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बिल्डर-खरीदार के बीच समझौते में संशोधन
एजेंसियां / नई दिल्ली January 03, 2013

भारतीय प्रतिस्पद्र्धा आयोग (सीसीआई) ने डीएलएफ समूह और इसकी दो परियोजनाओं में अपार्टमेंट खरीदने वालों के बीच हुए समझौते को संशोधित कर दिया है। इन परियोजनाओं में डीएलएफ अपने मजबूत ओहदे का गलत इस्तेमाल करता पाया गया था। कम्पटिशन अपीलेट ट्रिब्यूनल (कॉम्पैट) के निर्देश के बाद अपार्टमेंट के खरीदारों के साथ हुए समझौते को संशोधित कर दिया गया है, जहां डीएलएफ ने सीसीआई की तरफ से लगाए गए 630 करोड़ रुपये के जुर्माने को चुनौती दी थी।
सीसीआई ने एक बयान में कहा, बिल्डर-खरीदार के बीच समझौते को इस तरह संशोधित किया गया है कि मूल समझौते में मौजूद अनुचित व एकतरफा शर्तें समाप्त हो जाएं। इसमें कहा गया है कि सीसीआई की तरफ से पारित पूरक आदेश के तहत डीएलएफ व अपार्टमेंट के आवंटियों के बीच हुए समझौते को संशोधित किया गया है। कॉम्पैट ने मार्च 2012 में अपार्टमेंट के खरीदारों के लिए समझौते को संशोधित करने का आदेश सीसीआई को दिया था। सीसीआई ने कहा कि समझौते के शर्तों को इस तरह से संशोधित किया गया है कि वे उचित नजर आए और इसमें दोनों पक्षों के हितों का ध्यान रखा जाए।
सीसीआई ने मूल आदेश 12 अगस्त 2011 को जारी किया था, जब इसने डीएलएफ लिमिटेड को अपने मजबूत ओहदे का गलत इस्तेमाल करने और प्रतिस्पर्धा अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन का दोषी पाया था। इसमें कहा गया था कि डीएलएफ ने खरीदारों के साथ एकतरफा समझौता किया है। हाल में सीसीआई के चेयरमैन अशोक चावला ने कहा था कि डीएलएफ के मामले में संशोधित समझौता रियल एस्टेट डेवलपर व प्रॉपर्टी खरीदारों के बीच होने वाले वाणिज्यिक समझौते के लिए मॉडल बन सकता है और उद्योग के लिए यह बेंचमार्क बन सकता है।

Keyword: CCI, DLF, Apartment,
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