बिजनेस स्टैंडर्ड - दावोस में खूब दिखा भारत का आत्मविश्वास
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, December 01, 2021 03:55 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम कंपनिया खबर

दावोस में खूब दिखा भारत का आत्मविश्वास
श्यामल मजूमदार / दावोस January 30, 2011

दावोस में आयोजित विश्व आॢथक मंच के समापन समारोह में भारत सरकार और भारतीय उद्योग परिसंघ की ओर से रात्रि भोज का आयोजन किया गया, जिसमें देश-दुनिया के जानेमाने उद्यमियों ने शिरकत की।

दावोस बैठक में भारत की धाक का भी आभास हुआ। साथ ही यह भी स्पष्टï दिखा की अमेरिका और यूरोप के बजाय अब एशिया और उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों की पूछ बढ़ रही है। भारत के 130 प्रतिनिधियों में भी इस बार गजब का आत्मविश्वास नजर आया। चाहे वह विभिन्न मसलों पर चर्चा में हो या फिर सवाल उठाने के मामले में। गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने समारोह में कहा, 'इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि भारत में भ्रष्टïाचार बढ़ रहा, लेकिन यह भी ध्यान देना चाहिए कि देश तेजी से विकास कर रहा है। भारत भ्र्रष्टïाचार का सख्ती से मुकाबला कर रहा है। हालांकि यह नहीं भूलना चाहिए कि इस तरह की समस्या केवल
भारत के साथ ही है। अमेरिका को भी इससे रूबरू होना पड़ रहा है।Ó

हार्वर्ड विश्वविद्यालय एक अर्थशास्त्री ने कहा कि भारतीयों में आत्मविश्वास पहले से कहीं बढ़ा है, जो अच्छा संकेत है। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया स्पष्टï रूप से भारत की क्षमता और दक्षता की वकालत करते नजर आए।
अहूवालिया ने यह कहने में जरा भी हिचकिचाहट नहीं दिखाई कि अंतरराष्टï्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भारत की विकास दर 9.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। उन्होंने कहा कि भारत चालू वित्त वर्ष में 8.5 फीसदी की विकास दर हासिल करने के करीब है और अगले वित्त वर्ष में देश का जीडीपी 9 फीसदी पार करने की उम्मीद है।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के एमडी और सीईओ एन. चंद्रशेखरन भी अहलूवालिया से सहमत नजर आए। उन्होंने कहा कि मेरा कोई भी ग्राहक इस बात की चिंता नहीं करता कि देश में भ्रष्टïाचार है या राजकोषीय घाटे की समस्या है। अच्छी बात यह है कि हम उन्हें बेहतर सेवा मुहैया कराते हैं।
अपोलो टायर्स के चेयरमैन ओंकार कंवर ने कहा कि भारतीय कंपनियां विदेश में कारोबार करने को हमेशा तैयार रहती हैं। एक अन्य उद्यमी ने कहा कि भारतीय कंपनियां सस्ते श्रम से इतर कुशल श्रमिक पर भी जोर देती हैं।

थामसन रॉयटर्स के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल उभरते बाजारों की कुल वैश्विक विलय अधिग्रहण में हिस्सेदारी 33 फीसदी रही, जो 2009 की तुलना में करीब 76 फीसदी ज्यादा है। यही वजह रही कि दावोस बैठक में निवेश बैंकरों ने भी जमकर शिरकत की। इन दिनों उभरते देशों के ग्राहक उनके पसंदीदा हैं। ब्लैकस्टोन के चेयरमैन स्टीव शेवाजऱ्मैन ने कहा कि भारत में महंगाई की समस्या है लेकिन यह अल्पकालिक समस्या है। उन्होंने कहा कि दीर्घावधि के खयाल से देखें तो भारत एक विशाल और मूल्यवान देश है, जहां तेजी से विकास हो रहा है।

भारत में जन्मी पेप्सिको की चेयरमैन और सीईओ इंद्रा नूयी ने कहा कि उद्योग जगत के लोगों को फिर से स्कूल जाकर यह जानना चाहिए कि आज कारोबार का मतलब सिर्फ लघु अवधि का मुनाफा कमाना ही नहीं है, बल्कि दीर्घावधि की वृद्धि भी कायम रखना है। नूयी ने कहा कि यह दुख की बात है कि प्रबंधन की सफलता को काफी छोट तरीके से समझाया गया है। इसका मतलब यह है कि आप शेयरधारकों के लिए मुनाफा बढ़ाएं, पर इसमें दीर्घावधि के उद्देश्य के बारे में नहीं कहा गया है।
रात्रिभोज के दौरान मेहमानों ने भारतीय कला, संस्कृति और व्यंजनों का सबने खूब लुत्फ उठाया, वहीं बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने रैंप पर कैटवॉक कर लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।

Keyword: india inc in davos,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को किया जाए बहाल?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.