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जमीन के दम पर बुना जा रहा टेक्सटाइल में मुनाफे का कपड़ा
अपनी जमीन होल्डिंग और प्रमुख व्यवसाय में आ रहे सुधार की वजह से टेक्सटाइल कंपनियों की शेयर कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं
जितेंद्र कुमार गुप्ता /  August 29, 2010

नैशनल टेक्सटाइल कॉरपोरेशन (एनटीसी) द्वारा हाल ही में मुंबई में रियल एस्टेट सौदे और कुछ टेक्सटाइल कंपनियों द्वारा अपनी सरप्लस भूमि को विकसित किए जाने पर बाजार ने अच्छी प्रतिक्रिया दिखाई है। काफी सस्ती कीमतों पर खरीदी गई भूमि से मोटी रकम हासिल होने की उम्मीदों से हाल के समय में इन टेक्सटाइल कंपनियों की शेयर कीमतें काफी बढ़ी हैं।

भरत मिल्स और पोद्दार मिल्स की ताजा नीलामी को देखते हुए निवेशकों का यह उत्साह आश्चर्यजनक नहीं है। इस खरीद को औसतन 190 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की दर से आंका गया है जो उम्मीद की तुलना में काफी अधिक है। ध्यान देने की बात यह है कि इन टेक्सटाइल कंपनियों ने अपने प्रमुख व्यवसायों के प्रदर्शन में मजबूती दर्ज की है जिससे उन्हें काफी हद तक बढ़त मिली है।

यहां उन कुछ कंपनियों का ब्योरा पेश किया जा रहा है जो अपने स्वयं के मजबूत लैंड बैंक से लैस हैं और उन्होंने इसका बड़ा फायदा उठाने की योजना बनाई है।

अरविंद
मजबूत क्षमता, रिटेल आउटलेटों के विस्तार और रियल एस्टेट बिजनेस की बढ़ती भागीदारी की बदौलत अरविंद ने 2010-11 में 4,000 करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य रखा है। अरविंद के पास गुजरात के अहमदाबाद में लगभग 1,000 एकड़ भूमि है जिससे कुल राजस्व में अगले साल लगभग 250 करोड़ रुपये और 2012-13 में 500 करोड़ रुपये की भागीदारी की उम्मीद है।

कंपनी के प्रमुख व्यवसाय के लिए दृष्टिकोण में सुधार आ रहा है और विश्लेषकों को उम्मीद है कि अगले दो वर्षों के दौरान इसके टेक्सटाइल राजस्व में लगभग 15 फीसदी का इजाफा होगा। इस अवधि के दौरान अरविंद का शुद्घ लाभ 50 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़ कर दोगुना हो जाने की उम्मीद है।

बॉम्बे डाइंग
रियल एस्टेट खंड से बॉम्बे डाइंग का कारोबार पिछले साल की तुलना में 2009-10 में दोगुना बढ़ कर 561 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के पास मुंबई के वर्ली और वडाला में 64 एकड़ भूमि है। अब तक कंपनी 88 लाख वर्ग फुट भूमि में से 9 लाख वर्ग फुट की बिक्री कर चुकी है। यह भूमि अगले 5-6 वर्षों में विकसित की जाएगी। कंपनी का प्रमुख टेक्सटाइल और पॉलिस्टर व्यवसाय भी ठीक-ठाक चल रहा है।

हालांकि बाजार को कंपनी के टेक्सटाइल व्यवसाय के लिए अधिक अनुकूल नहीं माना जा रहा है। कंपनी 1775 करोड़ रुपये के भारी-भरकम कर्ज की चपेट में है। हालांकि कंपनी को उम्मीद है कि वह रियल एस्टेट बिजनेस से होने वाली कमाई की बदौलत अगले दो-तीन वर्षों में कर्ज से मुक्त हो जाएगी। इससे इसके मुनाफे में इजाफा हो सकता है। इसकी लगभग 4300 करोड़ रुपये की उद्यम वैल्यू और इसके लैंड बैंक की संभावित कीमत को देखते हुए कंपनी की स्थिति में सुधार आने की संभावना है।

सेंचुरी टेक्सटाइल्स
वस्त्र, सीमेंट और कागज व्यवसाय में सक्रिय सेंचुरी टेक्सटाइल्स के पास मुंबई के वर्ली में लगभग 40 एकड़ भूमि है और इस पर निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। इसमें से लगभग 30 एकड़ भूमि (10 एकड़ भूमि पर विवाद चल रहा है) की कीमत इसकी 8,000 करोड़ रुपये की मौजूदा उद्यम कीमत की तुलना में लगभग 3,000 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसने वर्ली में अपने कार्यालय भवन पर निर्माण कार्य शुरू किया। यह 400,000 वर्ग फुट का बिक्री योग्य एरिया है जिसे हॉस्पिटैलिटी और आईटी कंपनियों को लीज पर दिया जाएगा।

कंपनी के टेक्सटाइल एवं पेपर बिजनेस के लिए भी व्यावसायिक माहौल में सुधार आ रहा है जबकि मार्जिन के संदर्भ में सीमेंट व्यवसाय पर दबाव बना रह सकता है। इसके कुल राजस्व में सीमेंट व्यवसाय की भागीदारी लगभग 60 फीसदी की है। विशेष कर, सीमेंट, टेक्सटाइल और पेपर सेगमेंट में विस्तार योजनाओं पर काम चल रहा है और इससे भविष्य में कंपनी की विकास रफ्तार को बरकरार रखने में मदद मिल सकती है। गिरावट पर इस शेयर को खरीदा जा सकता है।

रेमंड
फैब्रिक और परिधान व्यवसाय में प्रमुख रूप से सक्रिय रेमंड की ठाणे में कुल 120 एकड़ भूमि है। 20 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की दर से भी कंपनी की कुल भूमि का आकलन लगभग 2500 करोड़ रुपये के आसपास है। कंपनी पार्क एवेन्यू, रेमंड, पाक्र्स और कलरप्लस जैसे मजबूत ब्रांडों से लैस है। शुरू में कंपनी ने विकास के पहले चरण के लिए सिर्फ लगभग 20 एकड़ भूमि का चयन किया है, लेकिन इसे लेकर उसे सरकार और श्रमिकों की ओर से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

कंपनी के टेक्सटाइल व्यवसाय में बदलाव आ रहा है। इसका नुकसान 80 फीसदी घट कर 2009-10 में 50 करोड़ रुपये रह गया था। कंपनी को उम्मीद है कि अगले दो वर्षों के दौरान सुधरती मांग और क्षमता विस्तार की वजह से वह अच्छा प्रदर्शन करेगी। कंपनी को रिटेल नेटवर्क के भी मजबूत होने की उम्मीद है।

Keyword: Land, Taxtile, Arvind, Raymonds,
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