बिजनेस स्टैंडर्ड - प्रतिस्पर्धा से ल्यूपिन की खुराक पड़ रही है कमजोर
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Thursday, February 27, 2020 07:43 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विश्लेषण खबर

प्रतिस्पर्धा से ल्यूपिन की खुराक पड़ रही है कमजोर
राम प्रसाद साहू /  January 20, 2013

पिछले कुछ समय से ल्यूपिन के शेयरों का प्रदर्शन प्रतिस्पद्र्धियों की तुलना में कमजोर रहा है। पिछले एक महीने के दौरान शेयर 4 प्रतिशत नीचे लुढ़का है जबकि इसके मुकाबले बीएसई हेल्थकेयर इंडेक्स 2 प्रतिशत चढ़ा है। ल्यूपिन की कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवा अंटारा को अमेरिका की जेनरिक दवा निर्माता कंपनी माइलन से कड़ी चुनौती मिल रही है जिससे विश्लेषक कंपनी को लेकर थोड़े चिंतित नजर आ रहे हैं। हाल में ही माइलन को अमेरिकी एफडीए ने अंटारा का जेनरिक संस्करण लाने की अनुमति दी है। हालांकि माइलन फिलहाल यह दवा बाजार में नहीं उतार रही है जिससे ल्यूपिन को थोड़ी राहत जरूर मिली है।
हालांकि कंपनी के खिलाफ गए एक और फैसले से इसकी बिक्री पर असर पड़ सकता है। बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच (बीओए-एमएल) के विश्लेषक एस अरु ण और अरविंद बोथरा के अनुसार संभावित जेनरिक दवा बाजार में आना ल्यूपिन के लिए खतरा जरूर है लेकिन इसका असर काफी हद तक पहले ही दिख चुका है। सिटी के विश्लेषकों का कहना है कि जेनरिक दवा का वित्तीय प्रभाव वित्त वर्ष 2014 के लिए कर पूर्व मुनाफे के 3-4 प्रतिशत तक सीमित हो सकता है। प्रतिस्पद्र्धी कंपनियों द्वारा इन दवाओं के बाजार में उतारने से ल्यूपिन की आय पर प्रभाव पड़ सकता है। बोओएल-एमएल के दो विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी की कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवा ट्राइकोर की बढ़ती बाजार हिससेदारी और ओरल क न्ट्रासेप्टिव प्रोडक्ट्स की बढ़ी बिक्री के दम पर नुकसान की भरपाई हो सकती है। अमेरिकी बाजार में मजबूत पकड़ और भारत में कारोबार सतत गति से आगे बढऩे के कारण ज्यादातर विश्लेषक ल्यूपिन के शेयर खरीदने की सलाह दे रहे हैं। एस्पिरिटो सांतो के अरिजय प्रसाद कहते हैं कि शेयर अभी नीचे कारोबार कर रहा है जो खरीदारी करने का सही अवसर है। वित्त वर्ष 2015 के अंत तक कंपनी के 3 अरब डॉलर राजस्व अर्जित करने की दिशा में होने वाली प्रगति पर भी बाजार की नजर रहेगी। यह देखते हुए कि ल्यूपिन वित्त वर्ष 2013 के अंत तक आधे से अधिक आंकड़ा पार कर लेगी, इसे अगले दो वित्त वर्षों में 30-35 प्रतिशत वृद्घि लक्ष्य हासिल करने के लिए विलय-अधिग्रहण के जरिये विकास करना होगा। ब्लूमबर्ग ने इस शेयर के लिए एक साल का लक्ष्य 646 पर रखा है जो 580 रुपये के मौजूदा स्तर से 11 प्रतिशत अधिक होगा।

अमेरिका में मजबूत कारोबार
नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद हाल में ही कंपनी ने ओरल कन्ट्रासेप्टिव दवा यासमिन अमेरिकी बाजार में उतारी है। दिसंबर तिमाही में यूएसएफडीए की अनुमति प्राप्त करने वाली यह चौथी दवा है जिससे इसका अमेरिका में उत्पाद पोर्टफोलियो और अधिक मजबूत होगा। अमेरिकी बाजार से कंपनी को एक तिहाई राजस्व की प्राप्ति होती है। कंपनी को अक्टूबर में गर्भनिरोधक दवा नॉर्डेट और सीजनल बाजार में उतारने की अनुमति मिली थी वहीं ट्राइकोर के लिए अनुमति इसे नवंबर में मिली। अरिजय प्रसाद कहते हैं, 'इन उत्पादों के आने से अमेरिकी बाजार में ल्यूपिन की स्थिति मजबूत होगी। इसके अलावा फरवरी 2013 में सुप्रेक्स ड्रॉप्स उतारने की अनुमति मिलने के बाद अमेरिका में कंपनी की प्रमुख फ्रैंचाइजी को और अधिक मजबूती मिलेगी।' सुप्रेक्स एंटीबॉयोटिक अमेरिकी बाजार में ल्यूपिन का अकेला सबसे बड़ा ब्रांड है।

कम प्रतिस्पद्र्धा से लाभ
ल्यूपिन की कॉम्प्लेक्स सेगमेंट में भी उपस्थिति है और यहां प्रतिस्पद्र्धा कम होने के कारण विश्लेषक  उत्साहित हैं। इस खंड में शोध एवं विकास और विपणन में अधिक निवेश की दरकार होती है। सीएलएसए का मानना है कि छोटे कारोबारी खंडों में उपस्थिति से ल्यूपिन को खासा लाभ हुआ है। मिसाल के तौर पर ओरल कन्ट्रासेप्टिव खंड में प्रतिस्पद्र्धा सीमित है और यहां कंपनी का उत्पाद पोर्टफोलियो तगड़ा है। विश्लेषकों को वित्त वर्ष 2014 में इन दवाओं की बिक्री से 10 करोड़ डॉलर से अधिक प्राप्ति की उम्मीद है। इसके साथ ही कंपनी ने ऑप्थेल्मिक खंड में 11 नए एब्रिविएटेड दवाओं के लिए आवेदन किया है। माहिदा का कहना है कि इससे जेनरिक खंड में कारोबार बढ़ाने में कंपनी को और मदद मिल सकती है।

दिसंबर तिमाही
ट्राइकोर और यासमिन बाजार में लाने के बाद कंपनी का राजस्व खासा बढ़ा है, साथ ही सुप्रेक्स की जबरदस्त बिक्री और जापानी कंपनी के अधिग्रहण से आई मजबूती के कारण विश्लेषकों को लगता है कि दिसंबर तिमाही में राजस्व 25-30 प्रतिशत की छलांग लगा सकता है। हालांकि मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज का मानना है कि आईरोम के अधिग्रहण से परिचालन नकदी के विकास का प्रवाह 14 प्रतिशत रह सकता है। कच्चे माल पर अधिक लागत और कर्मचारियों पर खर्च बढऩे के कारण मार्जिन सालाना आधार पर 220 आधार अंक कम होकर 18.5 प्रतिशत रह सकता है। ज्यादातर विश्लेषकों का मानना है कि दिसंबर तिमाही में मुनाफा वृद्धि दर 13-14 प्रतिशत रह सकती है। हालांकि राजस्व और मार्जिन में मजबूत बढ़ोतरी से अगले दो वित्त वर्षों में ल्यूपिन की आय में 23-25 प्रतिशत का इजाफा हो सकता है।

Keyword: lupin, pharma, Share,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या दूरसंचार हितों के मद्देनजर वोडाफोन को मिलनी चाहिए राहत?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.