड़ा करीब 6 फीसदी बढ़ाया, लेकिन पिछले महीने ही यात्री किराया बढ़ाए जाने का हवाला देते हुए उन्होंने उसमें दोबारा इजाफे से इनकार कर दिया। हालांकि आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट ट्रेन के लिए पूरक शुल्क और आरक्षण रद्द कराने पर शुल्क बढ़ाने से वह नहीं चूके। इस तरह बंसल भी पिछले रेल मंत्रियों की लीक पर ही चले और यात्री किराया छेड़े बगैर कमाई बढ़ाने के लिए मालभाड़े को ही निशाना बनाया। स्वतंत्र रेल किराया प्राधिकरण बनने में समय लगेगा क्योंकि बकौल बंसल अभी 'अंतरमंत्रालय समूहÓ ही उस पर चर्चा कर रहा है।

बंसल ने यह तो कहा कि अगले 10 साल तक यात्री किरायों में सालाना 5-6 फीसदी बढ़ोतरी से रेलवे को अतिरिक्त 1 लाख करोड़ रुपये हासिल होंगे, लेकिन खुद इस पर अमल से वह हिचक गए। उन्होंने कहा, 'किराये परिचालन लागत से काफी कम रहे तो यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और आरामदेह सफर कराना रेलवे के लिए मुश्किल होगा।Ó उन्होंने इस साल रेलवे में 1.52 लाख भर्तियों का चुनावी वायदा भी किया, जिससे रेलवे के कर्मचारियों की संख्या 11 फीसदी बढ़ सकती है। भर्तियों से रेलवे पर बोझ बढ़ सकता है, जिसे यात्री किराये से इस वित्त वर्ष में लक्ष्य के मुकाबले 10 फीसदी कम कमाई हुई। मालभाड़े से आय लक्ष्य से 3.78 फीसदी पीछे रही।

नतीजतन यातायात से सकल प्राप्ति लक्ष्य से 5.18 फीसदी कम 1,25,680 करोड़ रुपये रही। हां, पेंशन कोष पर खर्च 18,500 करोड़ रुपये के अनुमान को धता बताते हुए 20,000 करोड़ रुपये हो गया। इसे साधने के लिए रेलवे ने मूल्यह्रïास कोष 9,500 करोड़ रुपये के लक्ष्य से घटाकर 7,000 करोड़ रुपये किया और लाभांश भी कम दिया। फिर भी अधिशेष के अतिरिक्त महज 10,409 करोड़ रुपये की प्राप्तियां हुईं, जो 15,557 करोड़ रुपये के पूर्वानुमान से काफी कम रहीं। इस तरह रेलवे विकास कोष के लिए केवल 9,984 करोड़ रुपये रखे गए।

प्राप्तियों में सुस्ती का असर रेलवे के परिचालन अनुपात पर भी दिखा। इस वित्त वर्ष में यह 88.8 फीसदी रहा, जो पिछले वर्ष 94.9 फीसदी था। लेकिन बजट में लगाए गए 84.9 फीसदी के अनुमान से यह ज्यादा है। अगले वित्त वर्ष में आंकड़ा 87.8 फीसदी रहने का अनुमान है।

2013-14 में यातायात से सकल प्राप्ति 14 फीसदी बढ़कर 1,43,742 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। पेंशन देनदारी बढ़कर 22,000 करोड़ रुपये हो सकती है। इसलिए बंसल ने मूल्यह्रïास कोष के लिए 7,500 करोड़ रुपये, रेल विकास कोष के लिए 3,550 करोड़ रुपये और पूंजी कोष के लिए 5,443 करोड़ रुपये ही रखे हैं।
चुनाव साधने का पसोपेश वित्त वर्ष 2013-14 की खातिर 63,363 करोड़ रुपये की सालाना योजना रकम जुटाने पर भी दिखा। 26,000 करोड़ रुपये की सकल बजटीय सहायता, 2,000 करोड़ रुपये के रेलवे सुरक्षा कोष, 14,260 करोड़ रुपये के आंतरिक संसाधन और बाजार से 14,260 करोड़ रुपये उधार लेने के अलावा बंसल ने सार्वजनिक निजी भागीदारी से 6,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। अलबत्ता रकम कैसे आएगी, नहीं पता।

परियोजनाओं की बात करें तो जम्मू कश्मीर में उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला परियोजना को प्राथमिकता देने की घोषणा की गई। अनंतनाग और पहलगाम को जोडऩे के लिए सर्वेक्षण का ऐलान भी हुआ। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में रेल पहिया विनिर्माण संयंत्र लगाया जाएगा। रायबरेली से राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी के बीच रेल लाइन दोहरी की जाएगी।

बंसल ने कहा कि 2013-14 में 67 नई एक्सप्रेस टे्रन, 26 नई पैसेंजर टे्रन शुरू की जाएंगी, 57 गाडिय़ों का गंतव्य स्थल आगे किया जाएगा और 24 गाडिय़ों के फेरे बढ़ाए जाएंगे। चालू वित्त वर्ष में नई लाइन बिछाने का लक्ष्य 700 किलोमीटर से घटाकर 470 किलोमीटर किया गया जबकि 800 के बजाय महज 575 किमी गेज परिवर्तन का लक्ष्य रखा गया। अगले वित्त वर्ष में 500 किमी की नई लाइन बिछाने, 450 किमी की गेज बदलने और 750 किमी लाइन दोहरी करने का लक्ष्य रखा गया।

बंसल के पिटारे से क्या-कुछ निकला...

  • 2013-14 में 63,363 करोड़ रुपये योजना व्यय का प्रस्ताव, जिसमें सकल बजटीय समर्थन से मिलेंगे 26,000 करोड़ रुपये
  • आरक्षण और तत्काल शुल्क में इजाफा, आरक्षण रद्द कराने का शुल्क और लिपिकीय प्रभार भी बढ़ा
  • ईंधन मूल्य में बढ़ोतरी और कटौती के साथ बढ़ेगा या घटेगा किराया
  • मालभाड़े से होने वाली आय 9 फीसदी बढ़कर 93,554 करोड़ रुपये रहने का अनुमान
  • वित्त वर्ष 2013-14
  • में परिचालन अनुपात 87.8 फीसदी पर लाने
  • का अनुमान
  • इस साल कबाड़ बेचकर 4500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना
  • 500 किलोमीटर नई लाइनें, 750 किलोमीटर लाइनों का दोहरीकरण और 450 किलोमीटर आमान परिवर्तन का है प्रस्ताव
  • चुनिंदा गाडिय़ों में नि:शुल्क वाई-फाई सुविधा
  • चुनिंदा ट्रेनों में आधुनिक सुविाधाओं से लैस 'अनुभूतिÓ कोच होगा
  • रेलवे वेबसाइट को सुगम बनाने के लिए शुरू होगी आधुनिकतम ई-टिकटिंग प्रणाली
  • 67 नई एक्सप्रेस गाडिय़ां चलाने का ऐलान
  • 26 नई पैसेंजर टे्रनें, 8 डेमू और 5 मेमू चलेंगी
  • 57 गाडिय़ों के रूट में होगा विस्तार, 24 टे्रनों के बढ़ेंगे फेरे
  • स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्थानों की यात्रा के लिए रियायती  किराये वाली आजादी एक्सप्रेस चलेगी
  • 1.52 लाख लोगों को इस साल रोजगार देने का है प्रस्ताव

 

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