बिजनेस स्टैंडर्ड - चुनौतियों से निपटने को तैयार भारी उपकरण निर्माता
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, October 19, 2021 12:56 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम कंपनिया खबर

चुनौतियों से निपटने को तैयार भारी उपकरण निर्माता
परमाणु दायित्व विधेयक स्वीकृत होने से बढ़ा उत्साह
पी बी जयकुमार / मुंबई August 30, 2010

परमाणु क्षमता वृद्धि कार्यक्रम के तहत भारत सरकार द्वारा परमाणु दायित्व विधेयक को स्वीकृति दिए जाने के बाद भारी इंजीनियरिंग उपकरणों की आपूर्ति करने वाली कंपनियां भारत हैवी इंजीनियरिंग ऐंड इलेक्ट्रिकल्स  लिमिटेड (बीएचईएल), लार्सन ऐंड टुब्रो (एल ऐंड टी) और भारत फोर्ज लिमिटेड भी पूरे जोश में दिख रही हैं।

ये कंपनियां भविष्य में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वर्ष 2020 तक भारत की 25,000 मेगावाट अतिरिक्त परमाणु बिजली उत्पादन शुरू करने की योजना है। आंशिक रूप से इसमें स्वदेशी तकनीक के माध्यम से संचालित रिएक्टरों में 7,000 मेगावाट की क्षमता जोड़ी जाएगी और शेष क्षमता रूस, फ्रांस और अमेरिका से हस्तांतरित तकनीक के माध्यम से जोड़ी जाएगी।

आपूर्तिकर्ता के दायित्व के मसले को छोड़ दें तो घरेलू निजी और सरकारी कंपनियों ने पिछले कुछ सालों में संयुक्त उपक्रम के माध्यम से इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की अभियांत्रिकी कंपनी एल ऐंड टी के सीनियर एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसीडेंट (भारी उपकरण) और पूर्णकालिक निदेशक के वी कोटवाल ने बताया कि कंपनी को अगले 3 सालों तक प्रति वर्ष 1.5 से 2 अरब डॉलर की आय होने का अनुमान है।

इसी प्रकार, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी बीएचईएल को भी परमाणु क्षेत्र से राजस्व बढऩे का अनुमान है। नाम का खुलासा नहीं करने की शर्त पर कंपनी के एक अधिकारी ने कहा कि कंपनी के तापीय, जलविद्युत और गैस आधारित बिजली उत्पादन में पहले से सक्रिय होने के कारण इससे मिलने वाला राजस्व बहुत अधिक नहीं होगा।

एल ऐंड टी ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में पहले ही काम शुरू कर दिया है और काफी निवेश भी करने की योजना है। कंपनी के प्रबंध निदेशक और चेयरमैन ए एम नाइक ने पिछले सप्ताह अपने शेयर धारकों को बताया कि कंपनी न्यूक्लियर आइसलैंंड की स्थापना का कार्य पूरा कर लिया है।

एल ऐंड टी ने 4 बड़ी रिएक्टर निर्माता कंपनियों के साथ भी करार किया है। इनमें अमेरिका की जीई हितैची और तोशिबा वेस्टिंगहाउस, रूस की ऐटमस्ट्रॉयएक्सपोर्ट, कनाडा की एटॉमिक एनर्जी शामिल हैं। कंपनी ने लाइट वाटर रिएक्टर्स और परमाणु उपकरण लगाने, अभियांत्रिकी सेवाएं, सहयोग और प्रबंधन के लिए रॉल्स रायस के साथ करार किया है।

भारत की 2032 तक 700 मेगावाट के 8 हेवी वाटर रिएक्टर, 500 मेगावाट के 3 फास्ट ब्रीडर रिएक्टर, 300 मेगावाट का एडवांस हेवी वाटर का 1 रिएक्टर और  1,000 मेगावाट के 10 लाइट वाटर रिएक्टर स्थापित करने की भी योजना है।बीएचईएल भारत के स्वदेशी परमाणु ऊर्जा कार्यक्रमों को 80 फीसदी उपकरणों की आपूर्ति करती है।

इसके अलावा कंपनी ने एनपीसीआईएल के तारापुर स्टेशन के लिए 540 मेगावॉट की टरबाइन और जनरेटर का निर्माण किया है। अब बीएचईएल काकरापार और रावतभाटा की 700 मेगावाट क्षमता की 2 इकाइयों के लिए कन्वेंशनल टरबाइन जनरेटर का निर्माण भी कर रही है। एल ऐंड टी और हिन्दुस्तान कन्स्ट्रक्शन कंपनी (एचसीसी) भी 2 संयंत्रों के लिए ईपीसी करार कर रही हैं।

Keyword: Nuclear Liability Bill, BHEL, L&T,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या बाजार में तेजी का सिलसिला अभी बना रहेगा?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.