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बैंक से जुड़ी बीमा योजनाएं नहीं भी हो सकती हैं सस्ती
योगिनी जोगलेकर एवं प्रिया नायर /  January 20, 2013

किसी बैंक की शाखा आपके बगल में है? बैंक के प्रदर्शन का रिकॉर्ड क्या रहा है? बचत खाते का ब्याज कितना है? वह अपने ग्राहकों को किस तरह की सेवाएं दे रहा है? जब आप किसी बैंक में खाता खोलने जाते हैं तो इस तरह के सवाल जरूर पूछते होंगे।
बैंक खाताधारकों को बीमा पॉलिसी ऑफर कर रहा है या नहीं, यह भी आकलन का एक पैमाना होता है। कुछ बैंक अपने खाताधारकों को बाजार से कम दर पर बीमा पॉलिसी की पेशकश करते हैं। हालांकि यह देखने वाली बात होती है कि बाजार में यही पॉलिसी कितनी कीमत पर उपलब्ध है?
यह बीमा योजना खाते के साथ जुड़ी नहीं होती है क्योंकि यह स्वास्थ्य बीमा की पेशकश करने वाली कंपनियों के साथ साझेदारी के तहत दी जाती है।
मिसाल के तौर पर नैशनल इंश्योरेंस बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) और बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) के ग्राहकों को फैमिली फ्लोटर योजना देती है। बैंक 5 लाख की बीमित रकम के लिए 6,900 रुपये प्रीमियम लेते हंै। अगर आप यही योजना आप नैशनल इंश्योरेंस से सीधे खरीदते हैं तो आपको 27 प्रतिशत अधिक यानी 9,950 रुपये देने होंगे।
हालांकि कम प्रीमियम कुछ शर्तों के साथ है। मसलन, यह संभव है कि पॉलिसी आपको सामूहिक स्वास्थ्य बीमा के तहत दी जा रही हो, जिस पर प्रीमियम कम होता है। ऐसे में आपको कर में छूट का खास फायदा नहीं मिलता है। लिहाजा, सबसे पहले यह जांच करें कि बीमा योजना की पेशकश समूह के तहत की जा रही है या फिर व्यक्तिगत योजना के तहत?
पॉलिसीबाजार डॉट कॉम के अक्षय मेहरोत्रा कहते हैं,'ज्यादातर बैंक ऐसी पॉलिसी देते हैं जिसमें सभी खूबियां नहीं होती हैं या जो नियमिति स्वास्थ्य पॉलिसी के तौर पर काम नहीं करती है। साथ ही, ऐसी पॉलिसियों का फायदा उठाने के लिए ग्राहकों को बैंक के साथ बने रहना पड़ता है।
ऐसे में अगर दूसरे बैंक अधिक ब्याज दे रहे हैं तो इसका फायदा उठाने से आप चूक जाते हैं। बैंक से जुड़ी हुई कुछ पॉलिसियां अच्छी सेवाएं नहीं देती हैं और करों में छूट के लिहाज से भी ठीक नहीं होती हैं क्योंकि ये समूह बीमा का हिस्सा होती हैं। लिहाजा, ग्राहकों को मिलने वाली पॉलिसी की तुलना वास्तविक तौर पर पॉलिसी जारी करने वाली कंपनी से जरूर की जानी चाहिए।' नैशनल इंश्योरेंस के एक प्रवक्ता का कहना था, 'हमने इन दोनों बैंकों के लिए खास तौर पर फैमिली फ्लोटर प्लान तैयार किया है। हम इन योजनाओं पर इसलिए छूट दे रहे हैं क्योंकि इनसे हमें कारोबार मिलता है। इसे देखते हुए हमें ग्राहकों को इसका फायदा देने में कोई दिक्कत नहीं है।'
इसी तरह, यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस इलाहाबाद बैंक के ग्राहकों को स्वास्थ्य बीमा की पेशकश करती है।
यूनिवर्सल सोम्पो के कार्यकारी चेयरमैन ओ एन सिंह कहते हैं, 'क्रॉस सेलिंग एवं योजना की पैकेजिंग दोनों पक्षों के लिए हमेशा ही लाभदायक होती है। हम कम प्रीमियम पर पॉलिसी मुहैया कराते हैं और इनमें कई खूबियां होती हैं। पिछले तीन महीने में हमने 7,500 से अधिक पॉलिसियां बेची हैं।'
इसके मुकाबले यूनिवर्सल सोम्पो की पॉलिसी दूसरे ग्राहकों के लिए 10 प्रतिशत अधिक महंगी है। यानी इलाहाबाद बैंक के ग्राहकों को पॉलिसी 4,518 रुपये में मिलेगी वहीं दूसरे ग्राहकों को यह 4,970 रुपये में होगी। हालांकि को-ब्रांडेड हमेशा आपको कम कीमतों पर उपलब्ध हो, यह जरूरी नहीं है।
मिसाल के तौर पर कोटक महिंद्रा बैंक टाटा एआईजी की हेल्थ इंश्योरेंस अपने खाताधारकों को देता है। कोटक महिंद्रा बैंक के ग्राहकों को 5 लाख रुपये की बीमित रकम के लिए 6200 रुपये देने होंगे।
लेकिन टाटा एआईजी से सीधे पॉलिसी खरीदने पर भी आपको इतनी ही रकम का भुगतान करना होगा। रेलिगेयर एवं स्टार हेल्थ की भी समान खूबियों वाली पॉलिसियां क्रमश: 5,162 रुपये और 5,506 रुपये पर उपलब्ध हैं। टाटा एआईजी की पॉलिसी की तुलना में ये पॉलिसियां18 प्रतिशत और 10 प्रतिशत तक सस्ती हैं। कुछ बैंक व्यक्तिगत दुर्घटना और टर्म पॉलिसियां भी देते हैं। लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि दुर्घटना के कारण अस्पताल में भर्ती होना स्वास्थ्य पॉलिसी के तहत आता है।
अगर किसी के पास पहले से ही स्वास्थ्य पॉलिसी है तो उसे अलग से व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा पॉलिसी लेने की जरूरत नहीं है।
मिसाल के तौर पर भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) अपने सभी बचत खाताधारकों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा पॉलिसी देता है। 4 लाख की बीमित रकम के लिए सालाना 100 रुपये प्रीमियम देना पड़ता है। बैंक ने इसके लिए एसबीआई जनरल इंश्योरेंस से समझौता किया है। इसी तरह, डीसीबी बैंक ने रॉयल सुंदरम से समझौता किया है। बैंक 500 रुपये सालाना प्रीमियम पर 5 लाख का दुर्घटना कवर दे रहा है। जाहिर है, एसबीआई की तुलना में यह महंगा है।

Keyword: bank, insurance policy,
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