बिजनेस स्टैंडर्ड - महानगरों में चुप होंगे कई बुद्धू बक्से!
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Sunday, July 03, 2022 06:09 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम जिंस खबर

महानगरों में चुप होंगे कई बुद्धू बक्से!
बीएस संवाददाता / मुंबई/दिल्ली/चेन्नई/कोलकाता October 30, 2012

देश के चार महानगरों में आगामी 1 नवंबर से केबल प्रसारण बंद हो जाएगा और इसकी जगह डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम्स (डीएएस) ले लेगा।
एक ओर जहां सरकार पहले चरण के डिजिटलाइजेशन की समय सीमा 31 अक्टूबर को नहीं बढ़ाने को लेकर सख्त है वहीं कुछ राजनीतिक दलों के साथ ही पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु सरकार भी इसके खिलाफ हैं। इसके अलावा स्थानीय केबल ऑपरेटर्स भी सरकार के  इस फैसले का विरोध कर रहे हैं।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का मानना है कि समय रहते डिजिटलाइजेशन का काम पूरा हो जाएगा। मंत्रालय का दावा है कि मुंबई में 100 प्रतिशत डिजिटलाइजेशन हो चुका है जबकि दिल्ली और कोलकाता में यह आंकड़ा क्रमश: 88 प्रतिशत और 82 प्रतिशत है।
लेकिन केबल उद्योग के सूत्रों की मानें तो छोटे ऑपरेटर सेट टॉप बॉक्स को लेकर समस्याएं झेल रहे हैं। मिसाल के तौर पर मुंबई के स्थानीय केबल ऑपरेटर परेश ठक्कर ने डिजिटलाइजेशन की समय सीमा बढ़ाने के लिए बंबई उच्च न्यायालय में अर्जी दे रखी है। न्यायालय 31 अक्टूबर को उनकी याचिका पर सुनवाई करेगा।
दूसरी तरफ मल्टी-सिस्टम-ऑपरेटर्स (एमएसओ) और डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) को लगता है कि समय सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी। डेन नेटवर्क के मुख्य परिचालन अधिकारी एम जी अजहर कहते हैं, 'समय सीमा बढ़ाने को लेकर सरकार ने अभी तक कोई संकेत नहीं दिए हैं जो अच्छी बात है। बाजार में ऐसे लोग हैं जो अंतिम तारीख तक इंतजार कर रहे हैं। लिहाजा केबल सिग्नल समाप्त होने के साथ ही डिजिटलाइजेशन की रफ्तार बढ़ जाएगी।' डेन को उम्मीद है कि वह दिल्ली में सबसे बड़े एमएसओ का दर्जा बरकरार रखेगी। इसके साथ ही कंपनी को डिजिटलाइजेशन के बाद मुंबई में 15 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी बरकरार रखने का अनुमान है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई और दिल्ली में डिजिटलाइजेशन की तरफ बढऩा आसान है लेकिन चेन्नई और कोलकाता के लिए यह आसान नहीं होगा।
एमएसओ अलायंस के अध्यक्ष और इंडसइंड मीडिया ऐंड कम्युनिकेशंस लिमिटेड के निदेशक अशोक मनसुखानी कहते हैं, 'मेरे हिसाब से मुंबई और दिल्ली में डिजिटलाइजेशन की राह में उतनी समस्याएं नहीं आएंगी लेकिन कोलकाता और चेन्नई में हालात का पता 1 नवंबर को ही चलेगा। अगले 15 दिनों तक सभी एमएसओ अपने ग्राहकों के लिए उपयुक्त चैनल पैकेज हासिल करने में व्यस्त होंगे। ग्राहकों को भी पूरी तरह रूबरू होने में एक से दो हफ्ते लग जाएंगे।'
मिसाल के तौर पर अगर समय सीमा का पालन हुआ तो चेन्नई में करीब 32 लाख परिवार टीवी नहीं देख पाएंगे। शहर में 40 लाख केबल कनेक्शन हैं। हालांकि मंत्रालय के अनुसार केबल होम्स 61 प्रतिशत डिजिटलाइजेशन दिखा रही हैं और डीटीएच को मिलाकर यह आंकड़ा 85 प्रतिशत हो जाता है।
समय सीमा समाप्त होने के ठीक एक दिन पहले यानी 30 अक्टूबर को केबल ऑपरेटर्स यह समझ नहीं पा रहे हैं कि इससे उन पर क्या असर पड़ेगा।
सूत्रों का कहना है कि स्थानीय केबल ऑपरेटरों को अब भी समय सीमा बढ़ाए जाने की उम्मीद है इसलिए उन्होंने डिजिटलाइजेशन को गंभीरता से नहीं लिया है।
कोलकाता में हालत अलग है क्योंकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लग रहा है कि एसबीटी अनिवार्य करने से केंद्र सरकार को बचना चाहिए। बकौल बनर्जी इससे लोगों पर बोझ बढ़ जाएगा।
एक अनुमान के अनुसार कोलकाता में करीब 8 लाख केबल टीवी ग्राहक 1 नवंबर से टीवी नहीं देख पाएंगे। इससे महीने के शुरू में ममता बनर्जी की सरकार ने डिजिटलाइजेशन की समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी क्योंकि एमएसओ को शिकायत थी कि उन्हें अब भी 40-50 प्रतिशत सेट-टॉप बॉक्स नहीं मिले हैं।

Keyword: Metro Cities, digitalisation, Cabel TV,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या रुपये की नरमी थामने के और उपाय करे आरबीआई?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.