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इस साल नए लेखा मानक आएंगे, अकाउंटिंग को नर्ई राह दिखाएंगे
लेखा
आशिष के भट्टाचार्य /  January 09, 2011

सत्यम कंप्यूटर में हुए घोटाले की वजह से वर्ष 2009 ऑडिटिंग (लेखा परीक्षण) और अकाउंटिंग (लेखा) पेशे के लिहाज से काफी खराब वर्ष था। हालांकि इस घोटाले का असर समाप्त हो गया है और इस पेशे के लिए वर्ष 2010 कुल मिला कर एक अच्छा वर्ष रहा। इंस्टीट्ïयूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्ïस ऑफ इंडिया (आईसीएआई) नए लेखा मानकों के निर्माण का अपना कार्य पूरा कर सकता है। ये मानक पूरी तरह से आईएफआरएस के अनुकूल हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंसी पेशे के खिलाफ मौजूदा समय में हालात में बदलाव आया है। युवा चार्टर्ड अकाउंटेंटों के लिए रोजगार के अवसरों की भरमार है। इंस्टीट्ïयूट ऑफ कॉस्ट ऐंड वक्र्स अकाउंटेंट्ïस (आईसीडब्ल्यूएआई) ने भी बड़ी तादाद में लागत लेखा मानकों को जारी कर एक सराहनीय कार्य किया है। इससे लोगों में इसकी छवि मजबूत बन सकती है। हमें उम्मीद है कि वर्ष 2011 अकाउंटिंग पेशे के लिए एक शानदार वर्ष रहेगा।

मौजूदा दशक इस पेशे के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। भारत का दीर्घावधि विकास परिदृश्य उत्साहजनक है, लेकिन यह भविष्य में बड़ी अनिश्चितता से संबद्घ है। भारत 8 फीसदी या इससे भी अधिक की वृद्घि दर से बढ़ सकता है। पिछले आंकड़ों पर आधारित टाइम सीरीज प्रणालियों पर नजर डालें तो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए 7.5-8 फीसदी की संभावित वृद्घि दर का संकेत मिलता है। हालांकि सवाल यह है कि भारत भविष्य में किस तरह से 10 फीसदी के विकास की राह पर बढ़ सकता है। अगले 20 वर्षों के लिए हमें 10 फीसदी की दर से बढऩे की जरूरत है। इसके अलावा समावेशी विकास पर जोर दिए जाने की जरूरत है। अर्थशास्त्रियों की भविष्यवाणी है कि 2010-2020 से चीन और भारत का वैश्विक विकास में 50 फीसदी का योगदान होगा।

अर्थशास्त्री वृद्घि एवं विकास मॉडलों पर माथापच्ची कर रहे हैं। यह निष्कर्ष निकाल पाना आसान नहीं है कि कौन सा कारक आर्थिक वृद्घि एवं विकास को बढ़ावा देगा। हालांकि 10 फीसदी की दर पर लगातार 'समावेशी विकासÓ हासिल करना मुश्किल है। इसके लिए हमें विश्वस्तरीय संस्थाओं की जरूरत है। विश्वस्तरीय संस्थाओं का निर्माण और प्रबंधन सिर्फ विश्वस्तरीय पेशेवरों द्वारा ही किया जा सकता है। लेखा पेशे को संस्थानों को मजबूत बनाए जाने की जिम्मेदारी से जोड़ा जाना चाहिए। अकाउंटिंग पेशे के तहत दुनिया में नेतृत्व हैसियत के मामले में भारत की मदद के लिए और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाए जाने की जरूरत है।

देश भ्रष्टाचार की गिरफ्त में फंसा हुआ है। मीडिया विभिन्न संस्थाओं और कार्यालयों में भ्रष्टïाचार से जुड़े राजनीतिज्ञों और उद्योग दिग्गजों को नकाबपोश करने में दिलचस्पी ले रहा है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनैशनल ने  'करप्शन परसेप्शन इंडेक्सÓ के संदर्भ में भारत को निचला दर्जा दिया है। 9-10 का अंक बेहद स्वच्छ एवं साफ-सुथरी छवि का प्रतिनिधित्व करता है। वर्ष 2010 के लिए भारत का स्कोर 3.3 है। अगर भारत में भ्रष्टïाचार अधिक है तो पेशेवर, खासकर लेखा पेशे मे, अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। समाज यह मानता है कि लेखा पेशा भ्रष्टïाचार को समाप्त करने के लिए हरसंभव कोशिश करेगा और वह अपनी मेधा एवं ज्ञान का इस्तेमाल भ्रष्टïाचार से बचने के लिए नहीं करेगा। हमें उम्मीद है कि लेखा पेशे से जुड़े लोग इस उम्मीद के साथ अपनी जिम्मेदारी को निभाएंगे।

वर्ष 2011 लेखा पेशे के लिए एक विख्यात वर्ष होगा। भारत आईएफआरएस के पूरी तरह अनुकूल लेखा मानकों के निर्माण पर जोर देगा। यह बदलाव अकाउंटिंग पेशे के लिए एक नए युग की शुरुआत होगा। इस पेशे के सदस्यों के लिए यह दुनिया को अपनी क्षमता एवं योग्यता दिखाने का अवसर है। यह भारतीय अकाउंटेंटों के लिए अपनी सेवाओं के निर्यात के लिए एक आकर्षक अवसर पैदा करेगा। उन्हें इस अवसर का लाभ उठाने के लिए स्वयं को पूरी तरह तैयार कर लेना चाहिए।

हालांकि इस पेशे की परिभाषा पर पूरी तरह सहमति कायम नहीं है, लेकिन मैं ऑस्ट्रेलियन काउंसिल ऑफ प्रोफेशंस (प्रोफेशंस आस्ट्रेलिया) द्वारा मुहैया कराई गई परिभाषा के संदर्भ में लेखा पेशे के लोगों का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। इसने इस पेशे की परिभाषा इस तरह से दी है, 'यह उन लोगों का अनुशासित समूह है जो उच्च नैतिक मानकों का पालन करता है और स्वयं को उनके अनुसार बनाए रखता है। यह उच्च स्तर पर शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त लोगों की एक मान्यताप्राप्त एवं संगठित संस्था है। मैं इस परिभाषा को पसंद करता हूं, क्योंकि इसमें इस पेशे के प्रति सामाजिक अपेक्षाओं का ध्यान रखा गया है। यह क्षमता, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी पर केंद्रित है। कभी कभी हम नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी से ध्यान हटा लेते हैं और सिर्फ क्षमता पर ही जोर देते हैं। यह परिभाषा हमें अपना ध्यान नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी दोनों पर समान रूप से बनाए रखने के लिए प्रेरित करती है। लेखा पेशे से जुड़े हर सदस्य को इस परिभाषा के संदर्भ में पेशेवर जिम्मेदारी के प्रति अपने दृष्टिïकोण का आकलन करना चाहिए।

Keyword: Audit, accounting, India,
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