बिजनेस स्टैंडर्ड - कहां हुई  चूक
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Friday, October 30, 2020 08:01 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विशेष खबर

कहां हुई  चूक
संपादकीय /  June 03, 2011

आम तौर पर नीति निर्धारक रुझानों का आकलन करने में ज्यादा सक्षम माने जाते हैं। इसकी वजह भी स्पष्ट है क्योंकि उनके पास समुचित मात्रा में सूचनाएं उपलब्ध होती हैं और इसीलिए वे सही निर्णय भी ले पाते हैं। लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि सरकार में एक से एक दिग्गज अर्थशास्त्री मौजूद हैं, इतना ही नहीं स्वयं प्रधानमंत्री एक अर्थशास्त्री हैं, पर इसके बाद भी ये लोग पिछले कुछ महीनों से अर्थव्यवस्था पर लटकती आर्थिक मंदी की तलवार को देख पाने में विफल रहे हैं।

मनमोहन सिंह ही नहीं बल्कि सी रंगराजन, कौशिक बसु सहित अन्य दिग्गज विकास को लेकर सकारात्मक बातें करते रहे हैं जबकि विकास को इंगित करने वाले कारक गिरावट का संकेत दे रहे हैं। अब जबकि चौथी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़ों ने अर्थव्यवस्था की चाल मंद पडऩे की पुष्टिï कर दी है, सभी कम अपेक्षाओं की बात कर रहे हैं।

सरकार ने अब जाकर इस लटकती तलवार की बात स्वीकार की है जबकि सप्ताह या महीनों पहले ही अर्थव्यवस्था की चाल सुस्त पडऩे के संकेत मिल चुके थे। बजट पेश होने के दिन ही निजी क्षेत्र के अर्थशास्त्रियों ने कहा था कि इस वित्त वर्ष में 9 फीसदी की विकास दर हासिल करना टेढ़ी खीर होगी। हालांकि यह कहना बुद्धिमानी नही होगी कि मैंने पहले ही ऐसा कहा था, लेकिन मैंने जनवरी में इसी स्तंभ में लिखा था, 'अगर इस साल सकल घरेलू उत्पाद की दर 8.5 फीसदी रहती है तो अगले साल 8 फीसदी की विकास दर की अपेक्षा करना अवास्तविक होगा क्योंकि न ही कृषि क्षेत्र को आगे बढ़ाने वाले कारक नजर आ रहे हैं और न ही आधार-वर्ष के कम आंकड़े का कोई फायदा मिलता नजर आ रहा है। 8 फीसदी दर हासिल करना भी बुरा नहीं है लेकिन प्रधानमंत्री ने इस महीने के शुरू में 2011-12 में 9-10 फीसदी विकास दर की जो बात कही है वह नहीं होगा।'

केवल प्रधानमंत्री ही वित्त वर्ष 2011-12 में 9 फीसदी विकास दर हासिल करने की बात कह रहे थे। फरवरी के उत्तरार्ध में मुख्य आर्थिक सलाहकार ने भी आर्थिक सर्वेक्षण में 9 फीसदी विकास दर की चर्चा की थी। उसके बाद वित्त मंत्री ने भी बजट में 9 फीसदी का लक्ष्य हासिल करने की बात कह डाली। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन डा. रंगराजन भी फरवरी में वित्त वर्ष 2010-11 और 2011-12 के लिए 9 फीसदी का राग अलाप रहे थे। हालांकि वह अब भी इस साल 9 फीसदी की विकास दर की बात करने से पीछे नहीं हट रहे हैं। रिजर्व बैंक ने भी पिछले महीने इस साल के लिए 8 फीसदी विकास की बात कही है और इसी तरह योजना आयोग ने भी 9 फीसदी विकास दर हासिल करने की अपनी बात वापस ले ली।

तूफान की आशंका को समझने के लिए बहुत अधिक कुशलता की जरूरत नहीं होती है। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में ही सीआईआई का बिजनेस कॉन्फिडेंस इंडेक्स नीचे चला गया था जबकि निवेश की मांग कम हो रही थी। इतना ही नहीं ब्याज दरों में बढ़ोतरी ऋण से जुड़ी मांगों को प्रभावित करने के लिए काफी थी। मुख्य आर्थिक सलाहकार ने दिसंबर में कहा था कि इन सब कारणों से औद्योगिक उत्पादन की दर में गिरावट आएगी और ऐसा हुआ। अगर आप कृषि क्षेत्र के योगदान को हटा दें तो गैर-कृषि सकल घरेलू उत्पाद की दर पिछले साल कुल मिलाकर (7.5 फीसदी के करीब) 2009-10 के 8 फीसदी से कम रही थी।

मौजूदा हालात में त्वरित विकास दर हासिल करने की राह में समस्या यह है कि रिजर्व बैंक के महंगाई को नियंत्रण में लाने के तमाम प्रयासों के बावजूद सरकार राजकोषीय घाटे को नियंत्रण में लाने के लिए संघर्ष कर रही है। दोनों नीतियों का लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद में तेजी लाने के विपरीत है और जब आर्थिक सुधार की बात आती है तो सरकार के लिए ऐसा करना मुश्किल हो जाता है। अर्थव्यवस्था में यह  क्षमता हमेशा होती है कि वह आपकी सोच को सकारात्मक बनाए रख सके। (इसकी मिसाल के तौर पर निर्यात के आंकड़ों को देखा जा सकता है।) लेकिन नकारात्मक बातों की भी फेहरिस्त मौजूद है जो काफी लंबी है। 

Keyword: policy makers, economic slowdown, India,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या एयर इंडिया के बोली नियमों में बदलाव से आकर्षित होंगे निवेशक?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.