बिजनेस स्टैंडर्ड - एमसीएक्स एसएक्स: खुलने से पहले ही कतार
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, December 06, 2021 05:03 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विश्लेषण खबर

एमसीएक्स एसएक्स: खुलने से पहले ही कतार
बीएस संवाददाता / मुंबई October 22, 2012

शेयर कारोबार शुरू करने से पहले ही एमसीएक्स-एसएक्स को देश भर में सदस्यता के लिए 700 आवेदन मिले हैं। फाइनैंशियल टेक्नोलॉजिज प्रवर्तित स्टॉक एक्सचेंज एमसीएक्स-एसएक्स ने सदस्यों के लिए नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की तुलना में कम हैसियत (नेटवर्थ) और अपेक्षाकृत कम जमा का प्रावधान रखा है। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) ने  318 सदस्यों के साथ 1875 में कारोबार शुरू किया था वहीं एनएसई ने 1994 में करीब 200 सदस्यों के साथ परिचालन शुरू किया था। भारत में स्टॉक ब्रोकर बनने की राह में उच्च सदस्यता प्रावधान बड़ी बाधा है। फिलहाल एनएसई के देश भर में 1,500 ब्रोकर सदस्य हैं, जबकि बीएसई के करीब 1,000 सदस्य हैं।
एमसीएक्स-एसएक्स ने आज दावा किया कि किसी एक्सचेंज के शुरू होने से पहले ही इतनी अधिक संख्या में सदस्यों को साइन करने का उसने विश्व रिकॉर्ड बनाया है। उम्मीद है कि एमसीएक्स-एसएक्स दीवाली से पूरी तरह से परिचालन शुरू कर सकता है लेकिन एक्सचेंज के शीर्ष अधिकारियों ने बताया कि अभी लॉन्चिंग की तिथि तय नहीं है लेकिन इतना जरूर है कि यह अगले साल के लिए नहीं टलेगा। हालांकि एमसीएक्स-एसएक्स ने  न तो सेबी के पास जमा कराए आवेदनों का ब्योरा दिया और न ही कुल आवेदनों का निश्चित आंकड़ा ही दिया।
एमसीएक्स-एसएक्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी जोसेफ मैसी ने कहा, 'विदेशी और घरेलू ब्रोकरों की ओर से सदस्यता के प्रति रुचि दिखाए जाने से हम उत्साहित हैं। उम्मीद है कि इक्विटी कारोबार शुरू होने से पहले कम से कम 350 सदस्य पंजीकृत होंगे।'
नकद इक्विटी और वायदा खंड में एमसीएक्स-एसएक्स के सदस्य बनने के लिए ब्रोकरों को 25 लाख रुपये खर्च करने पड़ेंगे, जबकि ब्रोकर की हैसियत 30 लाख रुपये होनी चाहिए। यह शुरुआती पेशकश थी जो 18 अक्टूबर तक वैध थी। इसके बाद सदस्यों के लिए जमा राशि दोगुनी हो जाएगी। एमसीएक्स-एसएक्स ने 5 सितंबर को सदस्यता अभियान शुरू किया था, जिसे देखते हुए एनएसई ने एक वर्ग के ब्रोकरों के लिए नई अल्फा श्रेणी के तहत जमा और हैसियत प्र्रावधान को 50 फीसदी तक घटा दिया था। बीएसई का शुल्क दोनों एक्सचेंजों से काफी कम है।
एमसीएक्स-एसएक्स के प्रवर्तक और वाइस चेयरमैन जिग्नेश शाह ने कहा कि वे इस साल इक्विटी कारोबार शुरू कर सकते हैं और इस बारे में निर्णय के लिए जल्द ही बोर्ड की बैठक होगी। शाह ने कहा, 'भारत में तीनों एक्सचेंजों के कारोबार विस्तार की काफी संभावनाएं हैं।' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एमसीएक्स-एसएक्स केवल इक्विटी खंड पर ही ध्यान नहीं देगा बल्कि बॉन्ड और ब्याज दर वायदा पर भी एक्सचेंज की नजर रहेगी। फिलहाल एमसीएक्स-एसएक्स मुद्रा वायदा खंड में एनएसई को टक्कर दे रहा है।

Keyword: Share trading, MCX-SX, NSE,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या देश में कोविड टीके की बूस्टर खुराक लगाई जाएं?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.