बिजनेस स?टैंडर?ड - डिजिटलीकरण से रोशन हुआ कलर्स
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डिजिटलीकरण से रोशन हुआ कलर्स
गौरव लघाटे / मुंबई December 24, 2012

कलर्स के लिए क्रिसमस संभवत: कुछ समय पहले ही आ गया है। टीवी रेटिंग एजेंसी टैम मीडिया रिसर्च के हिंदी सामान्य मनोरंजन (जीईसी) क्षेत्र के लिए जारी आंकड़ों से यही जाहिर होता है। आंकड़ों में वायकॉम 18 का चैनल 9 सप्ताह के अंतराल के बाद एक बार फिर से शीर्ष स्लॉट पर काबिज हो गया है और बीते लगातार 4 सप्ताह से पहले स्थान पर काबिज है। यह आंकड़े डिजिटलीकरण के पहले चरण के बाद पहली बार जारी हुए हैं।
डिजिटलीकरण पर व्याप्त अव्यवस्थाओं और भ्रम के चलते तीन उद्योग संगठनों इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन (आईबीएफ), एडवरटाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एएएआई) और इंडियन सोसाइटी ऑफ एडवर्टाइजर्स (आईएसए) ने टैम से 7 अक्टूबर को दर्शक संख्या से आंकड़े जारी करने पर 9 सप्ताह तक रोक लगाने के लिए कहा था। समझा जाता है कि आंकड़े 19 दिसंबर को जारी किए गए थे, लेकिन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इन आंकड़ों को दो दिनों तक टालने के लिए कहा था।
आखिरकार टैम के हिंदी जीईसी क्षेत्र से संबंधित आंकड़े आज जारी किए गए, जिससे प्रतिस्पर्धा और तेज होने का पता चलता है। चार मेट्रो शहरों, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में एनालॉग से डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम्स (डीएएस) में बदलाव की 1 नवंबर की समयसीमा के बाद यह प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है।
हिंदी भाषी बाजारों (एचएसएम) में कलर्स के बाद स्टार प्लस और जी टीवी कतार में हैं, जिनके बीच कड़ी टक्कर चल रही है और सोनी चौथे पायदान पर है। हालांकि एचएसएम के तहत आने वाला क्षेत्रों में कलर्स को अब भी स्टार प्लस के साथ तीक्ष्ण प्रतिस्पद्र्धा करनी पड़ रही है। हालांकि चार हफ्तों में चैनल तीन हफ्तों में चोटी पर रहने में कामयाब हुई हैं, हालांकि दूसरे चैनल भी बहुत पीछे नहीं चल रहे हैं।
इस बारे में एक एजेंसी के उच्च पदस्थ अधिकारी ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया, 'हम अब भी आंकड़े जुटा रहे हैं। पूरे दो महीने का आंकड़ा पढऩे में थोड़ा समय तो लगेगा। लेकिन पहली नजर में तो यही लगता है कि कलर्स को फिलहाल बढ़त मिली हुई है। लेकिन प्रतिस्पद्र्धा तो बनी रहेगी और इस कारोबारी खंड में स्वयं को आगे बनाए रखना उतना आसान भी  नहीं होगा।'
ऐसा लगता है कि कलर्स के शीर्ष अधिकारी थोड़ी राहत महसूस कर रहे होंगे क्योंकि इस पर आने वाले बिग बॉस कार्यक्रम को लेकर काफी कयास लगाए जा रहे हैं। चैनल शुरू में विज्ञापनदाताओं से 20-25 अधिक रकम लेने के बारे में सोच रहा था लेकिन यह ऐसा नहीं कर सका। टीवी पर प्रसारित होने वाले विज्ञापनों में हिंदी मनोरंजन चैनलों की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। एक कार्यक्रम की सफलता किसी चैनल को फर्श से अर्श पर ला देती है जबकि कार्यक्रम असफल रहने से फर्श पर आने में भी समय नहीं लगता है। अब जबकि नतीजा सामने आ चुका है, बिग बॉस संस्करण 4.1 टीवीआर (टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट्स) के साथ खुला जबकि कार्यक्रम का वीकडे एवरेज 41-50 हफ्ते के दौरान टीवीआर 2.5 रही है।

Keyword: Entertainment, channel, colours, digitization,
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