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ई-नीलामी के लिए ओडिशा करेगा एमएसटीसी के साथ करार
बीएस संवाददाता / भुवनेश्वर November 16, 2012

लौह अयस्क, मैंगनीज और क्रोम अयस्क की ई-नीलामी के लिए ओडिशा सरकार जल्द ही कोलकाता की कंपनी एमएसटीसी लिमिटेड के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करेगी। इस एमओयू में एमएसटीसी की भूमिका, दायित्व और मेहनताना आदि का जिक्र होगा। ई-नीलामी को अनिवार्य बनाने के लिए सरकारी आदेश जारी किए जाएंगे।
ओडिशा में ई-नीलामी के जरिए खनिजों की बिक्री की शुरुआत जनवरी 2013 से होने की संभावना है। राज्य सरकार ने हाल में स्टील व खनन सचिव राजेश वर्मा की अगुआई में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो ई-नीलामी का रोडमैप तैयार करेगी। इस समिति में खनन विभाग के निदेशक दीपक मोहंती, सरकारी कंपनी ओडिशा माइनिंग कॉरपोरेशन के सीएमडी सास्वत मिश्रा और कानून व वित्त विभाग के एक-एक प्रतिनिधि शामिल होंगे, जो कम से कम अतिरिक्त सचिव के रैंक के होंगे। समिति की बैठक 22 नवंबर को होने की संभावना है।
हाल में जारी अधिसूचना में राज्य सरकार ने कहा था कि पारदर्शिता व मौजूदा व्यवस्था को उन्नत बनाने की खातिर सभी पट्टाधारकों व लाइसेंसधारकों ने लौह अयस्क, मैंगनीज और क्रोम अयस्क की ई-नीलामी का फैसला लिया है और नई व्यवस्था से राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। अधिसूचना में कहा गया है कि अवैध खनन पर लगाम कसने के लिए भी ई-नीलामी बेहतर कदम साबित होगा।
ई-नीलामी की शुरुआत सबसे पहले लौह अयस्क में होगी और बाद में इसका विस्तार क्रोम व मैंगनीज में भी किया जाएगा। लौह अयस्क की विभिन्न किस्मों की ई-नीलामी से राज्य सरकार को 400 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। खनन राजस्व के जरिए राज्य को 2011-12 में 4517 करोड़ रुपये मिले और इसमें लौह अयस्क की हिस्सेदारी करीब 70 फीसदी रही।
ई-नीलामी के क्रियान्वयन आदि के लिए एमएसटीसी भुवनेश्वर में अपना कार्यालय खोलेगा। ई-नीलामी प्लैटफॉर्म का इस्तेमाल करने वालों को एमएसटीसी की वेबसाइट पर पंजीकरण करना होगा, चाहे वे विक्रेता हों या खरीदार। खरीदारों व विक्रेताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया लगातार चलती रहेगी। ओडिशा सरकार के अधिकारियों को निगरानी के लिए एमएसटीसी मास्टर पासवर्ड उपलब्ध कराएगी।
विक्रेता अपने मैटीरियल की विस्तृत जानकारी एमएसटीसी को कागजी तौर पर उपलब्ध कराएंगे ताकि इसे नीलामी के लिए ऑनलाइन जारी किया जा सके। इसमें विक्रेता द्वारा तय किया गया रिजर्व प्राइस भी शामिल होगा। रिजर्व प्राइस ई-नीलामी के लिए शुरुआती कीमत होगी।
विक्रेता से संपर्क के बाद एमएसटीसी ई-नीलामी का समय तय करेगी। ओडिशा सरकार के पास पंजीकृत होने वाली कंपनियां ही ई-नीलामी में भाग लेने की हकदार होंगी, हालांकि इसके लिए उन्हें एमएसटीसी की वेबसाइट पर भी पंजीकरण करना होगा और शुरुआती रकम जमा करानी होगी।

Keyword: Odisha, E-auction, MSTC,
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